जाति आधारित जनगणना को लेकर JDU-RJD एकमत, जानें बिहार-झारखंड की आज की Top News

जाति आधारित जनगणना को लेकर फिर एक बार बिहार की राजनीति गर्म है. बिहार की सियासत में जेडीयू और आरजेडी भले ही एक दूसरे के विरोधी हों, लेकिन जातिगत जनगणना के मुद्दे पर दोनों ही दल एक मत हैं.

जाति आधारित जनगणना को लेकर JDU-RJD एकमत, जानें बिहार-झारखंड की आज की Top News
जाति आधारित जनगणना को लेकर JDU-RJD एकमत (फाइल फोटो)

Patna: जाति आधारित जनगणना को लेकर फिर एक बार बिहार की राजनीति गर्म है. बिहार की सियासत में जेडीयू और आरजेडी भले ही एक दूसरे के विरोधी हों, लेकिन जातिगत जनगणना के मुद्दे पर दोनों ही दल एक मत हैं. बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) ने पेगासस जासूसी मामले (Pegasus Snooping Case) पर जांच की विपक्ष की मांग को लेकर सोमवार को एक बार फिर अपनी चुप्पी तोड़ी. राष्ट्रीय जनता दल के अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव ने सोमवार को नई दिल्ली में उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादवसे मुलाकात की. दोनों नेताओं ने एक कप चाय पीते हुए मुलाकात की.बिहार में सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की सरकार में 'बडे भाई' की भूमिका में शामिल भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता और राज्य के मंत्री सम्राट चौधरी (Samrat Chaudhary) का कहना है कि गठबंधन में काम करना चुनौतीपूर्ण है.

वहीं, धनबाद में 28 जुलाई को मॉर्निंग वॉक पर निकले जस्टिस उत्तम आनंद की सड़क हादसे में मौत का मामला CCTV फुटेज के सामने आने के बाद मर्डर मिस्ट्री बन जाती है. मिस्ट्री इसीलिए, क्योंकि घटना के 5 दिन बाद भी पुलिस के हाथ इस मामले में खाली है. हजारीबाग के विभिन्न सरकारी कर्मचारियों से 32 लाख की ठगी किए जाने को लेकर सोमवार को डीआईजी को लिखित आवेदन देकर दोषियों को जल्द गिरफ्तार करने की मांग की है. आवेदन के अनुसार वर्ष 2019 में भुक्तभोगीयों में से एक ने अपने रिटायरमेंट का सारा पैसा फिक्स डिपॉजिट करने के लिए एसबीआई मुख्य शाखा में बैठी कहकशा निषाद के द्वारा जमा किया गया. जाने Bihar-Jharkhand की आज की बड़ी खबरें:

JDU-RJD दोनों एकमत 

जाति आधारित जनगणना को लेकर फिर एक बार बिहार की राजनीति गर्म है. बिहार की सियासत में जेडीयू और आरजेडी भले ही एक दूसरे के विरोधी हों, लेकिन जातिगत जनगणना के मुद्दे पर दोनों ही दल एक मत हैं. लिहाजा, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जातिगत जनगणना की मांग उठाकर बिहार के साथ-साथ देश में नई राजनीतिक बहस छेड़ दी है.

पेगासस मामले पर CM Nitish का बड़ा बयान

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) ने पेगासस जासूसी मामले (Pegasus Snooping Case) पर जांच की विपक्ष की मांग को लेकर सोमवार को एक बार फिर अपनी चुप्पी तोड़ी. उन्होंने कहा, 'ऐसी चीजें लोगों को परेशान करने के लिए नहीं है, इसकी जांच की जानी चाहिए.' मुख्यमंत्री ने कहा कि पूरी बात सार्वजनिक की जानी चाहिए. बता दें कि इस मामले को लेकर विपक्ष हमलावर है. इसी क्रम में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी अपनी बात रखी है. उन्होंने कहा, 'पेगासस केस की निश्चित तौर पर जांच होनी चाहिए. हम टेलीफोन टैपिंग के मामले कई दिनों से सुन रहे हैं. लगातार ऐसे मामले सामने आ रहे हैं, ऐसे में इसकी सही तरीके से जांच होनी चाहिए.' उन्होंने सावधानी से पूरे मामले की जांच करने की बात कही है.

