ओमिक्रॉन के खतरे के बीच लखनऊ में धारा-144 लागू, इन नियमों का पालन हुआ जरूरी
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ओमिक्रॉन के खतरे के बीच लखनऊ में धारा-144 लागू, इन नियमों का पालन हुआ जरूरी

पुलिस की ओर से जारी बयान के मुताबिक, शादी समारोह व अन्य आयोजनों में व्यक्तियों की उपस्थिति बंद स्थानों पर एक समय में अधिकतम 100 की कोविड प्रोटोकाल के तहत होगी. कोविड हेल्प डेस्क की बनाना जरूरी होगी.

ओमिक्रॉन के खतरे के बीच लखनऊ में धारा-144 लागू, इन नियमों का पालन हुआ जरूरी

लखनऊ: कोरोना के नए वेरिएंट को लेकर केंद्र सरकार के अलावा राज्यों ने भी सावधानी बरतनी शुरू कर दी है. कई राज्यों में स्कूलों को बंद करने का फैसला हुआ तो कई शहरों में पाबंदियां बढ़ी दी गई हैं. इस कड़ी में उत्तर प्रदेश सरकार ने भी बड़ा कदम उठाया है और राजधानी लखनऊ में धारा 144 लागू की गई है.

मास्क लगाना हुआ अनिवार्य

लखनऊ में क्रिसमस, 31 दिसंबर और नए साल की पार्टियों के दौरान कोविड प्रोटाकल का सख्ती से पालन करना, मास्क लगाना और दो गज की दूरी का पालन करना अनिवार्य होगा. पुलिस ने मंगलवार को इसे लेकर जारी आदेश में कहा कि सीआरपीसी की धारा 144 के तहत लखनऊ में पांच जनवरी, 2022 तक निषेधाज्ञा लागू रहेगी.

पुलिस आयुक्त डी. के. ठाकुर ने बताया कि शासन की ओर से लागू किये गये कोविड प्रोटोकाल का कड़ाई से अनुपालन करना होगा. इस दौरान विधान भवन और उसके आस-पास एक किलोमीटर के दायरे में विशेष सतर्कता रहेगी.

विधान भवन के बाहर बढ़ी सुरक्षा 

नए नियमों के मुताबिक इलाके में इक्का, तांगा, आतिशबाजी, ज्वलनशील पदार्थ लेकर चलना प्रतिबंधित रहेगा. वहीं, ऑनलाइन गतिविधियों पर साइबर क्राइम सेल की कड़ी नजर रहेगी. ऑनलाइन अफवाहें फैलाने वालों और आपत्तिजनक पोस्ट डालने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.

पुलिस की ओर से जारी बयान के मुताबिक, शादी समारोह व अन्य आयोजनों में व्यक्तियों की उपस्थिति बंद स्थानों पर एक समय में अधिकतम 100 की कोविड प्रोटोकाल के तहत होगी. कोविड हेल्प डेस्क की बनाना जरूरी होगी.

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इसके अलावा UPSC और पीएससी एग्जास से लेकर किसी भी तरह की सरकारी परीक्षा के लिए पुख्ता इंतजाम किए गए हैं. एग्जाम में नकल पर लगाम कसने के मसकद से किसी भी असामाजिक तत्व को सेंटर के आस-पास नहीं भटकने दिया जाएगा. साथ ही किसान आंदोलन की चेतावनी के बाद लखनऊ पुलिस मुस्तैद हो गई है.   

ओमिक्रॉन वेरिएंट का खतरा 

भारत में अब तक ओमिक्रॉन वेरिएंट के 20 से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं और ऐसे में ज्यादा सतर्कता बरती जा रही है. इसके अलावा विशेषज्ञों ने जनवरी-फरवरी में कोरोना की तीसरी लहर आने की आशंका भी जताई है और सरकार इस नए वेरिएंट को लेकर ज्यादा सावधानी बरत रही है.  

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