PMC बैंक से एक लाख रुपए तक निकाल सकते हैं उपभोक्ता: निर्मला सीतारमण

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने राज्य सभा में लिखित बयान देकर कहा है कि उपभोक्ता पीएमसी बैंक (PMC Bank) से 1 लाख रुपये तक निकाल सकते हैं. वित्त मंत्री के मुताबिक अगर कोई ग्राहक मेडिकल, शिक्षा, मैरिज, रोज़ी रोटी चलाने के लिए पैसा चाहता है तो 1 लाख रुपए तक निकाल सकता है. पीएमसी बैंक (PMC Bank) के ग्राहक फिलहाल साधारण परिस्थितियों में 50,000 रुपये तक निकाल सकते हैं. करीब 78% ग्राहकों को इस सीलिंग से ये लाभ हुआ कि उनका पैसा 50,000 से कम ही है.

PMC बैंक से एक लाख रुपए तक निकाल सकते हैं उपभोक्ता: निर्मला सीतारमण
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पीएमसी बैंक को लेकर राज्यसभा में दिया बयान.

नई दिल्ली: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने राज्य सभा में लिखित बयान देकर कहा है कि उपभोक्ता पीएमसी बैंक (PMC Bank) से 1 लाख रुपये तक निकाल सकते हैं. वित्त मंत्री के मुताबिक अगर कोई ग्राहक मेडिकल, शिक्षा, मैरिज, रोज़ी रोटी चलाने के लिए पैसा चाहता है तो 1 लाख रुपए तक निकाल सकता है. पीएमसी बैंक (PMC Bank) के ग्राहक फिलहाल साधारण परिस्थितियों में 50,000 रुपये तक निकाल सकते हैं. करीब 78% ग्राहकों को इस सीलिंग से ये लाभ हुआ कि उनका पैसा 50,000 से कम ही है.

RBI की पड़ताल में ये बात सामने आई है कि PMC bank ने 6,226 करोड़ रुपए HDIL को दिये थे, जिसमें से 439 करोड़ रुपए की ही जानकारी RBI को दी थी, बाकी छुपा लिया था. फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है.

पीएमसी बैंक (PMC Bank) के उपभोक्ताओं के बीमा पर आरबीआई, केंद्र से जवाब तलब
उधर, दिल्ली हाईकोर्ट ने शुक्रवार को एक याचिका पर केंद्र सरकार, भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) व अन्य से जवाब दाखिल करने को कहा है. इस याचिका में कुछ पहलुओं के निवारण के लिए निर्देश देने की मांग की गई है, जिसके तहत पंजाब एंड महाराष्ट्र को-ऑपरेटिव (पीएमसी) के जमाकर्ताओं के धन का बीमा करना व जमा किए गए धन की सुरक्षा के लिए दिशा निर्देश तैयार करना शामिल है. मुख्य न्यायाधीश डी.एन. पटेल व न्यायमूर्ति सी. हरि शंकर की खंडपीठ ने केंद्र व आरबीआई को एक नोटिस जारी की. खंडपीठ ने मामले की अगली सुनवाई 22 जनवरी को तय कर दी.

कोर्ट एक जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही है, जिसे दिल्ली के सामाजिक कार्यकर्ता बेजोन कुमार मिश्रा ने दायर किया है. अपनी याचिका में बेजोन ने बैंको बैंकों को नियंत्रित करने और को-ऑपरेटिव बैंकों के संपूर्ण कामकाज को देखने के लिए एक हाई-पॉवर कमेटी गठित करने की मांग की.

उन्होंने विभिन्न को-ऑपरेटिक बैंकों सहित राष्ट्रीयकृत बैंकों में जमा धन पर 100 फीसदी बीमा कवरेज देने की मांग की. उन्होंने जिक्र किया कि डिपॉजिट इंश्योरेंट एंड क्रेडिट गारंटी कॉरपोरेशन (डीआईसीजीसी) सभी प्रकार के डिपॉजिट पर 100 फीसदी बीमा नहीं प्रदान करता जैसे बचत जमा पर. डीआईसीजीसी, भारतीय रिजर्व बैंक की सहायक है.

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