बच्चों को अंडे खिलाने पर अड़ीं इमरती देवी, बोलीं- विरोध होता है तो हो, मुझे फर्क नहीं पड़ता

इमरती देवी ने कहा, ''डॉक्टर से सलाह लेकर आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों को पौष्टिक आहार परोसे जाएंगे. जो बच्चे अंडे खाएंगे उन्हें ही दिया जाएगा, जो अंडे नहीं खाएंगे उन्हें फल दिए जाएंगे. किसी बच्चे को जबरदस्ती अंडे नहीं खिलाए जाएंगे."

बच्चों को अंडे खिलाने पर अड़ीं इमरती देवी, बोलीं- विरोध होता है तो हो, मुझे फर्क नहीं पड़ता
मध्य प्रदेश की महिला एवं बाल विकास मंत्री इमरती देवी.

भोपाल: मध्य प्रदेश की महिला एवं बाल विकास मंत्री इमरती देवी आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों को अंडा परोसने के अपने बयान पर अड़ी हुई हैं. गुरुवार को जयविलास पैलेस में मीडिया से चर्चा के दौरान उन्होंने कहा, ''कमलनाथ सरकार थी तब भी कहा था की आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों को अंडे परोसे जाएंगे, आज बीजेपी सरकार है तब भी कह रही हूं, कुपोषण खत्म करने के लिए जिस चीज की आवश्यकता होगी वह बच्चों को परोसा जाएगा.''

''अंडे से कुपोषण दूर होता है, फल की व्यवस्था भी होगी''
इमरती देवी ने कहा, ''डॉक्टर से सलाह लेकर आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों को पौष्टिक आहार परोसे जाएंगे. जो बच्चे अंडे खाएंगे उन्हें ही दिया जाएगा, जो अंडे नहीं खाएंगे उन्हें फल दिए जाएंगे. किसी बच्चे को जबरदस्ती अंडे नहीं खिलाए जाएंगे. मैंने महाराष्ट्र और दूसरे राज्यों में जाकर देखा है वहां 2013-14 से कुपोषित बच्चों को अंडे दिए जा रहे हैं. अंडे से कुपोषण दूर होता है इसलिए फैसला लिया है.'' आपको बता दें कि इमरती देवी के अंडे परोसने वाले बयान का भाजपा में ही विरोध होने लगा है.

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पार्टी में कोई विरोध करता है तो करता रहे: इमरती देवी
जब इमरती देवी से बच्चों को अंडे परासने के उनके बयान के बाद भाजपा में उठ रहे विरोधी सुरों के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, ''इस मामले में अगर पार्टी में कोई विरोध करता भी है तो करता रहे. मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता. बाल विकास विभाग की मंत्री मैं हूं और मैंने निर्णय कर लिया है. जरूरत होगी तो मैं मुख्यमंत्री से भी बात कर लूंगी, लेकिन बच्चों को अंडे दिए जाएंगे.'' 

भाजपा अंडे परोसने की योजना का करती रही है विरोध
आपको बता दें कि कमलनाथ सरकार में इमरती देवी ने बाल विकास मंत्री रहते हुए जब इस योजना को मंजूरी दी थी तो भाजपा ने जमकर विरोध किया था. अब इमरती देवी भाजपा में हैं और अपने पुराने फैसले पर अडिग हैं. अब भाजपा उहापोह की स्थिति में है कि वह अपनी ही सरकार की मंत्री के फैसले का विरोध करे या ना करे? अगर विरोध करती है तो इमरती देवी के लिए मुश्किलें खड़ी होंगी और नहीं करती है तो कांग्रस इसे मुद्दा बनाएगी.

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