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मध्य प्रदेशः डिंडौरी में जर्जर भवनों में संचालित हो रहे हैं आंगनबाड़ी, बन सकता है बड़े हादसे का कारण

महिला बाल विकास विभाग के द्वारा जिले में कुल 1913 आंगनवाड़ी केंद्र संचालित हैं, जिसमें से 442 केंद्रों की हालत तो जर्जर है, वहीं 504 आंगनवाड़ी केंद्र भवनविहीन हैं. 

मध्य प्रदेशः डिंडौरी में जर्जर भवनों में संचालित हो रहे हैं आंगनबाड़ी, बन सकता है बड़े हादसे का कारण
अधिकारी भी भवन की हालत से वाकिफ हैं, लेकिन अबतक किसी ने सुध नहीं ली है. (सांकेतिक तस्वीर)

ग्वालियरः मध्यप्रदेश में मूसलाधार बारिश का दौर जारी है, ऐसे में सभी को बारिश के कहर से बचने और सतर्कता बरतने की सलाह दी जा रही है. वहीं दूसरी तरफ डिंडौरी जिले में शायद प्रशासन को किसी हादसे का इंतजार है. हम ऐसा इसलिये कह रहे हैं क्योंकि डिंडौरी जिले में जर्जर और सड़ चुके भवनों में आंगनवाड़ी केंद्रों का संचालन किया जा रहा है. जिसके चलते नन्हे-मुन्हे बच्चे जान की परवाह किये बिना इन जर्जर भवनों के नीचे बैठकर पढ़ने को मजबूर हैं. आपको जानकर हैरानी होगी कि महिला बाल विकास विभाग के द्वारा जिले में कुल 1913 आंगनवाड़ी केंद्र संचालित हैं, जिसमें से 442 केंद्रों की हालत तो जर्जर है, वहीं 504 आंगनवाड़ी केंद्र भवनविहीन हैं. 

मेंहदवानी विकासखंड के वनग्राम खुदरी में आंगनवाड़ी केंद्र के भवन की हालत इतनी खराब है कि बारिश के दौरान कभी भी जमींदोज हो सकता है. आंगनवाड़ी केंद्र की दीवारों में मोटी-मोटी दरारें पड़ गई हैं और भवन की छत पूरी तरह से सड़ चुकी है. बैगा आदिवासी बाहुल्य इस गांव में आंगनवाड़ी केंद्र भवन की मांग लंबे समय से की जा रही है, लेकिन जवाबदार मूकदर्शक बने हुये हैं. आंगनवाड़ी कार्यकर्ता ने बताया कि भवन की हालत से अधिकारी भी वाकिफ हैं, लेकिन अबतक किसी ने सुध नहीं ली है. 

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डिंडौरी जिले में खुदरी जैसे सैंकड़ों आंगनवाड़ी केंद्र हैं जहां जर्जर और सड़ चुके भवनों के नीचे बच्चों का भविष्य सजाया और संवारा जा रहा है. जिला मुख्यालय से महज 10 किलोमीटर दूर माधोपुर के आंगनवाड़ी केंद्र में नौनिहाल टपकती छत के नीचे छाता और प्लास्टिक ओढ़कर बैठने को मजबूर हैं. हैरान करने वाली बात यह है कि जिलापंचायत के उपाध्यक्ष गंगा सिंह पट्टा जोकि शिक्षा समिति के जिलाध्यक्ष भी हैं उनके गृहग्राम में आंगनवाड़ी केंद्र भवन ही नहीं है. लिहाजा उन्होंने आंगनवाड़ी के लिए खुद का मकान दे दिया है.

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वहीं उनके गांव का स्कूल किचिन शेड में लग रहा है. स्थानीय लोगों का कहना है कि स्थानीय विधायक और कैबिनेट मंत्री ओमकार मरकाम जिले में आंगनवाड़ी केंद्रों की बदहाली से अच्छे से वाकिफ हैं, लेकिन अपनी जिम्मेदारी का ठीकरा केंद्र सरकार पर फोड़ कर मामले से पल्ला झाड़ लेते हैं. ग्रामीणों ने कई बार उन्हें अपनी समस्याओं से अवगत कराया, लेकिन अभी तक उस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है.