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नीतीश कुमार और सुशील मोदी की साजिश पर लालू यादव से हो रहा गलत व्यवहार: महागठबंधन

बिहार महागठबंधन के नेताओं का आरोप नीतीश कुमार और सुशील मोदी के फीडबैक पर लालू यादव के साथ गलत व्यवहार किया जा रहा है.

नीतीश कुमार और सुशील मोदी की साजिश पर लालू यादव से हो रहा गलत व्यवहार: महागठबंधन
महागठबंधन ने नीतीश कुमार और सुशील मोदी पर आरोप लगाया है.

पटना: चारा घोटाला में सजायाफ्ता और रांची स्थित एक अस्पताल में भर्ती राजद प्रमुख लालू प्रसाद से उनके परिजनों और आगंतुकों को मिलने की अनुमति नहीं दिए जाने की खबरों के बीच बिहार में विपक्षी महागठबंधन के नेताओं ने उनके साथ "गलत व्यवहार" किए जाने का आरोप लगाते हुए सोमवार को दावा किया कि ऐसा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी द्वारा दिए गए फीडबैक पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देश पर किया जा रहा है.

केंद्र, झारखंड और बिहार की राजग सरकार पर निशाना साधते हुए लालू प्रसाद के छोटे पुत्र एवं पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव ने सोमवार को कहा कि वह इस मामले को जनता की अदालत में ले जाएंगे.

उन्होंने आरोप लगाया कि "आगंतुकों (परिवार के सदस्यों सहित) को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देश पर पिछले शनिवार को लालू प्रसाद (रांची जेल में) से मिलने से रोक दिया गया था, जो मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी द्वारा दिए गए फीडबैक पर आधारित था." 

महागठबंधन में शामिल कांग्रेस, हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा सेक्युलर और रालोसपा के नेताओं के साथ पत्रकारों को संबोधित करते हुए तेजस्वी ने कहा, "मैं पिछले डेढ़ महीने से अपने पिता से नहीं मिल पाया हूं. उनके साथ ठीक व्यवहार नहीं किया जा रहा है क्योंकि जो परीक्षण किए जाने जरूरी हैं, उनमें देरी हुई है. यह उनके (लालू प्रसाद) खिलाफ एक राजनीतिक साजिश है. यह पूरी तरह से उनके साथ अमानवीय व्यवहार है." 

गौरतलब है कि लालू की पत्नी एवं पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने हाल ही में भाजपा पर अपने पति को जहर देकर मारने की साजिश रचने का आरोप लगाया था.

यह भी पढ़ें: लोकसभा चुनाव 2019: महागठबंधन ने बिहार में जीत के लिए खेल दिया है 'लालू-नीतीश' कार्ड!

राबड़ी ने गत शनिवार को कहा था, "अगर केंद्र, बिहार और झारखंड की सरकारें लालू जी और उनके परिवार के सदस्यों को मारना चाहती हैं, तो वे ऐसा कर सकती हैं, पर उनकी तानाशाही को वह स्वीकार नहीं करेंगी." 

इससे पहले गत 7 अप्रैल को तेजस्वी ने पड़ोसी राज्य झारखंड की भाजपा सरकार पर "निरंकुश" होने का आरोप लगाते हुए कहा था कि उन्हें उनके पिता से मिलने की अनुमति नहीं दी गई .

उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा था, "लालू जी के खिलाफ साजिश रची जा रही है. वह सुरक्षा के बीच अस्पताल में हैं, लेकिन हर दिन उनके कमरे में छापा मारा जा रहा है." 

इस अवसर पर उपस्थित रालोसपा प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर प्रहार किया और आरोप लगाया, "पाकिस्तान की जेल में रखे गए भारतीय कैदियों की तुलना में लालू के साथ अधिक बुरा व्यवहार किया जा रहा है.''

कुशवाहा ने केंद्र की राजग सरकार पर एससी, एसटी और ओबीसी को मिल रहे आरक्षण को समाप्त करने की साजिश रचने का आरोप लगाते हुए प्रधानमंत्री से पूछा कि उनकी सरकार 40 केंद्रीय विश्वविद्यालयों में एससी, एसटी और ओबीसी श्रेणियों के एक भी प्रोफेसर या एसोसिएट प्रोफेसर की नियुक्ति क्यों नहीं कर पाई और क्यों नहीं इन श्रेणियों से संबंधित एक भी व्यक्ति को उनके पांच साल के शासन के दौरान सर्वोच्च न्यायालय और उच्च न्यायालयों में नियुक्त किया गया.

तेजस्वी का समर्थन करते हुए हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा सेक्युलर के प्रमुख जीतन राम मांझी ने कहा, "लालू प्रसाद जी के साथ जिस तरह से बुरा बर्ताव किया जा रहा है, उसकी हम कड़ी निंदा करते हैं . उन्हें अपने परिवार के सदस्यों से भी मिलने नहीं दिया जाता. हम इसे जनता की अदालत में ले जाएंगे.’’ कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष मदन मोहन झा ने तेजस्वी और मांझी का समर्थन करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर प्रहार किया.