पप्पू यादव के बदले सुर, कहा- 'महागठबंधन के लिए कुछ भी करूंगा, मांगी दो सीट'

पप्पू यादव ने तेजस्वी यादव को बड़ा नेता बताते हुए उनका गुनगान किया है.

पप्पू यादव के बदले सुर, कहा- 'महागठबंधन के लिए कुछ भी करूंगा, मांगी दो सीट'
पप्पू यादव ने खुद को महागठबंधन का नेता बताया है.

पटनाः जनाधिकार पार्टी (लोकतांत्रिक) के संरक्षक और सांसद पप्पू यादव के सुर बदल गए हैं. अब वह महागठबंधन में शामिल होने के लिए गुहार लगा रहे हैं. उनका कहना है कि मैं पहले से ही महागठबंधन में था और खुद को महागठबंधन का नेता मानता हूं. उन्होंने कहा है कि कांग्रेस को मैंने बता दिया है कि हमें दो सीट चाहिए. मैं महागठबंधन को मजबूत करने के लिए पूरी ताकत लगा दूंगा.

पप्पू यादव लोकसभा चुनाव 2019 में कांग्रेस के साथ तालमेल बैठाने की कोशिश काफी समय से कर रहे हैं. लेकिन आरजेडी की वजह से उनकी बात नहीं बन पा रही है. क्यों कि तेजस्वी यादव ने पहले ही पप्पू यादव के नाम पर बैन लगा दिया है. वहीं, माना जाता है कि लालू यादव का भी आदेश है कि उन्हें महागठबंधन में नहीं शामिल किया जाए.

पप्पू यादव को अब डर सताने लगा है कि 2019 का चुनाव एनडीए और महागठबंधन के बीच होने वाला है, ऐसे में उन्हें इसका लाभ नहीं मिल पाएगा. ऐसे में अब पप्पू यादव ने खुद को महागठबंधन में शामिल करने के लिए कवायद तेज कर दी है. उन्होंने कहा है कि महागठबंधन में शामिल होने और उसे मजबूत करने के लिए मैं कुछ भी करूंगा. क्यों कि देश यही चाहता है.

पप्पू यादव ने कांग्रेस से मधेपुरा सीट और पूर्णिया सीट की मांग की है. आपको बता दें कि मधेपुरा सीट से शरद यादव को महागठबंधन का प्रत्याशी माना जा रहा है. ऐसे में पप्पू यादव के लिए शरद यादव बड़ा खतरा है. इसलिए उन्होंने शनिवार को कहा कि शरद यादव बड़े नेता हैं वह कहीं से भी चुनाव लड़ सकते हैं.

वहीं, उन्होंने तेजस्वी यादव को लेकर भी सुर बदल दिए है. जहां उन्हें पहले पप्पू यादव नालायक बता रहे थे. अब उनका गुनगान कर रहे हैं. पप्पू यादव ने तेजस्वी यादव को आरजेडी का बड़ा नेता और नेतृत्वकर्ता बताया है. साथ ही लालू यादव की खूब तारिफ भी की. उन्होंने कहा कि लालू यादव को खून भी देने को मैं तैयार हूं. मैं और लालू यादव की विचारधारा एक है.

पप्पू यादव ने पुराने बयानों को भुलाने की बात की. उन्होंने उदाहरण दिया कि अगर एनडीए में सभी चीजों को भुलाकर गठबंधन किया जा रहा है तो महागठबंधन में ऐसा क्यों नहीं होना चाहिए.

गौरतलब है कि महागठबंधन में पप्पू यादव और अनंत सिंग की एंट्री पर तेजस्वी यादव ने रोक लगा दी थी. उन्होंने दोनों की एंट्री पर साफ मना किया था. हालांकि कांग्रेस से दोनों नेता मुलाकात कर रहे हैं. लेकिन आरजेडी की वजह से पप्पू यादव और अनंत सिंह की एंट्री पर रोक लगी है. और कांग्रेस भी इस पर फैसला नहीं ले पा रहा है.