कश्मीर पर तुर्की सद्र के बयान पर हिंदुस्तान ने ज़ाहिर किया ऐतराज़, कहा अंदरूनी मामलों में न दें दख़ल

दो रोज़ा दौरे पर यहां पहुंचे एर्दोआन ने पाकिस्तान की पार्लियामेंट के मुश्तरका इजलास को खिताब करते हुए ऐलान किया कि तुर्की इस हफ्ते पेरिस में एफएटीएफ (Financial Action Task Force) की ग्रे फहरिस्त से बाहर होने की पाकिस्तान के कोशिशों की हिमायत करेगा

कश्मीर पर तुर्की सद्र के बयान पर हिंदुस्तान ने ज़ाहिर किया ऐतराज़, कहा अंदरूनी मामलों में न दें दख़ल
फाइल फोटो...

नई दिल्ली: पाकिस्तान दौरे पर आए तुर्की के सद्र रजब तैयब एर्दोआन ने जुमा (14 फरवरी) को भारत के ऐतराज़ के बावजूद एक बार फिर कश्मीर मुद्दा उठाया और भारत के खिलाफ़ ज़हर उगलते हुए कहा कि उनका मुल्क इस मामले में पाकिस्तान के रुख़ की हिमायत करेगा क्योंकि यह दोनों मुमालिक से जुड़ा मोज़ू है, जिस पर हिंदुस्तान ने सख्त ऐतराज़ का इज़हार किया है. 

दो रोज़ा दौरे पर यहां पहुंचे एर्दोआन ने पाकिस्तान की पार्लियामेंट के मुश्तरका इजलास को खिताब करते हुए ऐलान किया कि तुर्की इस हफ्ते पेरिस में एफएटीएफ (Financial Action Task Force) की ग्रे फहरिस्त से बाहर होने की पाकिस्तान के कोशिशों की हिमायत करेगा.

उन्होंने पिछले साल अगस्त में जम्मू कश्मीर से दफ़ा 370 मंसूख़ करने के भारत के फैसले पर कहा कि हमारे कश्मीरी भाइयों-बहनों ने दहाइयों तक परेशानियां झेली हैं और हाल के वक्त में उठाए गए एकतरफा इक़दामात की वजह से मसायल में मज़ीद इज़ाफ़ा गया है. उन्होंने मज़ीद कहा कि आज कश्मीर का मुद्दा हमारे उतना ही क़रीब है जितना आपके (पाकिस्तान के) और तुर्की कश्मीर मुद्दे के हल के लिए इंसाफ, अमल और बात-चीत के साथ खड़ा रहेगा.

तुर्की सद्र के इस रवैये पर हिंदुस्तान ने सख्त सख्त ऐतराज़ ज़ाहिर करते हुए कहा कि हम तुर्की क़यादत से हिंदुस्तान के अंदरूनी मामलों में दख़ल न देने और हकायक को सही समझने की गुज़ारिश करते हैं, जिसमें पाकिस्तान से भारत और इलाक़े में दहशतगर्दी से फैलने वाला संगीन खतरा भी शामिल है. वज़ारते खारजा ने मज़ीद कहा, जम्मू और कश्मीर हिंदुस्तान का का अटूट हिस्सा है.