जूनियर ओवैसी ने लांघी भाषा की मर्यादा, CM योगी के पहनावे पर भी किया कमेंट

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और एआईएमआईएम के विधायक अकबरुद्दीन ओवैसी के बीच जबरदस्त जुबानी जंग देखने को मिली. जुबानी हमले के दौरान अकबरुद्दीन ओवैसी भाषा की मर्यादा लांघ गए. 

जूनियर ओवैसी ने लांघी भाषा की मर्यादा, CM योगी के पहनावे पर भी किया कमेंट
एआईएमआईएम के विधायक अकबरुद्दीन ओवैसी ने एक बार फिर से बीजेपी पर सख्त शब्दों में हमले किए हैं.

हैदराबाद: तेलंगाना विधानसभा चुनाव में वोटिंग की तारीख नजदीक आते ही नेताओं के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है. रविवार को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और एआईएमआईएम के विधायक अकबरुद्दीन ओवैसी के बीच जबरदस्त जुबानी जंग देखने को मिली. जुबानी हमले के दौरान अकबरुद्दीन ओवैसी भाषा की मर्यादा लांघ गए. उन्होंने योगी के कपड़ों पर कमेंट किया है. अकबरुद्दीन ओवैसी ने कहा, 'ये कैसे-कैसे कपड़े पहनते हैं और ये मुख्यमंत्री हैं. कहते हैं ओवैसी को भगा देंगे, तेरी औकात क्या है, ओवैसी की आने वाली हजार नस्लें भी यहां रहेंगी और तुझसे लड़ेंगी.' अकबरुद्दीन एआईएमआईएम के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के छोटे भाई हैं.

अकबरुद्दीन ओवैसी ने सीएम योगी और पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए कहा, 'सारी ताकत इनके साथ है, फिर भी वोट मांग रहे हैं. ये मुस्लिम ही है जिसके आगे चायवाला भी झुकने को मजबूर हो गए हैं. हिन्दी मीडिया कहती है कि भड़काऊ भाषण, जुबान से आग निकलती है, अरे ये आग नहीं है ये तकलीफ है ये दर्द है. शुक्रिया हिन्दी मीडिया, भाईजान बनने के लिए शुक्रिया.' उन्होंने आगे कहा, वीएचपी, आरएसएस, बजरंग दल, सबका भजन हुआ मोदी का योगी का सबका, सुनो मीडिया वालो मैं सबका भाईजान हूं.

जूनियर ओवैसी यहीं नहीं रुके, उन्होंने आगे कहा, 'चायवाले हमको छेड़िए मत, छेड़िएगा तो इतना बोलूंगा कि कान बहने लगेगा.' उन्होंने जनसभा में मौजूद लोगों से कहा कि हमें बीजेपी को रोकना है. बीजेपी को आगे बढ़ने से रोकना है तो हुकूमत जरूरी है.

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उन्होंने बीजेपी और योगी से यह भी सवाल किया कि अगर योगी, मोदी और बीजेपी के खिलाफ बोला तो क्या मुल्क से भगा देंगे? ओवैसी ने कहा, 'बीजेपी का मॉडल है हिंदू-मुस्लिम. अकबरुद्दीन ने कहा, 'हम ख्‍वाजा अजमेरी, ताज महल और कुतुब मीनार, चारमीनार, जामा मस्जिद और मक्‍का मस्जिद की धरती को छोड़कर नहीं जा रहे हैं. हम आपसे लड़ेंगे और पराजित करेंगे.'

क्या कहा था CM योगी आदित्यनाथ ने?
योगी आदित्यनाथ ने रविवार को तेलंगाना में चार सभाओं को संबोधित किया. गोशामहल में सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि अगर मुस्लिम तुष्टीकरण नहीं होता देश के अंदर कोई भी आतंकी घटना घटित होती है तो उसके तार इस हैदराबाद से जुड़ते हुए नहीं दिखाई देते. मैं यहां के लोगों को आश्वस्त करता हूं कि जैसे हमने सरदार पटेल का सबसे बड़ा स्मारक बनाने का कार्य करवाया उसी तर्ज पर निजामशाही से मुक्त का अभियान चलाएंगे और उस दिन को मनाने का कार्यक्रम यहां पर होना चाहिए. ये बीजेपी का संकल्प है. उन्‍होंने कहा कि अगर तेलंगाना में बीजेपी की सरकार बनी तो ओवैसी को उसी तरह यहां से भागना पड़ेगा, जैसे निजाम को भागना पड़ा था. अगर आप हैदराबाद का नाम बदलकर भाग्‍यनगर करना चाहते हैं तो बीजेपी को वोट दीजिये.

मालूम हो कि तेलंगाना में जोर पकड़ते चुनाव प्रचार अभियान के बीच एक ऐसी दोस्ती है जो वाकई में परवान चढ़ती नजर आ रही है. राज्य में कार्यवाहक मुख्यमंत्री केसीआर और एआईएमआईएम के असादुद्दीन ओवैसी के बीच दोस्ती किसी से छिपी नहीं है.

तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) के अध्यक्ष के. चंद्रशेखर राव (केसीआर) ने छह सितंबर को हैदराबाद के सांसद ओवैसी के नेतृत्व वाली एआईएमआईएम को ‘‘मित्र पार्टी’’ बताया था. उसी दिन 119 सदस्यीय विधानसभा को उन्होंने भंग कर दिया था. हालांकि राव कुछ नया नहीं कह रहे हैं, बल्कि उनके कार्यकाल के दौरान इसकी बानगी खूब दिखी.

ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहाद-उल मुस्लिमीन (एमआईएमआईएम) की पुराने शहरी इलाकों में मजबूत पकड़ रही है और पार्टी ने तेलंगाना विधानसभा चुनाव में सात सीटें जीती थीं. सात दिसंबर को होने वाले विधानसभा चुनाव के लिये पार्टी ने अपने आठ उम्मीदवार मैदान में उतारे हैं और यह किसी से छिपा नहीं है कि पार्टी अन्य विधानसभा क्षेत्रों में टीआरएस का समर्थन कर रही है.

ओवैसी ने भी निर्मल कस्बे में टीआरएस के समर्थन में एक चुनाव प्रचार अभियान को संबोधित किया था. 

ओवैसी ने हाल में के साथ एक साक्षात्कार में कहा, ‘‘मुझे लगता है कि टीआरएस के पास (सत्ता में) वापसी का अच्छा मौका है और केसीआर एक बार फिर मुख्यमंत्री बनने जा रहे हैं.’’ उन्होंने कहा, ‘‘बीते चार साल में तेलंगाना में सांप्रदायिक दंगों का कोई मामला सामने नहीं आया. तेलंगाना में डर को कोई माहौल नहीं है. ये चीजें खुद-ब-खुद केसीआर की मदद करेंगी.’’ बदले में केसीआर भी ओवैसी की तारीफ करते हैं.

अपने चुनाव प्रचार अभियानों में कार्यवाहक मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया है कि आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उनकी सरकार को गिराने की साजिश रची और यह ओवैसी ही थे जिन्होंने उनके समर्थन में आने का वादा किया. तेलंगाना में विधानसभा चुनाव सात दिसंबर को होने वाले हैं और मतगणना 11 दिसंबर को होगी.