पटना: सीएम के कार्यक्रम हुई जोरदार बारिश तो लोगों ने किया कुछ ऐसा!

सरकारी अस्पताल के उद्घाटन में पहुंचे सीएम नीतीश कुमार ने कहा कि पहले सरकारी अस्पताल के बिस्तर पर कुत्ते रहा करते थे. अब एक पीएचसी में ईलाज कराने साढे 10 हजार मरीज आते हैं.

पटना: सीएम के कार्यक्रम हुई जोरदार बारिश तो लोगों ने किया कुछ ऐसा!
नीतीश कुमार अब एक पीएचसी में ईलाज कराने साढे 10 हजार मरीज आते हैं. (फाइल फोटो)

पटना: कई बार ऐसे हालात हो जाते हैं जब राज्य के सीएम तक का कार्यक्रम बुरी तरह खराब हो जाता है. कुछ ऐसा ही हालात सीएम नीतीश कुमार के कार्यक्रम में शुक्रवार को हुआ. दरअसल सीएम नीतीश 106 बेड के अति विशिष्ठ नेत्र अस्पताल राजेन्द्र नगर और एलएनजेपी हॉस्पीटल शास्त्रीनगर में ट्रॉमा सेंटर के कार्यारंभ कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे. 

उद्घाटन कार्यक्रम के बाद नीतीश जैसे ही भाषण देने मंच पर पहुंचे बारिश शुरु हो गई. कार्यक्रम में शामिल होने कई संस्थानों के नर्सिंग स्टूडेंट्स भी पहुंचे थे. जहां नीतीश कुमार के मंच के ठीक सामने स्टूडेंट्स के बैठने के लिए पंडाल बनाया गया था. लेकिन बारिश की संभावना का अंदाजा आयोजकों नहीं था. इसलिए पंडाल वाटरप्रूफ नहीं बनाये गये थे. जैसे ही बारिश शुरु हुई नर्सिंग स्टूडेंट्स भींगने लगे. मजबूरन उन्हें बैठने के लिए मिली कुर्सी को अपने सर पर लगाना पडा.

इधर कार्यक्रम के दौरान हुई बारिश को सीएम नीतीश कुमार ने सकारात्मक अंदाज में लिया. नीतीश कुमार ने कहा कि कार्यारंभ से पहले बारिश हुई है तो ये शुभ संकेत हैं. नीतीश कुमार ने कहा कि बिहार सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए लगातार कोशिश कर रही है. 

2005 में जब वो सरकार में आए थे तब एक पीएचसी में एक महीने में केवल 39 मरीज ही जाते थे. लेकिन आज की तारीख में साढे 10 हजार मरीज आते हैं. नीतीश कुमार ने कहा कि सरकारी अस्पतालों की बिल्डिंग के लिए भी अलग से कार्पोरेशन काम कर रहा है.

आईजीआईएमएस और नालंदा के कॉलेज हास्पीटल को ढाई हजार बेड वाला हास्पीटल बनाया जा रहा है.नीतीश कुमार ने कहा कि पहले सरकारी अस्पतालों के बेड पर कुत्ते रहा करते थे लेकिन आज हरेक अस्पताल की शक्ल सूरत बदल चुकी है. अस्पतालों की तस्वीर बदलने के लिए न डाक्टरों की कमी रहेगी और न ही संसाधनों की.