बारिश की बेरूखी ने बढ़ाई किसानों की चिंता, बर्बादी की कगार पर खरीफ की फसले

  बुन्देलखण्ड के टीकमगढ़ जिले में बारिश की बेरूखी ने किसानों को चिंतित कर दिया है. जिले भर में किसानों पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं, जहां हर साल जुलाई और अगस्त के महीने में सबसे अधिक बारिश होती थी, वहीं इस बार सामान्य से भी कम बारिश हुई है.

बारिश की बेरूखी ने बढ़ाई किसानों की चिंता, बर्बादी की कगार पर खरीफ की फसले
फाइल फोटो

टीकमगढ़ :  बुन्देलखण्ड के टीकमगढ़ जिले में बारिश की बेरूखी ने किसानों को चिंतित कर दिया है. जिले भर में किसानों पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं, जहां हर साल जुलाई और अगस्त के महीने में सबसे अधिक बारिश होती थी, वहीं इस बार सामान्य से भी कम बारिश हुई है. जिसका खामियाजा किसानों को उठाना पड़ रहा है. 

किसान धनी राम लोधी की मानें तो, पानी न बरसने से खेतों की जमीनों में दरारे फटने लगी है और खरीफ की फसल बर्बाद होने की कगार पर आ गई है, जिससे हमारी चिंता बढ़ रही है. वहीं किसान राघवेंद्र लोधी का कहना है कि उन्होंने साहूकारों से कर्जा लेकर महंगे दामों में खाद बीज खरीद कर फसले बोई थी लेकिन पानी की बेरूखी से उनकी उम्मीदों पर पानी फिरता नजर आ रहा है. 

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वहीं आरटीआई एवं समाजसेवी कार्यकर्ता पवन घुवारा का कहना है कि बुन्देलखण्ड के किसानों के विकास हेतु पूर्व की यूपीए सरकार द्वारा वर्ष 2009-2010 में भारी भरकम पैकेज दिया गया था, इसके बावजूद भी किसान पानी के लिये परेशान है,  बुन्देलखण्ड के विकास के लिये आये पैकेज की राशि भ्रष्टाचार की भेंट चढ गयी और आज किसान परेशान हैं. 

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