close

खास खबरें सिर्फ आपके लिए...हम खासतौर से आपके लिए कुछ चुनिंदा खबरें लाए हैं. इन्हें सीधे अपने मेलबाक्स में प्राप्त करें.

एक क्लिक में जानिए चंद्र ग्रहण 2019 से जुड़ी हर जानकारी, ऐसे देख सकते हैं लाइव

चंद्र ग्रहण 2019 (Lunar Eclipse 2019) के बाद अब सीधे 2021 में इसे देखा जा सकेगा. इस दौरान कोई भी चंद्र ग्रहण नहीं होगा.

एक क्लिक में जानिए चंद्र ग्रहण 2019 से जुड़ी हर जानकारी, ऐसे देख सकते हैं लाइव
पृथ्वी सूर्य की परिक्रमा करते हुए जब चंद्रमा और सूर्य के बीच में आ जाती है, तो उसे चंद्र ग्रहण कहा जाता है.

नई दिल्ली: आषाढ़ माह की पूर्णिमा यानी आज (16 जुलाई) आंशिक चंद्र ग्रहण (Partial Lunar Eclipse) लगेगा और यह इस वर्ष का अंतिम चंद्र ग्रहण होगा. चंद्र ग्रहण 16 जुलाई  (Chandra Grahan Time)  की रात 1 बजकर 31 मिनट पर शुरू होगा और 17 जुलाई की सुबह 4 बजकर 30 मिनट पर समाप्त होगा. चंद्र ग्रहण के चलते 9 घंटे पहले सूतक काल लग चुका है. यह 16 जुलाई की शाम 4 बजे से शुरू हो चुका है. इस दौरान किसी भी प्रकार के शुभ कार्यों के करने पर मनाही होती है. 

चंद्र ग्रहण 2019 (Lunar Eclipse 2019) के बाद अब सीधे 2021 में इसे देखा जा सकेगा. इस दौरान कोई भी चंद्र ग्रहण नहीं होगा. चंद्र ग्रहण 2019 में दिलचस्पी रखने वालों को इसे देखने का एक अच्छा मौका है. चंद्र ग्रहण को सुबह 3 बजे के करीब स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है. चंद्र ग्रहण को नासा की वेबसाइट www.nasa.gov पर लाइव देखा जा सकता है. 

क्या होता है सूतक काल
सूतक काल सूर्य ग्रहण या चंद्र ग्रहण दोनों ग्रहणों के दौरान लगता है. सूर्यग्रहण और चंद्रग्रहण से पहले के कुछ घंटों को सूतक काल कहा जाता है. माना जाता है कि इस दौरान प्रकृति संवेदनशील हो जाती है और नकारात्मक चीजों का प्रभाव बढ़ जाता है. सूर्यग्रहण से 12 घंटे पहले और चंद्र ग्रहण से 9 घंटे पहले सूतक काल प्रारंभ हो जाता है.

क्या न करें
सूतक काल में कोई भी शुभ काम करने की मनाही होती है. इस दौरान मूर्ति स्पर्श और पूजा-पाठ नहीं करना चाहिए. सूतक काल में गर्भवती स्त्रियों को घर से बाहर नहीं निकलना चाहिए. गर्भवती महिलाओं को ग्रहण के दौरान चाकू, ब्लेड, कैंची जैसी चीजों का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए. माना जाता है कि ऐसा करने से बच्चे के विकास पर असर पड़ता है. चंद्र ग्रहण के दौरान यौन संबंध बनाने से भी बचना चाहिए. ग्रहण के दौरान अनावश्यक रूप से खाने-पीने पर भी मनाही होती है. इस दौरान वहीं खाना प्रयोग में लाया जा सकता है, जिनमें तुलसी का पत्ता पहले से रखा गया हो. 

क्या होता है चंद्र ग्रहण
पृथ्वी सूर्य की परिक्रमा करते हुए जब चंद्रमा और सूर्य के बीच में आ जाती है, तो उसे चंद्र ग्रहण कहा जाता है. इस दौरान चंद्रमा की सतह पर पृथ्‍वी के बीच के हिस्से की छाया पड़ती है, उसे अंब्र (Umbra) कहा जाता है. चंद्रमा के उस हिस्‍से में पृथ्‍वी के बाहरी हिस्‍से की छाया पड़ती है, जिसे पिनम्‍ब्र (Penumbra) कहते हैं. चंद्र ग्रहण के दौरान चंद्रमा के एक बड़े हिस्‍से में पृथ्‍वी की छाया दिखाई देती है.

देखा जा सकता है चंद्र ग्रहण
चंद्र ग्रहण 2019 को भारत के साथ ही कई देशों में देखा जा सकता है. चंद्र ग्रहण को कुछ देशों के उत्तर-पूर्वी भाग में नहीं देखा जा सकेगा. ऑस्ट्रेलिया, एशिया, अफ्रीका, यूरोप, उत्तरी तथा दक्षिणी अमेरिका के ज्यादातर हिस्सों से देखा जा सकेगा. मान्यता है कि चंद्र ग्रहण के दौरान मंत्रों के जाप से इसके प्रभाव को कम और समाप्त किया जा सकता है. ग्रहण समाप्त होने के बाद लोग स्‍नान करके गंगाजल से घर की शुद्धि करते हैं. ग्रहण काल को अशुभ माना जाता है.