फेयरनेस क्रीम के नाम पर विवाद, इमामी के खिलाफ हिंदुस्तान यूनिलीवर को अंतरिम राहत

एचयूएल ने हाल में पुरुषों की स्किन क्रीम के नाम से ‘फेयर’ शब्द हटाकर उसे ‘ग्लो एंड हैंडसम’ कर दिया था जबकि इमामी पहले ही ‘ग्लो एंड हैंडसम’ नाम से स्कीन क्रीम बनाती है.

फेयरनेस क्रीम के नाम पर विवाद, इमामी के खिलाफ हिंदुस्तान यूनिलीवर को अंतरिम राहत
बॉम्बे हाई कोर्ट.

मुंबई: बॉम्बे हाई कोर्ट ने सोमवार को हिंदुस्तान यूनीलीवर (एचयूएल) को अंतरिम राहत देते हुए एफएमसीजी कंपनी इमामी से कहा कि उसे ट्रेडमार्क पर कानूनी प्रक्रिया शुरू करने से सात दिन पहले एचयूएल को नोटिस देनी होगी.

दरअसल एचयूएल ने हाल में पुरुषों की स्किन क्रीम के नाम से ‘फेयर’ शब्द हटाकर उसे ‘ग्लो एंड हैंडसम’ कर दिया था जबकि इमामी पहले से ही ‘ग्लो एंड हैंडसम’ नाम से स्कीन क्रीम बनाती है.

जस्टिस बी. पी. कोलाबवाला एचयूएल द्वारा ट्रेड ट्रेडमार्क कानून के तहत दायर याचिका की सुनवाई कर रहे थे. एचयूएल ने अपनी याचिका में कहा था कि प्रतिवादी (इमामी) को किसी भी अदालत में कानूनी कार्यवाई शुरू करने से कम से कम सात दिन पहले उसे लिखित नोटिस देनी चाहिए.

अदालत ने प्रारंभिक दलीलें सुनने के बाद कहा कि पहली नजर में ऐसा लगता है कि एचयूएल के पास यह मार्क पहले से था जैसा कि इसने पहले सितंबर 2018 में और फिर 25 जून 2020 को इसके ट्रेडमार्क के लिए आवेदन किया था.

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अदालत ने कहा कि इमामी के बयान पर दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद निर्णय किया जाएगा.

पीठ ने इमामी को कानूनी कार्रवाई शुरू करने से पहले एचयूएल को सात दिन पूर्व लिखित नोटिस देने का निर्देश दिया. इस मामले की अगली सुनवाई 27 जुलाई को होगी.