close

खास खबरें सिर्फ आपके लिए...हम खासतौर से आपके लिए कुछ चुनिंदा खबरें लाए हैं. इन्हें सीधे अपने मेलबाक्स में प्राप्त करें.

डूटा चुनाव के लिए एनडीटीएफ ने अनुभवी एके भागी पर लगाया दांव

दिल्ली विश्वविद्यालय के दयाल सिंह कॉलेज में केमिस्ट्री के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. भागी ने अपनी उम्मीदवारी की घोषणा के बाद कहा है कि मैं विश्वविद्यालय के सभी सहभागियों को विश्वास दिलाता हूं कि मेरा दृष्टिकोण सभी राजनीतिक कार्यकर्ताओं के सक्रिय समर्थन के साथ एक टीम के रूप में काम करना होगा. 

डूटा चुनाव के लिए एनडीटीएफ ने अनुभवी एके भागी पर लगाया दांव
(फाइल फोटो)

नई दिल्‍ली : दिल्ली विश्वविद्यालय शिक्षक संघ (डूटा) चुनाव के लिए नेशनल डेमोक्रेटिक टीचर्स फ्रंट (एनडीटीएफ) ने अध्यक्ष पद पर उम्मीदवार के तौर पर अनुभवी डॉ. एके भागी पर दांव खेला है. दो बार दिल्ली विश्वविद्यालय की विद्वत परिषद् और दो बार कार्यकारी परिषद् में शिक्षकों का प्रतिनिधित्व कर चुके डॉ. भागी ने अपनी उम्मीदवारी की घोषणा के साथ ही स्पष्ट कर दिया है कि उनके नेतृत्व में डूटा शिक्षकों की समस्याओं के समाधान का केंद्र बनेगी और लम्बे समय से शिक्षकों की परेशानियों का निदान कर पाने में विफल रहे डूटा नेतृत्व के प्रति फिर से शिक्षकों का विश्वास कायम होगा.

दिल्ली विश्वविद्यालय के दयाल सिंह कॉलेज में केमिस्ट्री के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. भागी ने अपनी उम्मीदवारी की घोषणा के बाद कहा है कि मैं विश्वविद्यालय के सभी सहभागियों को विश्वास दिलाता हूं कि मेरा दृष्टिकोण सभी राजनीतिक कार्यकर्ताओं के सक्रिय समर्थन के साथ एक टीम के रूप में काम करना होगा. मेरा दृढ़ विश्वास है कि सकारात्मक परिणाम तभी प्राप्त होते है जबकि आंदोलन का दबाव अनिवार्य रूप से मांगों की तार्किक अभिव्यक्ति और अंत में कुशल वार्ता के साथ होता है. डॉ. भागी की उम्मीदवारी से साफ हो गया है कि इस बार डूटा अध्यक्ष पद पर भाजपा समर्थित शिक्षक संगठन एनडीटीएफ अनुभव के साथ राजनैतिक सूझबूझ और मुद्दों की गहराई से समझ रखने वाले नेतृत्व की पक्षधर है. डॉ. भागी ने अपनी उम्मीदवारी के साथ ही स्पष्ट कर दिया है कि वो सक्रिय रूप से शिक्षकों के लिए कार्य कर रहे है और इसलिए उनका मानना है कि डूटा सभी शिक्षकों का एक सामान्य मंच है और इसलिए, यह राजनीतिक उद्देश्यों की पूर्ति करने के का माध्यम नहीं बनना चाहिए.

LIVE TV

AK bhagi

डॉ. भागी ने कहा कि एनडीटीएफ के प्रयासों का ही नतीजा है कि पिछले 5 वर्षों में डीयू के सांविधिक निकायों में यूजीसी से बड़ी ईमानदारी के साथ वेतन आयोग और शिक्षकों के अनुकूल सेवा शर्तों को लागू कराने की दिशा में कोशिशें की गई. अब जरूरत है कि इस लाभ केा विश्वविद्यालय स्तर पर लागू कराने के लिए प्रयास किया जाए और अकादमिक स्वायत्ता को बाहरी और आंतरिक खतरों से बचाने के लिए राजनीतिक एजेंडे को छोड़कर मिलकर काम किया जाए. डॉ. भागी ने कहा कि सरकार को 100 फीसद वित्त पोषण जारी रखना होगा और इन्फ्रास्ट्रक्चर और अतिरिक्त 25 फीसद शिक्षण और गैर शिक्षण पदों के लिए अतिरिक्त ईडब्ल्यूएस विस्तार बजट देना होगा. यहां बता दे कि डूटा चुनाव के लिए आगामी 29 अगस्त, 2019 को मतदान होगा.