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डिजिटल लेनदेन के मद्देनजर साइबर अपराधों को लेकर हमारी नीति रियेक्टिव नहीं, प्रो-एक्टिव: सरकार

देश में नोटबंदी के फैसले के बाद डिजिटल अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ने के प्रयासों के मद्देनजर साइबर सुरक्षा को लेकर खुद को तैयार बताते हुए सरकार ने कहा है कि साइबर अपराधों से निपटने के लिए हमारी नीति रियेक्टिव नहीं, प्रो-एक्टिव है। केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री पी पी चौधरी ने कहा कि साइबर सुरक्षा को लेकर केंद्रीकृत व्यवस्था नहीं है बल्कि विकेंद्रीकरण की व्यवस्था है और हर मंत्रालय, हर विभाग साइबर सुरक्षा को लेकर पूरी तरह उपकरणों से सुसज्जित है।

डिजिटल लेनदेन के मद्देनजर साइबर अपराधों को लेकर हमारी नीति रियेक्टिव नहीं, प्रो-एक्टिव: सरकार

नयी दिल्ली: देश में नोटबंदी के फैसले के बाद डिजिटल अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ने के प्रयासों के मद्देनजर साइबर सुरक्षा को लेकर खुद को तैयार बताते हुए सरकार ने कहा है कि साइबर अपराधों से निपटने के लिए हमारी नीति रियेक्टिव नहीं, प्रो-एक्टिव है। केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री पी पी चौधरी ने कहा कि साइबर सुरक्षा को लेकर केंद्रीकृत व्यवस्था नहीं है बल्कि विकेंद्रीकरण की व्यवस्था है और हर मंत्रालय, हर विभाग साइबर सुरक्षा को लेकर पूरी तरह उपकरणों से सुसज्जित है।

डिजिटल अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ने तथा क्रेडिट और डेबिट काडोर्ं का इस्तेमाल अधिक होने की स्थिति में हैकिंग आदि अपराधों की आशंका के प्रश्न पर चौधरी ने कहा, ‘साइबर सुरक्षा को लेकर सरकार पूरी तरह चौकन्नी है। कोई चिंता की बात नहीं है। पूरे देश को देखने के लिए हमारा मंत्रालय भी वैल इक्विप्ड है।’ मंत्री ने कहा, ‘साइबर अपराध के मामलों को लेकर हमारी नीति रियेक्टिव (प्रतिक्रियावादी) नहीं है बल्कि प्रो-एक्टिव (अग्रसक्रियता वाली) है।’ उन्होंने कहा कि आंकड़ों पर नजर डालें तो साइबर अपराधों की संख्या में पहले की तुलना में कमी आई है।

नकदीरहित लेनदेन के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि नकदी पास में होने पर लूटपाट और चोरी की आशंका अधिक होती है। पिछले दिनों बड़ी संख्या में लोगों के डेबिट कार्ड हैक होने और उनसे अनधिकृत तरीके से लेनदेन के मामलों के संदर्भ में चौधरी ने कहा बैंक भी पूरी तरह साइबर अपराध रोधी प्रणाली से युक्त हैं। बैंकों में अलग से साइबर सुरक्षा की व्यवस्था है। गौरतलब है कि अक्टूबर महीने में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, आईसीआईसीआई बैंक, एचडीएफसी बैंक समेत कुछ बैंकों के लाखों की संख्या में डेबिट कार्ड हैक होने का और उनसे चीन में अनधिकृत तरीके से लेनदेन का मामला सामने आया था।

इससे पहले अगस्त में वित्त मंत्री अरुण जेटली ने लोकसभा में एक प्रश्न के उत्तर में बताया था कि सार्वजनिक क्षेत्र के एक बैंक के ऑनलाइन सिस्टम को हैक करने के प्रयास किये गये थे लेकिन समय रहते कार्रवाई करके उन्हें नाकाम कर दिया गया था। नोटबंदी पर चर्चा को लेकर संसद के शीतकालीन सत्र में सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच बने रहे गतिरोध के बारे में पूछे जाने पर चौधरी ने आरोप लगाया कि पहली बार राजनीति का स्तर इतना गिरा है और विपक्ष ने भ्रष्टाचार के खिलाफ नहीं बल्कि कालाधन के समर्थन में विरोध प्रदर्शन और वाकआउट किया।

उन्होंने कहा, ‘यह राजनीति की गिरावट की पराकाष्ठा है।’ शुक्रवार को भाजपा संसदीय दल की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण में बोली गयी कुछ बातों को दोहराते हुए मंत्री ने कहा कि कांग्रेस ने कभी राष्ट्रहित में निर्णय नहीं लिया और पार्टी हित में ही फैसले किये हैं, जबकि भाजपा देशहित में काम करती है। चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री ने नोटबंदी का ऐतिहासिक निर्णय राष्ट्रहित में लिया है, पार्टी हित में नहीं। पहले की सरकारों में पार्टी हित में फैसले लिये जाते थे। चुनावों को ध्यान में रखा जाता था।

जब चौधरी से पूछा गया कि क्या 1000 और 500 रुपये के नोटों को बंद करने के फैसले से भाजपा को उत्तर प्रदेश, पंजाब समेत आगामी विधानसभा चुनावों में फायदा होगा, जबकि जनता को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। इसके जवाब में उन्होंने कहा, ‘चुनावों में जरूर फायदा होगा। जनता सब जानती है।’ उन्होंने कहा, ‘सबसे बड़ी बात कि देश को फायदा होगा।’