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छत्तीसगढ़ की बेटी को दिल्ली से मिला न्योता, प्रधानमंत्री बॉक्स से देखेंगी गणतंत्र दिवस की परेड

सीबीएसई बोर्ड में देशभर के 10वीं में दूसरा स्थान प्राप्त करने वाली छात्रा साक्षी भागडीकर प्रधानमंत्री बॉक्स से गणतंत्र की परेड देखेंगी.

छत्तीसगढ़ की बेटी को दिल्ली से मिला न्योता, प्रधानमंत्री बॉक्स से देखेंगी गणतंत्र दिवस की परेड
इस निमंत्रण से छात्रा का परिवार खुद को गौरवान्वित महसूस कर रहा है.

शैलेंद्र सिंह ठाकुर, बिलासपुर: देश की राजधानी दिल्ली में 26 जनवरी गणतंत्र दिवस के अवसर पर बिलासपुर की बेटी साक्षी भागडीकर को छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व करने के लिए दिल्ली प्रधानमंत्री कार्यालय से बुलावा आया है. सीबीएसई बोर्ड में देशभर के 10वीं में दूसरा स्थान प्राप्त करने वाली छात्रा साक्षी प्रधानमंत्री बॉक्स से परेड देखेंगी. इस निमंत्रण से छात्रा का परिवार खुद को गौरवान्वित महसूस कर रहा है. भारत सरकार के इस न्यौते ने बिलासपुर और प्रदेश का मान बढ़ाया है.

साक्षी शहर के ब्रिलियंट पब्लिक स्कूल की छात्रा हैं. तिलक नज़र निवासी डॉ. जीवन एच. भागडीकर की बेटी साक्षी ने सीबीएसई 10वीं बोर्ड की परीक्षा में देश में दुसरा स्थान प्राप्त किया. इन्हें मानव संसाधन विकास विभाग भारत सरकार द्वारा गणतंत्र दिवस परेड में प्रधानमंत्री बॉक्स में शामिल होने का अवसर प्रदान किया गया है. इस परेड में देशभर के 100 टॉपर छात्र शामिल रहेंगे.

इस संबंध में साक्षी ने कहा, ''यह मेरे लिए गर्व की बात है. इसके लिए मै भगवान का भी शुक्रगुजार हूं. भारत के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे कलाम मेरे आदर्श हैं. उनकी मिसाइल को देखना मेरे लिए सपने की बात थी जिसे मुझे देखने का सौभाग्य मिल रहा है. गणतंत्र दिवस को दिल्ली में हम अपने देश की संपन्नता को देखते हैं. मेरे माता-पिता मेरे प्रेरणास्त्रोत हैं. उनके मनोबल और विशेष योगदान से मैं इस मुकाम तक पहुंचने में सफल हुई हूं.''

वहीं छात्रा साक्षी की माता डॉ. समृद्धि भागडीकर ने बताया, ''हमें अपने बेटी पर बहुत गर्व है. अब तक हम परेड टीवी में देखा करते थे जिसे देखकर ही हमें देश भक्ति का अनुभव होता है. जब इसे हम सामने देखेंगे तो ये एक शानदार अनुभव होगा.''

इसके अलावा साक्षी के पिता डॉ. जीवन भागडीकर ने कहा, ''यह एक पिता के लिए सबसे अच्छा पल होता है जब उनके नाम से उसके पिता की पहचान होती है. मेरी बेटी बचपन से ही होनहार है. उसे पढ़ना, लिखना और कविता की रचना करना उसे बहुत पसंद है. उसका सपना वैज्ञानिक बनने का है जिसे पंख देने के लिए पूरा परिवार साक्षी के साथ हर कदम पर खड़ा हुआ है.''