पाकिस्तान को पुलवामा हमले के सबूत नहीं देगा भारत, दुनिया के सामने करेगा बेनकाब : सूत्र

भारत की तैयारी है कि वह पुलवामा हमले की सच्चाई दुनिया को बताकर पाकिस्तान के आतंकी चेहरे को बेनकाब किया जाए.

पाकिस्तान को पुलवामा हमले के सबूत नहीं देगा भारत, दुनिया के सामने करेगा बेनकाब : सूत्र
गृहमंत्री राजनाथ सिंह और पाकिस्तान में भारत के राजदूत अजय बिसारिया के बीच हुई बातचीत में यह फैसला लिया गया है.
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नई दिल्ली: पुलवामा हमले पर भारत की ओर से पाकिस्तान को कोई सबूत नहीं दी जाएगी. सूत्रों के मुताबिक बुधवार को गृहमंत्री राजनाथ सिंह और पाकिस्तान में भारत के राजदूत अजय बिसारिया के बीच हुई मुलाकात में तय हुआ है कि भारत पुलवामा हमले से जुड़े कोई भी सबूत पाकिस्तान को नहीं देगा. बताया जा रहा है कि गृहमंत्री ने राजदूत अजय बिसारिया से स्पष्ट रूप से कह दिया है कि अगर इस्लामबाद में उनसे पुलवामा हमले से जुड़े कोई भी सबूत मांगें जाएं तो वे साफ तौर से इनकार कर दें.

इस मुलाकात में तय हुआ है कि भारत पुलवामा हमले में पाकिस्तान की संलिप्तता के सबूत दुनिया के अलग-अलग देशों को सौपेंगा. भारत की तैयारी है कि वह पुलवामा हमले की सच्चाई दुनिया को बताकर पाकिस्तान के आतंकी चेहरे को बेनकाब किया जाए.

मालूम हो कि भारत ने साफ तौर से कहा है कि पुलवामा हमले को अंजाम देने में पाकिस्तानी सेना ने आतंकवादियों की मदद की थी. इसपर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने कहा था कि भारत सबूत दिखाकर साबित करे कि पुलवामा हमले में पाकिस्तान ने मदद की थी.

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार प्रमुख ने की पुलवामा आतंकवादी हमले की कड़ी निंदा
संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार के एक शीर्ष अधिकारी ने जम्मू कश्मीर के पुलवामा में 14 फरवरी को हुए आतंकवादी हमले की कड़ी निंदा करते हुए प्राधिकारियों से अपराधियों को न्याय के दायरे में लाने की अपील की है. मानवाधिकार उच्चायुक्त कार्यालय (ओएचसीएचआर) के प्रवक्ता रुपर्ट कोलविले ने मंगलवार को जिनेवा में कहा कि संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त मिशेल बाचेलेत पुलवामा में ही सोमवार को हुई मुठभेड़ में जवानों के शहीद होने की खबर से भी दु:खी हैं.

कोलविले ने कहा, ‘उच्चायुक्त जम्मू कश्मीर के पुलवामा जिले में 14 फरवरी को भारतीय सुरक्षा बलों पर किए गए आत्मघाती हमले की कड़ी निंदा करती हैं और प्राधिकारियों से साजिशकर्ताओं को न्याय के दायरे में लाने की अपील करती हैं.’

जैश-ए-मोहम्मद के इस हमले में 40 जवान शहीद हो गए थे. इसके बाद पुलवामा के ही पिंगलान इलाके में मुठभेड़ में सेना के एक मेजर समेत चार जवान शहीद हो गए थे. इस मुठभेड़ में जैश-ए-मोहम्मद में दो आतंकवादी मारे गए थे. संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार प्रमुख ने उम्मीद जताई कि भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़े तनाव से क्षेत्र में असुरक्षा की स्थिति और नहीं बढ़ेगी.

कोलविले ने कहा कि उच्चायुक्त भारत से मिल रही उन रिपोर्टों को लेकर भी ‘‘चिंतित’’ हैं जिनमें कहा गया है कि ‘‘कुछ तत्व’’ भारत के विभिन्न हिस्सों में रह रहे कश्मीरी लोगों को निशाना बनाकर ‘‘खतरे एवं हिंसा के संभावित कृत्यों को न्यायोचित’’ ठहराने के लिए हमले का इस्तेमाल कर रहे हैं.

उन्होंने कहा, ‘हम इस बात को अहमियत देते हैं कि इन घटनाओं से निपटने के लिए भारतीय प्राधिकारियों ने कदम उठाए हैं. हम उम्मीद करते हैं कि सरकार लोगों को सभी प्रकार के खतरों से बचाने के लिए कदम उठाना जारी रखेगी.’