मुलायम सिंह यादव से लालू यादव ने की मुलाकात

राष्ट्रीय जनता दल के अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव ने सोमवार को नई दिल्ली में उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव से मुलाकात की. दोनों नेताओं ने एक कप चाय पीते हुए मुलाकात की. बैठक के दौरान मुलायम के बेटे और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव भी मौजूद रहे. लालू प्रसाद यादव ने मुलाकात के बाद ट्वीट किया, “देश के वरिष्ठतम समाजवादी साथी आदरणीय मुलायम सिंह जी से मुलाकात कर उनका कुशलक्षेम जाना. खेत-खलिहान,ग़ैर-बराबरी, अशिक्षा,किसानों,गरीबों व बेरोजगारों के लिए हमारी सांझी चिंताएं और लड़ाई है. आज देश को पूंजीवाद और सम्प्रदायवाद नहीं बल्कि लोकसमता एवं समाजवाद की अत्यंत आवश्यकता है.

मंत्री सम्राट चौधरी का छलका दर्द!

बिहार में सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की सरकार में 'बडे भाई' की भूमिका में शामिल भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता और राज्य के मंत्री सम्राट चौधरी (Samrat Chaudhary) का कहना है कि गठबंधन में काम करना चुनौतीपूर्ण है. उन्होंने अपना दर्द बयां करते हुए कहा कि गठबंधन की सरकार में बहुत कुछ सहना भी पड़ता है. बिहार के औरंगाबद में एक कार्यक्रम में  मंत्री चौधरी ने कहा, 'उत्तर प्रदेश हो या मध्य प्रदेश हो वहां हमारा नेतृत्व है, झारखंड में भी जब सरकार थी तब नेतृत्व था, लेकिन बिहार में हम गठबंधन में हैं. जब आपका नेतृत्व होता है तो बहुत काम आसान हो जाता है. यहां स्वतंत्र सरकार नहीं है. यहां गठबंधन में काम करना आसान नहीं होता. यहां काम करना चुनौतीपूर्ण है.'

जस्टिस उत्तम आनंद हत्याकांड मामला

धनबाद में 28 जुलाई को मॉर्निंग वॉक पर निकले जस्टिस उत्तम आनंद की सड़क हादसे में मौत का मामला CCTV फुटेज के सामने आने के बाद मर्डर मिस्ट्री बन जाती है. मिस्ट्री इसीलिए, क्योंकि घटना के 5 दिन बाद भी पुलिस के हाथ इस मामले में खाली है. फिलहाल SIT इस केस की जांच कर रही है. वहीं सरकार ने मामले की CBI जांच की भी सिफारिश कर दी है, लेकिन अभी तक हत्या की साजिश के तार जोड़े नहीं जा सके हैं. इस बीच आरोपी ऑटो चालक लखन वर्मा और राहुल वर्मा को सोमवार को दोबारा कोर्ट में पेश किया गया, क्योंकि सोमवार को दोनों आरोपियों की रिमांड खत्म हो रही थी. इस दौरान मामले की जांच कर रही SIT टीम ने कोर्ट से आरोपियों के ब्रेन मैपिंग की इजाजत मांगी, जिसकी कोर्ट ने मंजूरी दे दी है.

सरकारी कर्मचारियों से 32 लाख की ठगी

हजारीबाग के विभिन्न सरकारी कर्मचारियों से 32 लाख की ठगी किए जाने को लेकर सोमवार को डीआईजी को लिखित आवेदन देकर दोषियों को जल्द गिरफ्तार करने की मांग की है. आवेदन के अनुसार वर्ष 2019 में भुक्तभोगीयों में से एक ने अपने रिटायरमेंट का सारा पैसा फिक्स डिपॉजिट करने के लिए एसबीआई मुख्य शाखा में बैठी कहकशा निषाद के द्वारा जमा किया गया. एफडी कराने के बाद इन्हें दो ब्लैंक चेक साइन करके मांगा गया. दोनों चेक से कसकशा निषाद ने 8 लाख व 2 लाख कुल 10 लाख रुपए निकाल कर चंपत हो गई. वह 10 लाख स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में फिक्स करने के बजाय 10 लाख का पॉलिसी पेपर दिया गया. साथ ही अब पता चला की उनका आपका पैसा कहकशा निषाद ने आईआईएफएल के अपने खाता डाला है. इस संबंध में उन्होंने सदर थाना कांड संख्या 202/21 दर्ज कराया है. वहीं, हजारीबाग के दो अन्य सरकारी कर्मचारियों से 10-10 लाख  ठगी कहकशा निषाद ने ही की है. इस मामले में उन्होंने अग्रसर कोई कार्यवाही में संतुष्टि ना पाकर डीआईजी उत्तरीछोटानागपुर को आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई है.

 

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