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यरुशलमः इजरायल के यरुशलम शहर में बुधवार को दो अलग-अलग बस स्टॉप पर हुए दो बम धमाकों में एक शख्स की मौत हो गई, जबकि लगभग दो दर्जन लोग इस हमले में घायल हो गए. इजराइली पुलिस और बचाव कर्मियों ने कहा कि यह आतंकी हमला हो सकता है. पहला धमाका सुबह सात बजे के कुछ ही देर बाद यरुशलम के प्रवेश द्वार के पास गिवत शॉल में हुआ. धमाका ऐसे वक्त हुआ जब कर्मचारी अपने काम पर और छात्र स्कूल और कॉलेज जाने के लिए अपने-अपने रास्ते में थे.
हमले के बाद यरुशलम की तरफ जाने वाले मुख्य मार्ग को बंद कर दिया गया है, और पुलिस ने तलाशी अभियान शुरू किया है. हमले के बाद रक्षा मंत्री बेनी गैंट्ज ने शिन बेट सुरक्षा एजेंसी के प्रमुख, उप सेना प्रमुख और अन्य वरिष्ठ सैन्य और पुलिस अफसरों के साथ घटना की समीक्षा की है. प्रधानमंत्री याइर लापिद के दिन में अलग से एक सुरक्षा बैठक करने की उम्मीद है.
रिमोट कंट्रोल से किया गया धमाका
अफसरों ने बताया कि इस धमाके में बस स्टॉप पर मौजूद 17 लोग घायल हो गए, जिनमें से चार की हालत गंभीर बताई जा रही है. अधिकारियों ने कहा कि घायलों में से एक की बाद में शारे जेदक मेडिकल सेंटर में इलाज के दौरान मौत हो गई. दूसरा धमाका यरुशलम रामोत में एक बस स्टॉप पर सुबह साढ़े सात बजे के बाद हुआ था. यहां सुबह में काफी भीड़ होती है. इस धमाके में चार लोग घायल हुए हैं. पुलिस ने कहा कि विस्फोटक सामग्री के साथ कीलों को रखा गया था और धमाकों को समान रिमोट उपकरणों द्वारा नियंत्रित किया गया था.
यह आतंकी हमले जैसा हैः इजराइल पुलिस
इजराइल के पुलिस आयुक्त कोबी शब्ताई ने कहा, “यह हमले की ऐसी कार्य योजना थी जिसे हमनें कई सालों से नहीं देखा है. यह आतंकी हमले जैसा है. इन हमलों की तत्काल किसी ने जिम्मेदारी नहीं ली है, हालांकि हमास आतंकी समूह ने इन दोहरे धमाकों की तारीफ की है.’’
विरोध के रास्ते पर डटे रहेंगः हमास
हमास के प्रवक्ता मोहम्मत हमादा ने एक बयान में कहा, “कार्रवाई ने कब्जा करने वालों को संदेश दिया है कि हमारे लोग अपनी जमीन पर मजबूती से खड़े रहेंगे और विरोध के रास्ते पर डटे रहेंगे.”
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