बिजली वृद्धि के सवाल पर ऊर्जा मंत्री का जवाब, ''इस तरह के किसी प्रस्ताव की जानकारी नहीं''

मध्य प्रदेश में बिजली की दरें बढ़ाए जाने के मुद्दे पर अलग-अलग बयान सामने आ रहे हैं. प्रदेश के ऊर्जा मंत्री से जब इस मुद्दे पर सवाल किया गया तो उनका कहना था कि बिजली की दरें बढ़ाए जाने से संबंधित कोई जानकारी उनके पास नहीं है.  

बिजली वृद्धि के सवाल पर ऊर्जा मंत्री का जवाब, ''इस तरह के किसी प्रस्ताव की जानकारी नहीं''
तुसली सिलावट से मिले प्रद्युम्न सिंह तोमर

इंदौरः इंदौर पहुंचे प्रदेश के ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर से जब प्रदेश में बिजली की कीमतों की बढ़ोत्तरी के मुद्दे पर सवाल किया गया तो उनका कहना था कि बिजली दर बढ़ाने के लिए किसी भी प्रकार के प्रस्ताव की जानकारी उनके पास नहीं है. लेकिन अगर खर्चे बढ़ते हैं तो बिजली की दर में भी वृद्धि होगी, हम कोशिश कर रहे हैं कि खर्चे कम हो जिससे आम जनता को सस्ती बिजली मिल सके.  

हम दिल्ली से सस्ती बिजली मध्यप्रदेश में दे रहे हैंः ऊर्जा मंत्री
ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने कहा कि हम दिल्ली से सस्ती बिजली मध्यप्रदेश में दे रहे हैं. हम किसानों को बिजली पर साढ़े 14 हजार करोड़ की सब्सिडी दे रहे हैं, दिल्ली में कोई किसान नहीं है. लेकिन मध्य प्रदेश के किसानों को पर्याप्त बिजली मिल रही है. किसानों को जो बिजली दी जा रही है उसके 1 रुपए के खर्च में 92 पैसे सरकार देती है, केवल 8 पैसे किसानों से लिए जाते हैं. इसी तरह जनतो को बिजली पर हमारी सरकार साढ़े 4 हजार करोड़ की सब्सिडी देने का काम कर रही है. प्रदेश में 100 यूनिट बिजली 100 रूपए में दी जा रही है.

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वही आयकर के मुद्दे पर मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने कहा कि आयकर दाता चाहे राजनेता, अधिकारी या फिर कोई आम नागरिक हो, जिसको सब्सिडी की जरूरत नहीं है, उन्हें सब्सिडी नहीं दी जाएगी. सरकार ने उन आयकर दाता को 100 रुपए में 100 यूनिट बिजली की स्कीम से बाहर निकाला है जो सक्षम है. इससे जो पैसा बचेगा वह जनता के हित में खर्च किया जाएगा.

बिजली के निजीकरण पर अभी कोई फैसला नहींः प्रद्युम्न सिंह तोमर
प्रदेश में बिजली कंपनी के निजीकरण पर ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने कहा कि इस तरह का कोई भी फैसला अभी हमारी सरकार की तरफ से नहीं लिया गया है, अगर ऐसा कुछ होगा तो यह फैसला सर्वसम्मति से ही लिया जाएगा. लेकिन फिलहाल इस तरह का सरकार का कोई विचार नहीं है. देश में मध्य प्रदेश पहला ऐसा प्रदेश है जो कि सब्सिडी की राशि किसानों के खाते में डालने का प्रयोग कर रहा है. यदि यह प्रयोग सफल रहता है तो उसे पूरे प्रदेश में विस्तार किया जाएगा.

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तुलसी सिलावट से मिलने पहुंचे थे  प्रद्युम्न सिंह तोमर
दरअसल, ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर इंदौर में जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट से मिलने पहुंचे थे. इस दौरान जब उनसे इंदौर में हुए खाद्य विभाग के घोटाले पर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि यहां पर जो कार्रवाई की गई वह सटीक कार्यवाई है. जो यह कहते थे कि भारतीय जनता पार्टी के लोग माल डकार रहे हैं, उनके सामने यह उदाहरण है कि इस तरह की घटनाओं पर हमारी सरकार सख्ती से काम कर रही है. मंत्री सिलावट ने इंदौर जिले में बिजली की परेशानियों की जानकारी भी ऊर्जा मंत्री को दी. दोनों मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के कट्टर समर्थक माने जाते हैं. 

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