रांची: पैरेंट्स के लिए हाई कोर्ट का राहत भरा फैसला, अब नहीं बढ़ा सकेंगे मनमानी फीस निजी स्कूल

फीस बढ़ाने के लिए हाईकोर्ट से स्कूल को अनुमति लेनी होगी. राज्य के निजी स्कूलों को फीस बढ़ाने के लिए स्कूल और जिला स्तर पर गठित कमेटी की मंजूरी लेकर हाईकोर्ट से अनुमति लेनी होगी. 

रांची: पैरेंट्स के लिए हाई कोर्ट का राहत भरा फैसला, अब नहीं बढ़ा सकेंगे मनमानी फीस निजी स्कूल
कोर्ट की अनुमति के बाद ही निजी स्कूल फीस बढ़ा सकेंगे

रांची: झारखंड में अब प्राइवेट स्कूल मनमानी फीस नहीं बढ़ा सकेंगे. फीस बढ़ाने के लिए हाईकोर्ट से स्कूल को अनुमति लेनी होगी. राज्य के निजी स्कूलों को फीस बढ़ाने के लिए स्कूल और जिला स्तर पर गठित कमेटी की मंजूरी लेकर हाईकोर्ट से अनुमति लेनी होगी. 

कोर्ट की अनुमति के बाद ही स्कूल फीस बढ़ा सकेंगे. झारखंड हाईकोर्ट ने सोमवार को निजी स्कूलों की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह अंतिरम आदेश दिया. चीफ जस्टिस अनिरुद्ध बोस और जस्टिस प्रशांत कुमार की अदालत ने कहा कि चूंकि इस सत्र में स्कूलों ने नामांकन कर लिया है, इस कारण यह व्यवस्था अगले साल से लागू होगी.

 

निजी स्कूलों ने सरकार के उस आदेश को चुनौती दी है, जिसमें कहा गया है कि निजी स्कूल दस फीसदी से अधिक फीस नहीं बढ़ा सकते हैं. प्रारंभिक सुनवाई के बाद अदालत ने इस मामले में सरकार को जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया. कोर्ट ने कहा कि जब तक मामले पर अंतिम फैसला नहीं आ जाता, तब तक स्कूलों को फीस बढ़ाने के पहले कोर्ट से अनुमति लेनी होगी. 

वहीं, हाईकोर्ट के इस फैसले से अभिभावकों में भी काफी खुशी देखी गई है. उनका कहना है जिस तरह से अच्छी खासी फीस दी जाती थी और काफी मुश्किलें भी होती थी. ऐसे में हम हाईकोर्ट के इस फैसले का स्वागत करते हैं. अविभावक संघ ने फैसला किया है कि जिन स्कूलों ने फीस बढ़ाया है, उसके खिलाफ भी पीआईएल दायर की जाएगी.