मरवाही की जंग: जोगी के गढ़ में सेंधमारी के लिए BJP का जोर, क्या आदिवासी देंगे वोट?
topStorieshindi

मरवाही की जंग: जोगी के गढ़ में सेंधमारी के लिए BJP का जोर, क्या आदिवासी देंगे वोट?

छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के निधन के बाद खाली हुई मरवाही सीट पर होने वाले विधानसभा उपचुनाव को लेकर सरगर्मियां तेज हो गई है. सभी दल इस सीट पर जीत दर्ज करने के लिए पूरा जोर लगा रहे हैं.

मरवाही की जंग: जोगी के गढ़ में सेंधमारी के लिए BJP का जोर, क्या आदिवासी देंगे वोट?

पेंड्रा: छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के निधन के बाद खाली हुई मरवाही सीट पर होने वाले विधानसभा उपचुनाव को लेकर सरगर्मियां तेज हो गई है. सभी दल इस सीट पर जीत दर्ज करने के लिए पूरा जोर लगा रहे हैं. वहीं जीत के साथ इतिहास रचने के लिए बीजेपी ने भी कमर कस ली है.  इसी क्रम में गुरुवार को बीजेपी के वरिष्ठ नेता रामविचार नेताम मरवाही दौरे पर पहुंचे. जहां उन्होंने गोंड आदिवासियों के साथ मीटिंग कर उन्हें बीजेपी के पक्ष में वोट करने की अपील की.

जनता से वोट मांगने के साथ बीजेपी के वरिष्ठ नेता रामविचार नेताम ने विरोधी दलों पर भी निशाना साधा. उन्होंने कहा कि जोगी ने कभी भी मरवाही का विकास नहीं किया. इसीलिए लोगों का भला नहीं हुआ. बीजेपी के वरिष्ठ नेता ने कहा कि मरवाही में हमारा विधायक नहीं था हमारा प्रतिनिधि नहीं था इसलिए यहां विकास नहीं हुआ.

ये भी पढ़ें: कोंडागांव गैंग रेप मामला: केस दबाने के लिए टीआई ने ली थी 10 हजार रुपए की रिश्वत

आपको बता दें कि करीब 2 लाख मतदाता वाली मरवाही विधानसभा आदिवासी और दलित बाहुल्य एसटी आरक्षित सीट है. राज्य बनने के बाद मरवाही विधानसभा क्षेत्र में अबतक 5 चुनाव हो चुके हैं. मरवाही सीट पर बीजेपी कभी भी जीत हासिल नहीं कर पाई है. यहां शुरुआत से ही जोगी परिवार का कब्जा रहा है. अजीत जोगी ने इसी सीट से जीत हासिल कर मुख्यमंत्री बनने का गौरव हासिल किया था. जोगी इस सीट से लगातार 2003 और 2008 में जीत दर्ज करा चुके थे. 

2003 के चुनावों में अजीत जोगी ने 76,269 वोटों के साथ मरवाही विधानसभा सीट को अपने नाम किया था. जबकि उनके विपक्ष में खड़े बीजेपी के नंद कुमार साई को 22,119 वोट ही मिल सके. वहीं 2008 में जोगी ने फिर करीब 42 हजार के बड़े अंतर से जीत हासिल की. उनको जहां 67,522 वोट मिले तो वहीं भाजपा प्रत्याशी ध्यान सिंह को 25,431 वोट ही मिल सके. 

2013 में अजीत जोगी ने मरवाही में अपनी जगह बेटे अमित जोगी को दी. जिस पर खरे उतरते हुए अमित जोगी ने 82,909 वोटों के साथ जीत हासिल की, जबकि भाजपा प्रत्याशी समीरा पैकरा को 36,659 वोट मिल सके. हालांकि 2018  का चुनाव खुद अजीत जोगी ने लड़ा और 45 हजार 395 वोटों के साथ जीत दर्ज की. 

WATCH LIVE TV:  

Trending news