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झारखंड में JMM को मिली कड़ी शिकस्त, अपनी परंपरागत सीट नहीं बचा पाए शिबू सोरेन

जेएमएम अध्यक्ष शिबू सोरेन अपनी परंपरागत सीट दुमका में जीत हासिल नहीं कर सके. उन्हें सुनील सोरेन ने शिकस्त दे दी है.

झारखंड में JMM को मिली कड़ी शिकस्त, अपनी परंपरागत सीट नहीं बचा पाए शिबू सोरेन
शिबू सोरेन दुमका सीट से हार गए हैं. (फाइल फोटो)

नई दिल्लीः लोकसभा चुनाव 2019 के नतीजे आ चुके हैं. देश में एनडीए पूर्ण बहुमत के साथ पीएम मोदी के नेतृत्व में दोबारा सरकार बनाने जा रही है. वहीं, कई राज्यों में नतीजे 2014 के चुनाव से भी बेहतर आए हैं. जिसके बाद विपक्ष के लिए चुनौती और दो गुनी हो गई है. विपक्ष के कुछ ऐसे चेहरों को हार मिली जिन्होंने मोदी लहर को तो थाम लिया था, लेकिन मोदी की सुनामी में वह बह गए. शिबू सोरेन की हार जेएमएम के लिए कड़ी शिकस्त है.

जेएमएम अध्यक्ष शिबू सोरेन इन चेहरों में से एक हैं. 2014 में कथित तौर पर मोदी लहर में उन्होंने अपनी परंपरागत सीट दुमका को बचाने में कामयाब हुए थे. लेकिन 2019 में शिबू सोरेन की जड़ मोदी की सुनामी में उखड़ गई. शिबू सोरेन को इस बार दुमका में हार का सामना करना पड़ा.

शिबू सोरेन दुमका सीट पर करीब 3 दशक से राज कर रहे थे. वहीं, 2002 से उन्हें 2014 तक के चुनाव में कभी हार का सामना नहीं करना पड़ा था. लेकिन 2019 में वह पांचवीं बार अपनी जीत को बरकरार रखने में असफल हो गए. उनकी हार के साथ ही जेएमएम को कड़ी शिकस्त का सामना करना पड़ा है.

2014 में जेएमएम ने झारखंड में दो सीट पर जीत दर्ज की थी और विपक्ष के रूप में झारखंड में एक मात्र पार्टी थी. लेकिन अब पार्टी के हाथ में केवल एक सीट राजमहल बची है. जिसे वह 2014 की तरह 2019 में भी जीतने में कामयाब हुई है.

शिबू सोरेन के सामने बीजेपी के उम्मीदवार सुनील सोरेन मैदान में थे. हालांकि, बीजेपी के लिए शिबू सोरेन कड़ी चुनौती थे. ऐसा लग रहा था कि सुनील सोरेन को यहां शिबू सोरेन से टक्कर लेना मुश्किल हो सकता है. लेकिन, इस सीट पर जीत दर्ज करने के लिए पीएम मोदी और अमित शाह ने खुद चुनावी रैली की थी. जिससे माना जा रहा है कि सुनील की राह दुमका में थोड़ी आसान हो गई थी.
 
सुनील सोरेन 47,590 वोटों से शिबू सोरेन को हराने में कामयाब हुए. सुनील सोरेन को दुमका में 4,83,748 वोट मिले जबकि, शिबू सोरेन को यहां 4,36,158 वोट मिले. दुमका में कुल 10,23,538 वोट पोल किए गए थे.