एयरपोर्ट: मुसाफिरों की होगी दोहरी सुरक्षा जांच, घरेलू उड़ानों के लिए भी 'SLPC' हुई अनिवार्य

पुलवामा हमले के बाद देश के संवेदनशील एयरपोर्ट्स पर आतंकी हमले की आशंका मंडरा रही है. आतंकियों के किसी भी मंसूबे को नाकाम करने के लिए सीआईएसएफ ने एयरपोर्ट पर सिक्‍योरिटी चेक प्रोटोकॉल में कुछ अहम बदलाव किए हैं.

एयरपोर्ट: मुसाफिरों की होगी दोहरी सुरक्षा जांच, घरेलू उड़ानों के लिए भी 'SLPC' हुई अनिवार्य
बीसीएएस और सीआईएसएफ ने न केवल अंतरराष्‍ट्रीय, बल्कि घरेलू उड़ानों के लिए भी सेकेंडरी लैडर प्‍वाइंट चेक (एसएलपीसी) अनिवार्य कर दिया है.

नई दिल्‍ली: पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर आतंकी हमले के बाद देश के तमाम एयरपोर्ट पर आतंकी हमले की आशंका बनी हुई है. हाल में खुफिया एजेसियों ने आतंकियों के मंसूबों के बाबत एक अलर्ट एयरपोर्ट पर तैनात सभी सुरक्षा एजेंसियों को दिया है. जिस पर कार्रवाई करते हुए देश के 61 एयरपोर्ट की सुरक्षा संभाल रहे केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) ने पैसेंजर सिक्‍योरिटी चेक प्रोटोकॉल में कुछ अहम बदलाव किए हैं. इन्‍हीं बदलावों के तहत, ब्‍यूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्‍योरिटी (बीसीएएस) और सीआईएसएफ ने न केवल अंतरराष्‍ट्रीय, बल्कि घरेलू उड़ानों के लिए भी सेकेंडरी लैडर प्‍वाइंट चेक (एसएलपीसी) अनिवार्य कर दिया है. 

क्‍या है सेकेंडरी लैडर प्‍वाइंट चेक
सेकेंडरी लैडर प्‍वाइंट चेक यानी एसएलपीसी के तहत विमान में प्रवेश करने से पहले सभी मुसाफिरों की सुरक्षा जांच दोबारा की जाती है. एसलीपीसी की जिम्‍मेदारी मुख्‍य तौर पर संबंधित एयरलाइंस के सिक्‍योरिटी विंग की होती है. एयरलाइंस सिक्‍योरिटी विंग के अधिकारी एयरोब्रिज या बोर्डिंग गेट पर मुसाफिरों की हैंड हेल्‍ड मेटल डिटेक्‍टर के जरिए सुरक्षा जांच करते हैं. इस दौरान मुसाफिरों के पास मौजूद हैंड बैग की भी दोबारा तलाशी ली जाती है. अभी तक एसएलपीसी से सिर्फ अमेरिका जाने वाले मुसाफिरों को गुजरना पड़ता था, लेकिन पुलवामा अटैक के बाद उत्‍पन्‍न हुए खतरे को देखते हुए बीसीएएस ने यह जांच न केवल अंतरराष्‍ट्रीय बल्कि सभी घरेलू उड़ानों के लिए भी अनिवार्य कर दिया है. 

यह भी पढ़ें: परेशानी भरी हो सकती है नगदी और सोने के साथ हवाई यात्रा, BCAS ने जारी किए कड़े निर्देश
 

Airport Security 11

यह भी पढ़ें: सरकार ने सभी हवाई अड्डों की सुरक्षा बढ़ाने के लिए जारी किया अलर्ट

प्रोफाइलर्स और लोकल पुलिस के हवाले सिटी साइड की सुरक्षा
एयरपोर्ट की सुरक्षा से जुड़े वरिष्‍ठ अधिकारी ने बताया कि विदेशी एयरपोर्ट पर घटित आतंकी वारदातों में देखा गया है कि आतंकी लगातार सिटी साइड या चेकइन एरिया को अपना निशाना बना रहे हैं. आतंकी इस तरह के मंसूबों में कामयाब न हो सकें, इसके लिए एयर साइट की सुरक्षा को कई चरणों में बांटा गया है. जिसके तहत, एयरपोर्ट से करीब दो किलोमीटर पहले से सीआईएसएफ और स्‍थानीय पुलिस के जवान एयरपोर्ट की तरफ जाने वाली गाडियों और उसमें मौजूद लोगों पर नजर रखेंगे. इसके अलावा, पर्याप्‍त संख्‍या में प्रोफाइलर्स की तैनाती सिटी साइड एरिया में की गई है. जिससे हावभाव को पढ़कर संभावित खतरे का पता लगाया जा सके. इसके अलावा, एयरपोर्ट पर रजिस्‍टर्ड बैगेज को चेक करने के लिए इनलाइन बैगेज सिस्‍टम में अतिरिक्‍त स्‍क्रीनर्स की तैनाती की गई है. 

यह भी पढ़ें: अब इन एयरपोर्ट्स पर भी होगा CISF का पहरा, देश के 65 एयरपोर्ट पर होगी इस बल की सुरक्षा

अस्‍थाई एयरपोर्ट इंट्री पास और विजिटर इंट्री टिकट पर भी लगी रोक
सीआईएसएफ के वरिष्‍ठ अधिकारी ने बताया कि सुरक्षा के मद्देनजर अस्‍थाई एयरपोर्ट इंट्री पास और विजिटर इंट्री टिकट पर अस्‍थाई तौर पर रोक लगा दी गई है. यह रोक कब हटेगी, इसका फैसला ब्‍यूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्‍योरिटी को करना है. उन्‍होंने बताया कि रोक के तहत एयरपोर्ट में सिर्फ वैद्य टिकट धारक मुसाफिरों के अलावा स्‍थाई एयरपोर्ट इंट्री पास धारकों को ही प्रवेश दिया जाएगा. इसके अलावा, यह भी ध्‍यान दिया जा रहा है कि एयरपोर्ट पर मौजूद कर्मचारी, उन्‍हीं इलाकों में रहें जहां पर उनकी ड्यूटी है. कोई भी एयरपोर्ट कर्मी अपनी ड्यूटी प्‍लेस से इतर पाया जाता है तो उसका एयरपोर्ट इंट्री पास जब्‍त किया जा सकता है.