प्रेरकों को नहीं मिल रही पगार

सोचिए अगर आपको एक साल से भी ज़्यादा वक्त से काम के बदले सैलरी ना मिले तो क्या होगा, ऐसा ही कुछ हो रहा है सीहोर के संविदा प्रेरकों के साथ, पढ़िए पूरी ख़बर। 

प्रेरकों को नहीं मिल रही पगार

सीहोर: मध्य प्रदेश के सीहोर में सैलरी को लेकर संविदा प्रेरकों ने कलेक्टर दफ़्तर के सामने जमकर प्रदर्शन किया।

इन संविदा प्रेरकों ने एडीएम चंद्रमोहन मिश्रा को मुख्यमंत्री के नाम पर एक ज्ञापन भी सौंपा।

इन संविदा प्रेरकों ने ज़िला प्रशासन पर बड़ी लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि पिछले 13 महीनों से इन लोगों को सैलरी नहीं मिली है।

जिसकी वजह से इन लोगों के सामने आर्थिक परेशानियां खड़ी हो गई हैं, हालत ये है कि कई लोगों के सामने भूखों मरने की नौबत आ गई है।

दरअसल साल 2012 में ज़िले की 497 ग्राम पंचायतों में 650 संविदा प्रेरकों की नियुक्ति की गई थी।

इन संविदा प्रेरकों का मानदेय 2 हज़ार रुपए प्रति महीना तय किया गया था। इन संविदा प्रेरकों का काम स्कूल नहीं जाने वाले 15 साल से ऊपर के बच्चों को पढ़ाना होता है।

इसके साथ ही ये संविदा प्रेरक शासन की योजनाओं का भी प्रचार-प्रसार करते हैं।