नए साल पर रिजर्व बैंक की तरफ से जानिए क्या मिली बड़ी सौगात

रिजर्व बैंक के नए नियम के मुताबिक प्रीपेड पेमेंट इंस्ट्रूमेंट (PPI) के लिए केवाईसी करवाने की जरूरत नहीं.

नए साल पर रिजर्व बैंक की तरफ से जानिए क्या मिली बड़ी सौगात
(प्रतीकात्मक फोटो)

नई दिल्ली: रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने मोबाइल वॉलेट से पेमेंट करने वाले ग्राहकों के लिए केवाईसी (KYC) करवाने की शर्त को खत्म कर दिया है. रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के नए निर्देश के मुताबिक जो लोग मोबाइल वॉलेट जैसे पेटीएम (Paytm), फोनपे (Phonepe) और ओलामनी (Ola Money) आदि से एक महीने में 10 हजार रुपए से कम पेमेंट करते हैं, उन्हें फुल केवाईसी करवाने की जरूरत नहीं है. इससे पहले मोबाइल वॉलेट इस्तेमाल करने वाले ग्राहकों को 31 मार्च 2020 तक फुल केवाईसी करवानी थी वर्ना उनका मोबाइल वॉलेट अकांउट बंद हो जाता.

रिजर्व बैंक के नए नियम के मुताबिक प्रीपेड पेमेंट इंस्ट्रूमेंट (PPI) के लिए केवाईसी करवाने की जरूरत नहीं है. अब अगर आप एक महीने में 10 हजार रूपए तक रिटेल भुगतान करते हैं तो फुल केवाईसी की कोई जरूरत नहीं होगी केवल सेल्फ डिक्लेरेशन करना होगा. इसके अलावा मोबाइल पर आने वाले ओटीपी के माध्यम से मोबाइल वॉलेट की सर्विस जारी रहेगी. लेकिन ये नई सुविधा केवल रिटेल भुगतान करने के लिए ही मिली है. मोबाइल वॉलेट की फुल केवाईसी किए बिना PPI वॉलेट के जरिए बैंक ट्रांसफर नहीं होगा.

आपको बता दें कि रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के इस फैसले के पीछे ये वजह मानी जा रही है कि अगर 31 मार्च 2020 को केवाईसी करवाने की आखिरी डेट ही रहती तो केवाईसी पूरी ना कर पाने के चलते करोड़ों मोबाइल वॉलेट अकांउट बंद होने वाले थे और प्राइवेट कंपनियों के लिए ग्राहकों की फिजिकल केवाईसी कर पाना बहुत मुश्किल काम था.