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भारतीय कुश्ती महासंघ के पहलवान एक बार फिर दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरने पर बैठ गए हैं. उनका इल्जाम है कि उनके साथ गलत व्यवहार किया जा रहा है. उनका कहना है कि वह चाहते थे कि गलत हाथों से निकाल कर संघ को सही हाथों में किया जाए लेकिन उनके साथ ऐसे हालात पैदा किए जा रहे हैं कि वह खुद ही संघ छोड़ दें. उन्होंने पुलिस पुलिस वालों पर भी धक्का मुक्की करने का इल्जाम लगाया है.
कुश्ती महासंघ के पहलवानों का प्लान जंतर मंतर पर रुकने का था. बताया गया कि पुलिस उन्हें वहां से नहीं हटाएगी. सुप्रीम कोर्ट के आदेश न मानने पर पुलिस मुकदमा दर्ज कर सकती है लेकिन रेसलर्स को जबरन जंतर-मंतर से उठाने का पुलिक का इरादा नहीं है.
तकरीबन तीन महीने पहले कई पहलनवानों ने भारतीय कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष ब्रजभूषण शरण सिंह पर शोषण करने का इल्जाम लगाया था. जिन लोगों ने शोषण का इल्जाम लगाया था उसमें विनेश फोगाट, साक्षी मलिक और बजरंग पूनिया समेत कई पहलवान शामिल थे. जब कई दिन गुजर जाने के पर भी इस पर कार्रवाई नहीं हुई तो रविवार को एक बार फिर पहलवानों ने संघ के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है.
बीते कल यानी रविवार को पहलवानों ने एक प्रेस कांफ्रेंस की. इसमें पहलवानों ने बताया कि उन्हें अब तक न्याय नहीं मिला है. 7 लड़कियों ने शोषण के खिलाफ शिकायत की है. बताया जाता है कि इन शिकायतों पर अभी तक FIR दर्ज नहीं हुई है.
जंतर मंतर पर बैठे पहलवानों ने पुलिस पर भी इल्जाम लगाया है. पहलवान विनेश फोगाट का इल्जाम है कि पुलिस ने उनके साथ धक्का मुक्की की है. उन्होंने कहा कि धरने पर उनके पास खानी पानी नहीं आने दिया जा रहा है.
इससे पहले विनेश फोगाट, साक्षी मलिक और बजरंग पूनिया ने कहा कि जब तक उन्हें न्यान नहीं मिलेगा वह यहीं धरने पर बैठे रहेंगे. साक्षी मलिक के मुताबिक 7 महिला पहलवाने ने शिकयत दी है लेकिन कोई भी FIR दर्ज नहीं हुई है.
पहलवानों का इल्जाम है कि इस मामले में जांच कमेटी बिठाई गई थी. लेकिन कमेटी ने क्या जांच की इसका कुछ पता नहीं चल पाया. इसका क्या नतीजा आया यह भी सामने नहीं आ पाया है. साक्षी मलिक ने इल्जाम लगाया कि लड़कियों के साथ हरासमेंट किया जा रहा है जो काफी सेंसिटिव मामला है. जब हम सुरक्षित नहीं हैं तो कौन सुरक्षित है.
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