Chhattisgarh News: आईएएस अधिकारी से राजनीति में आए अजीत जोगी को अर्जुन सिंह व दिग्विजय सिंह का साथ मिला. राजीव गांधी के कहने पर ही उन्होंने सियासत शुरू की थी. 14 साल पहले दिग्विजय ने जोगी के मुख्यमंत्री बनने की भविष्यवाणी की थी जो 2000 में छत्तीसगढ़ के पहले सीएम बनकर सच साबित हुई.
CG Election 2023: अमित जोगी की पार्टी जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) ने शुक्रवार को 27 उम्मीदवारों की अपनी पांचवीं सूची जारी की. पार्टी ने थर्ड जेंडर की पूर्व महापौर मधु किन्नर को सूची में शामिल किया है.
भूपेश बघेल (Bhupesh Baghel) ने झीरम घाटी हमले के बाद छत्तीसगढ़ कांग्रेस को ना सिर्फ संभाला बल्कि उसे राज्य में मजबूत भी किया. भूपेश बघेल की मेहनत का ही नतीजा था कि राज्य में 2018 में कांग्रेस की सत्ता में वापसी हुई.
मीडिया रिपोर्ट्स की माने तो सहदेव छत्तीसगढ़ के पहले सीएम अजीत जोगी के बचपन के किरदार का किरदार निभाएंगे. बतौर डायरेक्टर एक आदिवासी लुक के बच्चे की तलाश थी. सहदेव इस रोल के लिए फिट बैठे हैं.
देवव्रत सिंह (Devvrat Singh) के कांग्रेस (Congress) के कई दिग्गज नेताओं से करीबी संबंध रहे हैं. एक समय उनके राहुल गांधी (Rahul Gandhi) और पूरे परिवार से काफी करीबी रिश्ते बताए जाते थे. बताया जाता था कि देवव्रत सिंह के महल में पूर्व पीएम इंदिरा गांधी (Indira Gandhi) भी ठहर चुकी हैं.
छत्तीसगढ़ के पहले मुख्यमंत्री अजीत जोगी लंबे समय तक कांग्रेस में रहे और बाद में उन्होंने अपनी अलग पार्टी ''जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़'' बनाई थी.
बघेल सरकार ने पिछली सरकारों के कार्यकाल में साइन किए गए एमओयू (MOU) निरस्त कर दिए हैं.
जोगी ने कहा कि मुख्यमंत्री बताने की कृपा करेंगे कि अगर हम आदिवासी नहीं हैं तो आखिर हमारी जाति क्या है?
ଅନେକ ରାଜନେତା ଓ ସେଲିବ୍ରିଟିଙ୍କୁ ମହାମାରୀ କୋରୋନା ନିଜ ଶିକାର ବନାଇଛି। ଆଉ କେତେକ ବୟସଙ୍କ ସାଥ ଛାଡ଼ି ଦେବାରୁ ତାଙ୍କର ଦେହାନ୍ତ ହୋଇଛି। ବିଗତ ବର୍ଷକୁ ପୁନର୍ବାର ଦେଖିବା, ପୁଣି ଥରେ ସେହି ଚର୍ଚ୍ଚିତ ଚେହେରା ଗୁଡିକୁ ମନେ ପକାଇବା, ଯାହାଙ୍କୁ ରାଜନୀତିରେ ହରାଇବା କାଠିକର ପାଠଥିଲା।
अजीत जोगी (Ajit Jogi) की मृत्यु के बाद खाली हुई मरवाही विधान सभा सीट (Marwahi Assembly Seat) पर उपचुनाव के लिए हो रही मतगणना में कांग्रेस भारी मतों से आगे चल रही है.
छत्तीसगढ़ में पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी की पार्टी ने मरवाही उप चुनाव ( Marwahi bypoll) से बाहर होने के बाद राज्य के मुख्य विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी को समर्थन देने का फैसला किया है.
जोगी ने ट्वीट करके कहा मरवाही क्षेत्र के ढाई लाख लोग शामिल है,उनसे केवल एक प्रश्न का जवाब जानना चाहता है कि जोगी की जाति क्या है? अगर वे इस प्रश्न का सकारात्मक उत्तर देते हैं,तो मैं खुलकर कांग्रेस का समर्थन करूँगा.
पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस का विश्वास डगमगा चुका है,लोगों को चुनाव लड़ने से रोका जा रहा है,अमित जोगी और उनकी पत्नि को चुनाव लड़ने से रोका गया
छत्तीसगढ़ में पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के निधन के बाद खाली हुई मरवाही सीट पर उपचुनाव होने जा रहा है. इस चुनाव को लेकर अनोखे रंग देखने को मिल रहे हैं. कोई मांदर की थाप पर नाच रहा है, तो कोई जनता को लुभाने के अलग तरीके निकाल रहा है. ऐसी ही तस्वीर आबकारी मंत्री कवासी लखमा की सामने आई है.
मरवाही विधानसभा सीट पर जब से अमित जोगी के चुनाव लड़ने पर रोक लगी है. तब से सियासत गरमा रही है. चुनावी रेस से बाहर होने के बाद अमित जोगी मरवाही विधानसभा में न्याय यात्रा निकाल रहे हैं. अमित जोगी के मरवाही आवास से यह यात्रा शुरू हुई है.
अमित जोगी की तरह ऋचा जोगी के जाति प्रमाण-पत्र को लेकर सवाल उठ रहे थे. जिसके बाद चुनाव आयोग ने उनके नामांकन का आधारहीन बताकर रद्द कर दिया है. खास बात यह होगी कि जोगी के गढ़ में जोगी की पार्टी ही चुनाव नहीं लड़ पाएगी. इतना ही नहीं जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) ने दो और प्रत्याशियों का नामांकन दाखिल कराया था लेकिन उनको पार्टी की ओर से फॉर्म बी नहीं दिया गया था. इससे तय माना जा रहा है कि जोगी पार्टी मरवाही के चुनावी दंगल से बाहर है.
अजीत जोगी ने जाति प्रमाण पत्र को निरस्त किए जाने को लेकर आपत्ति जताई थी. उन्होंने कहा था कि उच्च स्तरीय जाति छानबीन समिति आदिवासी जाति और अनुसूचित जनजाति विकास की तरफ से उन्हें आदेश की कोई कॉपी नहीं दी है
अजीत जोगी ने जाति प्रमाण पत्र को निरस्त किए जाने को लेकर आपत्ति जताई है. उन्होंने कहा कि उच्च स्तरीय जाति छानबीन समिति आदिवासी जाति और अनुसूचित जनजाति विकास की तरफ से उन्हें आदेश की कोई कॉपी नहीं दी है और ना ही उन्हें जाति प्रमाण पत्र को लेकर अपना पक्ष रखने का समय दिया गया.
मरवाही सीट पर उपचुनाव के चलते 3 नवंबर को मतदान होना है. जिसके लिए अनुसूचित जाति की आरक्षित सीट पर एक ही पार्टी से दो उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किया है. उपचुनाव के नतीजे 10 नवंबर को घोषित किए जाएंगे.
छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के निधन के बाद मरवाही विधानसभा सीट पर उपचुनाव होने जा रहा है. 2018 के बाद हो रहे दूसरे उपचुनाव में मरवाही सीट सियासत का खास अखाड़ा बन गई है. JJC, कांग्रेस और बीजेपी यहां जीत के लिए पूरा जोर लगा रहे हैं.
समिति को लिखे अपने जवाब में उन्होंने यह भी कहा कि वे दो माह के बच्चे की मां हैं. जिसे लगातार ब्रेस्टफीड और मातृत्व केयर की जरूरत पड़ती है. इसलिए भारत सरकार और आईसीएमआर की तरफ से जारी गाइडलाइंस के मुताबिक उन्हें 10 दिनों बाद चिकित्सकीय निगरानी में सुनवाई का अवसर देना चाहिए.
छत्तीसगढ़ में पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के निधन के बाद खाली हुई मरवाही विधानसभा सीट पर उपचुनाव को लेकर सरगर्मियां तेज हो गई हैं. जहां सत्तारूढ़ कांग्रेस ने अब तक अपने उम्मीदवार का नाम घोषित नहीं किया है. वहीं बीजेपी ने अपने प्रत्याशी के नाम का ऐलान कर दिया है.