कैदी की मां को था भरोसा कि मेरा बेटा कातिल नहीं है, मरी हुई लड़की को जिंदा ढूंढ निकाला!
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कैदी की मां को था भरोसा कि मेरा बेटा कातिल नहीं है, मरी हुई लड़की को जिंदा ढूंढ निकाला!

 Murdered woman found alive at Hatras Uttar Pradesh: उत्तर प्रदेश के हाथरस की यह घटना किसी फिल्मी कहानी जैसी है. यहां एक लड़का पड़ोस की लड़की की हत्या के जुर्म में जेल में सजा काट रहा था, लेकिन उसकी मां को भरोसा था कि उसका बेटा किसी का कत्ल नहीं कर सकता है. इसलिए उसने मरी हुई लड़की को जिंदा ढूंढ निकाला 

अलामती तस्वीर

मुजफ्फरनगरः उत्तर प्रदेश के हरथरस से एक ऐसी घटना सामने आई है, जो किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है. यहां सात साल पहले एक शख्स जिस लड़की की हत्या के जुर्म में जेल गया था और सजा काट रहा था, वह लड़की अपने पति और दो बच्चों के साथ जिंदा पाई गई है. यह मामला तब सामने आया जब आरोपी शख्स की मां ने खुद इस केस की जांच की और उस महिला को ढूंढ निकाला, क्योंकि आरोपी की मां को अपने बेटे के बेगुनाह होने का न सिर्फ पूरा भरोसा था बल्कि उसका पुलिस और न्याय व्यवस्था से भरोसा भी उठ चुका था. इस घटना के सामने आने के बाद पुलिस ने जिंदा पाई गई महिला को गिरफ्तार कर लिया है और जांच के लिए उसके डीएनए का नमूना लेने पर विचार कर रही है.

गायब हुई लड़की की मिली थी लाश, पड़ोसी को भेजा था जेल 
पुलिस के मुताबिक, यह मामला 17 फरवरी, 2015 का है. उस वक्त लड़की 10वीं कक्षा की छात्रा थी और एक दिन वह कथित तौर पर लापता हो गई थी. उसके माता-पिता ने गोंडा थाने में अपनी बेटी की गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई थी. कुछ दिनों बाद आगरा में एक लड़की की लावारिस लाश बरामद की गई. लड़की के पिता ने वहां जाकर उसके कपड़ों के आधार पर उस लावारिस लाश की शिनाख्त अपनी बेटी के तौर पर की थी. इसके बाद लड़की के पिता ने अपने एक पड़ोसी के खिलाफ अपनी बेटी के अपहरण और हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था. बाद में पुलिस ने उस आरोपी शख्स को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था. गिरफ्तारी के वक्त आरोपी की उम्र सिर्फ 18 साल थी और वह भी एक स्कूल का छात्र था. कुछ साल बाद उसे जमानत पर रिहा कर दिया गया, और उसपर मुकदमा चलाया गया. लेकिन आरोपी अपने केस की सुनवाई में नियमित तौर पर पेश नहीं होता था, इसलिए कोर्ट ने उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी कर दिया और उसे फिर से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया.

आरोपी की मां को पागल समझने लगे थे लोग 
आरोपी शख्स की मां ने कहा, “मैं हमेशा मानती थी कि मेरे बेटे ने किसी की हत्या नहीं की है बल्कि उसे एक झूठे मामले में फंसाया गया है. मैं अपने सभी परिचितों से उस लड़की के बारे में पूछती रही कि क्या किसी ने उसे कहीं देखा है?’’ आरोपी की मां के पास उस लड़की की एक तस्वीर थी, जिसे लेकर वह लोगों से उसके बारे में पूछती रहती थी. यहां तक कि आरोपी की मां को कुछ लोग पागल तक समझने लगे थे. लोगों को लगा के बेटे के जेल जाने के बाद उसका मानसिक संतुलन बिगड़ गया है, इसलिए जिस लड़की की हत्या उसके बेटे ने ही कर दी थी, उसी की तस्वीर लेकर वह उसकी तलाश करती रहती है. 

...जो अपराध उसने कभी किया ही नहीं था
आरोपी की मां ने बताया, ’’कुछ दिन पहले, जब एक धार्मिक गुरु वृंदावन में प्रवचन दे रहे थे, तो उन्होंने उस लड़की को वहां बैठे हुए देखा और तुरंत उसे पहचान लिया. वह भी उसी गुरु की अनुयायी थी और वहां कार्यक्रम में शामिल होने आई थी. पूछताछ करने पर उसने बताया कि वह हाथरस में अपने परिवार के साथ रह रही है.“ आरोपी की मां ने कहा, ’’लड़की की पहचान करने के बाद मैं पुलिस के पास गई और उन्हें उसके ठिकाने के बारे में बताया. मुझे अब पूरी उम्मीद है कि अधिकारी तेजी से कार्रवाई कर उस लड़की को गिरफ्तार करेंगे और और मेरे बेटे को उस अपराध से मुक्त कर उसे जेल से रिहा करेंगे, जो अपराध उसने कभी किया ही नहीं था.“

डीएनए जांच से खुलेगा राज 
पुलिस उपाधीक्षक राघवेंद्र सिंह ने कहा, “लड़की को एक स्थानीय अदालत में पेश किया गया है, और अदालत से आदेश मिलने के बाद, हमने उसकी पहचान का पता लगाने के लिए डीएनए प्रोफाइलिंग की प्रक्रिया शुरू कर दी है. उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.“

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