close

खास खबरें सिर्फ आपके लिए...हम खासतौर से आपके लिए कुछ चुनिंदा खबरें लाए हैं. इन्हें सीधे अपने मेलबाक्स में प्राप्त करें.

वित्त वर्ष 2019 की आखिरी तिमाही में कोल इंडिया की कमाई में 400 फीसदी की बढ़ोतरी

मार्च 2019 में समाप्त तिमाही में लाभ चार गुना से अधिक बढ़कर 6,024.2 करोड़ रुपये हो गया. इससे पिछले वित्त वर्ष 2017-18 की जनवरी-मार्च अवधि में कंपनी को 1302.63 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था. 

वित्त वर्ष 2019 की आखिरी तिमाही में कोल इंडिया की कमाई में 400 फीसदी की बढ़ोतरी
अधिक बिक्री और कम व्यय के चलते कंपनी का मुनाफा बढ़ा है. कोल इंडिया ने गुरुवार को यह जानकारी दी. (फाइल)

नई दिल्ली: सार्वजनिक क्षेत्र की दिग्गज खनन कंपनी कोल इंडिया का एकीकृत शुद्ध लाभ मार्च 2019 में समाप्त तिमाही में चार गुना से अधिक बढ़कर 6,024.2 करोड़ रुपये हो गया. अधिक बिक्री और कम व्यय के चलते कंपनी का मुनाफा बढ़ा है. कोल इंडिया ने गुरुवार को यह जानकारी दी. इससे पिछले वित्त वर्ष 2017-18 की जनवरी - मार्च अवधि में कंपनी को 1302.63 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था. कंपनी के कर्मचारियों के लाभ पर आने वाली लागत में तेज गिरावट और बिक्री एवं लागत प्रबंधन में सुधार से मुनाफे में 362 प्रतिशत की छलांग संभव हो पाई है. 

कोल इंडिया ने बंबई शेयर बाजार को दी सूचना में कहा कि समीक्षाधीन अवधि में कंपनी की बिक्री 7.9 प्रतिशत बढ़कर 26,704.27 करोड़ रुपये रही , जो कि 2017-18 की मार्च तिमाही में 24,747.10 करोड़ रुपये थी. इस दौरान, कंपनी का कुल व्यय 2018-19 की चौथी तिमाही में गिरकर 21,473.1 करोड़ रुपये रहा. वर्ष 2017-18 की इसी तिमाही में उसका व्यय 27,396.5 करोड़ रुपये रहा था. 

पूरे वित्त वर्ष में लाभ 148 फीसदी बढ़ा
पूरे वित्त वर्ष 2018-19 में, कंपनी का शुद्ध लाभ (कर बाद मुनाफा) 148 प्रतिशत बढ़कर 17,462.18 करोड़ रुपये रहा. वर्ष 2017-18 में कंपनी का मुनाफा 7,038.44 करोड़ रुपये था. वहीं, वर्ष के दौरान कंपनी की एकीकृत बिक्री 92,896.08 करोड़ रुपये रही , एक साल पहले उसकी एकीकृत बिक्री 82,487.93 करोड़ रुपये थी. 

पूरे वर्ष का कोयला उत्पादन 60.68 करोड़ टन रहा
कंपनी ने एक अलग नियामकीय जानकारी में कहा कि पूरे वित्त वर्ष के लिए कंपनी का कोयला उत्पादन 60.68 करोड़ टन रहा, 2017-18 में उसका उत्पादन 56.73 करोड़ टन रहा था. तिमाही के लिए कर्मचारी लाभ लागत 35 प्रतिशत घटकर 10,700 करोड़ रुपये रहा, जो कि एक साल पहले की इसी अवधि में 16,651 करोड़ रुपये था.