MP सरकार ने वापस लिया फैसला, धार्मिक पर्यटन स्थल मैहर और चित्रकूट में नही खुलेंगे रिसॉर्ट बार

पूर्ववर्ती शिवराज सरकार ने कुछ धार्मिक शहरों को पवित्र नगरी घोषित किया था. इन पवित्र शहरों में मदिरा की दुकानों और बार पर प्रतिबंध लगाया था.

MP सरकार ने वापस लिया फैसला, धार्मिक पर्यटन स्थल मैहर और चित्रकूट में नही खुलेंगे रिसॉर्ट बार
हैरिटेज, प्राकृतिक या जलाशय पयर्टन क्षेत्र हों, यहां रिसॉर्ट बार लाइसेंस की फीस अधिक होने की वजह से संचालक लाइसेंस लिए बगैर ही शराब पिलाने का काम करते थे.

भोपाल: मध्य प्रदेश के धार्मिक पर्यटन स्थल मैहर और चित्रकूट में रिसोर्ट में बार के लाइसेंस नहीं दिए जाएंगे. कमलनाथ सरकार ने चार दिन पहले के फैसले को वापस लेने का निर्णय लिया है. हैरिटेज, प्राकृतिक और जलाशय क्षेत्र में रिसॉर्ट बार लाइसेंस दिए जाएंगे. वाणिज्यिक कर विभाग ने पर्यटन विभाग की सहमति के बाद चुनिंदा क्षेत्रों में रिसॉर्ट बार लाइसेंस देने की अधिसूचना जारी की है. इससे सरकार को राजस्व आय होगी लेकिन, अधिसूचना में दो धार्मिक पर्यटन स्थल में भी रिसॉर्ट बार खुलने का जिक्र था. विवाद की स्थिति न बने, इसलिए कमलनाथ सरकार ने दोनों धार्मिक पर्यटन स्थलों पर रिसॉर्ट बार खोलने का फैसला वापस ले लिया है.

पूर्ववर्ती शिवराज सरकार ने कुछ धार्मिक शहरों को पवित्र नगरी घोषित किया था. इन पवित्र शहरों में मदिरा की दुकानों और बार पर प्रतिबंध लगाया था. हैरिटेज, प्राकृतिक या जलाशय पयर्टन क्षेत्र हों, यहां रिसॉर्ट बार लाइसेंस की फीस अधिक होने की वजह से संचालक लाइसेंस लिए बगैर ही शराब पिलाने का काम करते थे. इससे सरकार को राजस्व की हानि होती थी और स्थानीय स्तर पर गड़बड़ियां भी होती थी. वाणिज्य कर विभाग ने पर्यटन क्षेत्रों में रिसॉर्ट बार लाइसेंस देने के लिए एफएल थ्री की श्रेणी बनाते हुए नए सिरे से फीस निर्धारित की थी.

इसमें ढाई लाख रुपये फीस चुकाकर लाइसेंस देने का प्रावधान किया गया. पर्यटन विभाग ने जो पर्यटन क्षेत्र बताए, उसके आधार पर वाणिज्य कर विभाग ने 27 नवंबर को अधिसूचना जारी कर दी. इसमें धार्मिक क्षेत्र मैहर और चित्रकूट को भी शामिल किया गया था. लेकिन, इसका विरोध होने पर विभाग ने तय किया है कि धार्मिक पर्यटन क्षेत्र में लाइसेंस नहीं दिए जाएंगे. इस फैसले की पुष्टि वाणिज्य कर विभाग प्रमुख सचिव मनु श्रीवास्तव ने की है.

अब इन जगह पर दिए जाएंगे लाइसेंस
हैरिटेज पर्यटन क्षेत्र
सांची, भीम बैठका, खजुराहो, मांडू, ओरछा

प्राकृतिक पर्यटन क्षेत्र
पचमढ़ी, तामिया, पातालकोट और उदयगिरी

जलाशय क्षेत्र
गांधी सागर (मंदसौर), तवा (होशंगाबाद), बाणसागर (रीवा), मणीखेड़ा, चांदपाठा (शिवपुरी), गंगउ (पन्ना), मान (धार), जोबट फाटा (अलीराजपुर), गोविंदगढ़ (रीवा), माचागोर (छिंदवाड़ा), सॉपना (बैतूल) और धोलाबड (रतलाम)