कभी था नक्सलवाद का गढ़, वहां आज है शिक्षा का बोलबाला, CGPCS परीक्षा का 'टॉपर' बना युवक

उसूर ब्लॉक बीते सालों में 4 युवाओं का पीसीएस में चयन हो चुका है. अजय कोडियम की CGPCS 2019 में कुल 98वीं रैंक आई है. वहीं एसटी कैटेगरी में अजय कोडियम ने टॉप किया है. 

कभी था नक्सलवाद का गढ़, वहां आज है शिक्षा का बोलबाला, CGPCS परीक्षा का 'टॉपर' बना युवक
फाइल फोटो.

पवन दुर्गम/बीजापुरः छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के गढ़ माने जाने वाले इलाकों में बदलाव की बयार बह रही है. इसी का उदाहरण है कि कभी नक्सलवाद के लिए चर्चा में रहने वाले बीजापुर में अब युवा शिक्षा के क्षेत्र में नए कीर्तिमान गढ़ रहे हैं. बता दें कि छत्तीसगढ़ पीसीएस परीक्षा 2019 (CGPSC Result 2019) के नतीजे घोषित हो गए हैं. इन नतीजों में बीजापुर के उसूर ब्लॉक के युवा अजय मोडियम ने भी सफलता हासिल की है. 

गौरतलब है कि बीजापुर जिले का उसूर ब्लॉक नक्सलवाद के लिहाज से बेहद संवेदनशील माना जाता है. वहां से किसी युवा का पीसीएस परीक्षा में पास होना बड़े बदलाव का सूबत है. उल्लेखनीय है कि उसूर ब्लॉक बीते सालों में 4 युवाओं का पीसीएस में चयन हो चुका है. अजय कोडियम की राज्य प्रशासनिक सेवा में कुल 98वीं रैंक आई है. वहीं एसटी कैटेगरी में अजय कोडियम ने टॉप किया है. 

अजय कोडियम एक गरीब आदिवासी परिवार से ताल्लुक रखते हैं और उसूर ब्लॉक के चिलकापल्ली गांव के निवासी हैं. अक्सर उसूर ब्लॉक में बम, बारूद और धमाकों की गूंज सुनाई पड़ती है. टेकलगुडम में जहां 22 जवान नक्सलियों से मुठभेड़ में शहीद हुए थे, वहां से कुछ ही किलोमीटर की दूरी पर अजय कोडियम का घर है. रैंकिंग के आधार पर अजय कोडियम को डिप्टी कलेक्टर का पद मिलना तय माना जा रहा है.  

नीरनिधि नंदेहा बने CGPCS 2019 के टॉपर
CGPCS 2019 परीक्षा में रायपुर के नीरनिधि नंदेहा ने टॉप किया है. 26 साल के नीरनिधि का यह दूसरा प्रयास था. नीरनिधि के पिता इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में कृषि वैज्ञानिक हैं और मां गृहणी हैं. वहीं ऋषि चंद्राकर ने दूसरा, सोनू डेविड ने तीसरा, गगन शर्मा ने चौथा, रुचि शार्दुल ने पांचवा स्थान हासिल किया है.