रतलाम: बेटी से मिलने के लिए परिवार वालों ने दिया 36 घंटों तक थाने में धरना

36 घंटे धरना देने के बाद पुलिस ने धरने पर बैठे परिवार को बेटी से मिलवाया. जिसके बाद बेटी के सकुशल होने की संतुष्टि कर धरना हंगामा समाप्त किया गया. 

रतलाम: बेटी से मिलने के लिए परिवार वालों ने दिया 36 घंटों तक थाने में धरना
थाने में अपनी बेटी से मिलने के लिए धरना देता परिवार

चंद्रशेखर सोलंकी/रतलाम: देश के हर कोने में आजकल धरने का दौर चल रहा है, इसी बीच रतलाम के रावटी थाना छेत्र के गंगायता पाड़ा से धरने की एक ऐसी खबर सामने आई है, जहां रतलाम के रावटी थाना में एक परिवार ने अपनी बेटी से मिलने के लिए धरना दिया. 36 घंटे धरना देने के बाद पुलिस ने धरने पर बैठे परिवार को बेटी से मिलवाया. जिसके बाद बेटी के सकुशल होने की संतुष्टि कर धरना हंगामा समाप्त किया गया. 

गौरतलब है कि, मायके और ससुराल वालों के बीच विवाद के बाद परिवार ने अपनी बेटी के लिए थाने में रात भर धरना दिया. ठिठुरती ठंड में मायके वाले थाने के सामने अलाव जलाकर बेटी को ससुराल वालों के चंगुल से  छुड़ाने की मांग करते रहे. सैलाना एसडीओ पी बी आर सोलंकी ने लड़की की मां व अन्य ग्रामीणों से चर्चा की और उन्होने थाना प्रभारी आदेश देकर मां को अपनी बेटी से मिलवाने की बात कही. जिसके बाद बेटी को थाने बुलाकर परिवार से मिलवाया गया. 

बता दें, रावटी थाना छेत्र के गंगायता पाड़ा निवासी राजू भूरिया की 19 वर्षीय बेटी रेखा को 15 दिन पहले उसका पति राहुल देवदा लेने आया था. लेकिन चार दिन पहले रेखा की मां व अन्य परिजनों ने रावटी थाने जाकर  रेखा के अपहरण की शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें उसके पति राहुल और कुछ लोगों पर उसे जबरदस्ती अपहरण कर ले जाने की बात की गई थी. 

1 दिन पहले युवती की मां और अन्य परिजन व ग्रामीण रावटी थाने पहुंचे और आरोप लगाने लगे कि युवती जिंदा है या नहीं, उसके साथ कोई घटना तो नहीं की गई, उसे मां से मिलवाया जाए. पुलिस ने समझाने पर मां व अन्य ग्रामीण आक्रोशित होकर धरने पर बैठ गए. 36 घंटे तक परिवार थाने के बाहर बेटी के लिए धरने पर बैठे रहे. थाना प्रभारी अशोक कुमार ननामा ने खोजबीन की तो पता चला कि वह ससुराल में पति के पास है. थाने पर बुलवाने के बाद रेखा ने बयान दिया कि, उसका किसी ने अपहरण नहीं किया है और बयान देकर वह वापस अपने ससुराल चली गई.