Coronavirus: पढ़ें, कोरोना पर PM मोदी के दूसरे 'राष्ट्र के नाम संबोधन' की 10 बड़ी बातें

देश में कोरोना वायरस (Corona Virus) के बढ़ते मामलों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने आज एक हफ्ते में दूसरी बार देशवासियों को संबोधित किया. 

Coronavirus: पढ़ें, कोरोना पर PM मोदी के दूसरे 'राष्ट्र के नाम संबोधन' की 10 बड़ी बातें

नई दिल्ली: देश में कोरोना वायरस (Corona Virus) के बढ़ते मामलों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने आज एक हफ्ते में दूसरी बार देशवासियों को संबोधित किया. अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा कि हिंदुस्तान को बचाने के लिए, हिंदुस्तान के हर नागरिक को बचाने के लिए आज रात 12 बजे से, घरों से बाहर निकलने पर, पूरी तरह पाबंदी लगाई जा रही है. देश के हर राज्य को, हर केंद्र शासित प्रदेश को, हर जिले, हर गांव, हर कस्बे, हर गली-मोहल्ले को अब लॉकडाउन किया जा रहा है. इसी बीच पीएम मोदी ने कहा कि जनता कर्फ्यू का जो संकल्प हमने लिया था, एक राष्ट्र के नाते उसकी सिद्धि के लिए हर भारतवासी ने पूरी संवेदनशीलता के साथ, पूरी जिम्मेदारी के साथ अपना योगदान दिया. एक दिन के जनता कर्फ़्यू से भारत ने दिखा दिया कि जब देश पर संकट आता है, जब मानवता पर संकट आता है तो किस प्रकार से हम सभी भारतीय मिलकर, एकजुट होकर उसका मुकाबला करते हैं. 

आइए पीएम मोदी के कोरोना पर दूसरी बार राष्ट्र के नाम संबोधन की बड़ी बातों पर नजर डाल लेते हैं. 

1- पीएम मोदी ने कहा कि ''कोरोना से बचने का इसके अलावा कोई तरीका नहीं है,कोई रास्ता नहीं है. कोरोना को फैलने से रोकना है, तो इसके संक्रमण के चक्र को तोड़ना होगा.कुछ लोग इस गलतफहमी में हैं कि social distancing केवल बीमार लोगों के लिए आवश्यक है. ये सोचना सही नहीं है. social distancing हर नागरिक के लिए है, हर परिवार के लिए है, परिवार के हर सदस्य के लिए है. कुछ लोगों की लापरवाही, कुछ लोगों की गलत सोच, आपको, आपके बच्चों को, आपके माता पिता को, आपके परिवार को, आपके दोस्तों को, पूरे देश को बहुत बड़ी मुश्किल में झोंक देगी. 

2- आज रात 12 बजे से पूरे देश में, ध्यान से सुनिएगा, पूरे देश में, आज रात 12 बजे से पूरे देश में, संपूर्ण Lockdown होने जा रहा है. निश्चित तौर पर इस लॉकडाउन की एक आर्थिक कीमत देश को उठानी पड़ेगी. लेकिन एक-एक भारतीय के जीवन को बचाना इस समय मेरी, भारत सरकार की, देश की हर राज्य सरकार की, हर स्थानीय निकाय की, सबसे बड़ी प्राथमिकता है.

3- इसलिए मेरी आपसे प्रार्थना है कि आप इस समय देश में जहां भी हैं, वहीं रहें. अभी के हालात को देखते हुए, देश में ये लॉकडाउन 21 दिन का होगा. आने वाले 21 दिन हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं. हेल्थ एक्सपर्ट्स की मानें तो, कोरोना वायरस की संक्रमण सायकिल तोड़ने के लिए कम से कम 21 दिन का समय बहुत अहम है. घर में रहें, घर में रहें और एक ही काम करें कि अपने घर में रहें.

4- साथियों, आज के फैसले ने, देशव्यापी लॉकडाउन ने आपके घर के दरवाजे पर एक लक्ष्मण रेखा खींच दी है. आपको ये याद रखना है कि कई बार कोरोना से संक्रमित व्यक्ति शुरुआत में बिल्कुल स्वस्थ लगता है, वो संक्रमित है इसका पता ही नहीं चलता. इसलिए ऐहतियात बरतिए, अपने घरों में रहिए. हमें भी ये मानकर चलना चाहिए कि हमारे सामने यही एक मार्ग है. हमें घर से बाहर नहीं निकलना है. चाहे जो हो जाए, घर में ही रहना है. 

5- भारत आज उस स्टेज पर है जहां हमारे आज के एक्शन तय करेंगे कि इस बड़ी आपदा के प्रभाव को हम कितना कम कर सकते हैं. ये समय हमारे संकल्प को बार-बार मजबूत करने का है. साथियों, ये धैर्य और अनुशासन की घड़ी है. जब तक देश में lockdown की स्थिति है, हमें अपना संकल्प निभाना है, अपना वचन निभाना है उन डॉक्टर्स, उन नर्सेस, पैरा-मेडिकल स्टाफ, pathologists के बारे में सोचिए, जो इस महामारी से एक-एक जीवन को बचाने के लिए, दिन रात अस्पताल में काम कर रहे हैं आप उन लोगों के लिए प्रार्थना करिए जो आपकी सोसायटी, आपके मोहल्लों, आपकी सड़कों, सार्वजनिक स्थानों को sanitize करने के काम में जुटे हैं, जिससे इस वायरस का नामो-निशान न रहे:

6- कोरोना वैश्विक महामारी से बनी स्थितियों के बीच, केंद्र और देशभर की राज्य सरकारें तेजी से काम कर रही है. रोजमर्रा की जिंदगी में लोगों को असुविधा न हो, इसके लिए निरंतर कोशिश कर रही हैं. 

7- अब कोरोना के मरीजों के इलाज के लिए, देश के हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर को और मजबूत बनाने के लिए केंद्र सरकार ने आज 15 हजार करोड़ रुपए का प्रावधान किया है. इससे कोरोना से जुड़ी टेस्टिंग फेसिलिटीज, पर्सनल प्रोटेक्टिव इक्वीपमेंट्स, Isolation Beds, ICU beds, ventilators, और अन्य जरूरी साधनों की संख्या तेजी से बढ़ाई जाएगी.  

8- मैंने राज्य सरकारों से अनुरोध किया है कि इस समय उनकी पहली प्राथमिकता, सिर्फ और सिर्फ स्वास्थ्य सेवाएं ही होनी चाहिए, हेल्थ केयर ही प्राथमिकता होनी चाहिए. लेकिन साथियों, ये भी ध्यान रखिए कि ऐसे समय में जाने-अनजाने कई बार अफवाहें भी फैलती हैं.

9- मेरा आपसे आग्रह है कि किसी भी तरह की अफवाह और अंधविश्वास से बचें. मेरी आपसे प्रार्थना है कि इस बीमारी के लक्षणों के दौरान, बिना डॉक्टरों की सलाह के, कोई भी दवा न लें. किसी भी तरह का खिलवाड़, आपके जीवन को और खतरे में डाल सकता है.

10- मुझे विश्वास है हर भारतीय संकट की इस घड़ी में सरकार के, स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करेगा. 21 दिन का लॉकडाउन, लंबा समय है, लेकिन आपके जीवन की रक्षा के लिए, आपके परिवार की रक्षा के लिए, उतना ही महत्वपूर्ण है.