Jio ने एयरटेल और वोडाफोन-Idea पर लगाया गलत आंकड़े पेश करने का आरोप, TRAI से की ये मांग

जियो ने भारती एयरटेल और वोडाफोन-आइडिया पर गलत आंकड़े पेश करने का आरोप लगाते हुए टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (TRAI) से कॉल कनेक्टिंग टाइम को जीरो कर देने की मांग की है.

Jio ने एयरटेल और वोडाफोन-Idea पर लगाया गलत आंकड़े पेश करने का आरोप, TRAI से की ये मांग
प्रतीकात्मक फोटो.

नई दिल्ली: दिग्गज टेलीकॉम कंपनियों रिलायंस जियो (Reliance Jio), भारती एयरटेल (Bharti Airtel) और वोडाफोन आइडिया (Vodafone Idea) के बीच तरकार खत्म होने का नाम नहीं ले रहा. अब कॉल कनेक्टिंग टाइम (Call Connecting Time) को लेकर जियो ने भारती एयरटेल और वोडाफोन-आइडिया पर गलत आंकड़े पेश करने का आरोप लगाते हुए टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (TRAI) से कॉल कनेक्टिंग टाइम को जीरो कर देने की मांग की है.

आपको बता दें कि भारती एयरटेल (Bharti Airtel) और वोडाफोन आइडिया (Vodafone Idea) ने हालही में अपने नेटवर्क से बाहर जाने वाली कॉल पर घंटी बजने का टाइम (Call Connecting Times) घटाकर 25 सेकेंड कर दिया है. दोनों कंपनियों की तरफ से यह फैसला रिलायंस जियो (Reliance Jio) के साथ बढ़ रहे कंप्टीशन के कारण लिया है. आमतौर पर कॉल आने के समय बजने वाले फोन की अवधि 35 से 40 सेकेंड तक होती है. दोनों कंपनियों की तरफ से उठाए गए इस कदम का मकसद कॉल जुड़े रहने के समय के अनुसार उसपर लगने वाले इंटरकनेक्ट यूज चार्ज (IUC) की लागत घटाना भी है. 

हालांकि, यह बात रिलायंस जियो को पसंद नहीं आई और उसने TRAI से दोनों कंपनियों की शिकायत करते हुए IUC को बिलकुल जीरो करदेने की मांग की है. जियो का कहना है कि एयरटेल और वोडाफोन-आईडिया TRAI और सरकार को मिसलीड कर रही हैं. शुक्रवार को जियो ने एयरटेल और वोडाफोन आईडिया पर आरोप लगाते हुए कहा कि दोनों कंपनियों ने 4G ट्रैफिक के गलत आंकड़े पेश किए. 

उधर, एयरटेल का कहना है कि उनका 4G ट्रैफिक 18% है जबकि जियो का मानना है कि 37% एक्चुअल फिगर है. वहीं वोडाफोन-आईडिया के मुताबिक उनका 4G ट्रैफिक 5% है. जबकि जियो के मुताबिक सही आंकड़े 27% हैं. जियो ने TRAI से कहा कि सारी कंपनियां तेजी से 4G नेटवर्क बढ़ा रही हैं ऐसे में IUC को बिल्कुल जीरो कर देना चाहिए. जियो ने ये भी कहा कि 2017 में कंपनी का इनकमिंग और आउटगोइंग रेश्यो 90:10 से 50:50 हो गया है.

आपको बता दें कि TRAI ने IUC को जीरो करने का प्लान साल 2014 में ही बना लिया था जिसे साल 2017 से लागू करना था. हालांकि यह अभी भी लागू नहीं किया जा सका है. इसकी आखिरी तारीख 1 जनवरी 2020 है. 

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