दिवाली गिफ्ट! EMI छूट न लेने वालों को बैंक 5 नवंबर तक देंगे कैशबैक

लॉकडाउन (lockdown) में लागू मोराटोरियम (moratorium) के दौरान जिन कर्जदारों ने अपने लोन की EMI वक्त पर चुकाई है, सरकार ने उन्हें कैशबैक (cashback) देने का ऐलान किया है. सरकार की ओर से ब्याज पर ब्याज माफी योजना का नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया है.

दिवाली गिफ्ट! EMI छूट न लेने वालों को बैंक 5 नवंबर तक देंगे कैशबैक

नई दिल्ली: लॉकडाउन (lockdown) में लागू मोराटोरियम (moratorium) के दौरान जिन कर्जदारों ने अपने लोन की EMI वक्त पर चुकाई है, सरकार ने उन्हें कैशबैक (cashback) देने का ऐलान किया है. सरकार की ओर से ब्याज पर ब्याज माफी योजना का नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया है. इस नोटिफिकेशन के मुताबिक केंद्र सरकार खुद मोराटोरियम अवधि के दौरान ब्याज पर ब्याज का भुगतान करेगी. 

5 नवंबर तक खाते में 'कैशबैक' की रकम

नोटिफिकेशन के मुताबिक सभी बैंक्स और NBFCs ये रकम कर्जदारों के खातों में 5 नवंबर तक ट्रांसफर कर देंगे. ये फायदा उन कर्जदारों को मिलेगा जिन्होंने वित्तीय संस्थानों से 2 करोड़ रुपये तक का लोन लिया है. इस स्कीम का फायदा 8 सेक्टर्स को मिलेगा जिसमें होम लोन, एजुकेशन लोन, MSME लोन, कंज्यूमर ड्यूरेबल लोन, पर्सनल लोन, प्रोफेशनल लोन, ऑटो लोन और क्रेडिट कार्ड के बकाया भुगतान शामिल है.

हर कर्जदार को मिलेगा कैशबैक का फायदा 

सरकार ने बताया है कि अगर किसी कर्जदार ने मोराटोरियम का लाभ नहीं उठाया और अपनी सभी किस्तों का भुगतान समय पर किया है तो बैंक से उन्हें कैशबैक मिलेगा. इस स्कीम के तहत ऐसे कर्जदारों को 6 महीने ( 1 मार्च से लेकर 31 अगस्त) के सिंपल और कम्पाउंड इंट्रेस्ट में अंतर का फायदा मिलेगा.

मोराटोरियम नहीं लेने वालों की EMI में से ब्याज की रकम को घटा दिया जाएगा. जिससे EMI भी घट जाएगी. ये कैशबैक की रकम हर कर्जदार को मिलेगी चाहे उसने मोराटोरियम का फायदा आंशिक रूप से उठाया है या पूरी तरह से उठाया है या फिर उठाया ही नहीं है. 

29 फरवरी तक लोन NPA नहीं होना चाहिए

14 अक्टूबर को हुई सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से कहा था कि आम लोगों की दिवाली अब सरकार के हाथों में है. मंत्रालय के दिशानिर्देशों के अनुसार , 'जिन कर्जदारों के लोन अकाउंट की मंजूर सीमा या कुल बकाया राशि 29 फरवरी तक दो करोड़ रुपये से ज्यादा नहीं है, वो सभी कर्जदार योजना का फायदा उठा सकेंगे.

दूसरी शर्त ये कि 29 फरवरी तक इन खातों का मानक (Standard) होना अनिवार्य है. मानक खाता उन खातों को कहा जाता है, जिन्हें NPA नहीं घोषित किया गया हो. मतलब अगर वो खाते NPA घोषित हो गए तो ब्याज पर ब्याज का फायदा नहीं मिलेगा.

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