छिंदवाड़ा का 'कॉर्न फेस्टिवल', जिसने मक्के को दिलाई नई पहचान, विशेषज्ञ वैज्ञानिकों ने किसानों को दी सलाह

दो दिन का यह आयोजन मक्के से संदर्भित तकनीकी ज्ञान एवं प्रदर्शनी, औद्योगिक संभावनाएं के साथ-साथ मनोरंजन, बॉलीवुड नाइट फैशन शो व अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ मक्के के व्यंजनों के जायके का अद्भुत संगम बन गया.

छिंदवाड़ा का 'कॉर्न फेस्टिवल', जिसने मक्के को दिलाई नई पहचान, विशेषज्ञ वैज्ञानिकों ने किसानों को दी सलाह

छिंदवाड़ा (मप्र) : मक्का (Makka Crop) और उसके उत्पादों को बाजार में नई पहचान दिलाने के मकसद से मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) के छिंदवाड़ा में दो दिवसीय राज्यस्तरीय कॉर्न फेस्टिवल का आयोजन किया गया. इस फेस्टिवल के जरिए जहां मक्का का उत्पादन बढ़ाने, बाजार उपलब्ध कराने के प्रयास किए गए, वहीं मक्के से बने 200 से अधिक स्वादिष्ट व्यंजनों का जायका लेने का लोगों को मौका मिला. अपने तरह के इस विरले आयोजन का मुख्यमंत्री कमलनाथ ने उद्घाटन किया. दो दिन का यह आयोजन मक्के से संदर्भित तकनीकी ज्ञान एवं प्रदर्शनी, औद्योगिक संभावनाएं के साथ-साथ मनोरंजन, बॉलीवुड नाइट फैशन शो व अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ मक्के के व्यंजनों के जायके का अद्भुत संगम बन गया.

इस आयोजन का उद्देश्य देश के कृषकों द्वारा मक्के की फसल को लेकर प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ का अपना एक विशेष विजन सकल राष्ट्र के सम्मुख रखा जाना है, जिससे मक्के की अहम फसल के रूप में लाभ अर्जित कर किसान की आर्थिक दशा में बदलाव के साथ ही इस फसल से देश में रोजगार की संभावनाओं को टटोलना है.

फेस्टिवल में किसानों को प्रमुख अनुसंधान संस्थाओं के ख्याति प्राप्त वैज्ञानिकों के द्वारा तकनीकी मार्गदर्शन दिया गया. वहीं, विभिन्न कंपनियों के विशेषज्ञों के द्वारा मक्के पर व्याख्यान और परिचर्चा की गई और निवेश पर भी चर्चा की गई.

किसानों की मक्का फसल विशेषज्ञ वैज्ञानिकों के साथ परिचर्चा आयोजित की गई. परिचर्चा में देश के अग्रणी कृषि शोध संस्थानों के कृषि वैज्ञानिकों द्वारा किसानों को मक्का के फायदों, मक्का उत्पादन में बढ़ोतरी के उपायों, मक्का के पारंपरिक तथा व्यावसायिक उपयोग के अलावा अन्य उपयोग के बारे में भी जानकारी दी गई.

कृषि वैज्ञानिक डॉ. खनोरकर और डॉ. गुलवीर सिंह पवार ने फेस्टिवल में किसानों को मक्का के उन्नत बीजों एवं खेती के बारे में जानकारी दी. डॉ. खनोरकर ने मक्का के औषधीय गुणों और मक्का का पशुपालन, कपड़ा उद्योग तथा तेल उत्पादन में उपयोग के बारे में बताया.

राष्ट्रीय बीज निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक डॉ. पवार ने मक्का फसल उत्पादन में बीजों की गुणवत्ता और उसके महत्व की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय बीज निगम द्वारा मक्का के उन्नत बीजों का प्रदेश के साथ देशभर में लगातार उत्पादन एवं वितरण कराया जा रहा है.

मक्का कार्यशाला में हरियाणा के किसान डॉ. अरुण कुमार ने मक्का की सफल खेती के बारे में अपने अनुभव साझा किए. उन्होंने हरियाणा के अंतर्गत अलग-अलग होने वाली स्वीट कॉर्न एवं बेबी कॉर्न की खेती से जुड़ी जानकारी दी.

खंडवा जिले के किसान शिव प्रसाद चौहान, क्वार सिंह, थोम सिंह, भाव सिंह, रामेश्वर ठाकरे और दादू कासडे ने बताया, "हम लोग कई पीढ़ियों से मक्के की सफल खेती कर रहे हैं. 

मक्के की औसतन खेती आर्थिक रूप से लाभदायक रहती है. खंडवा जिले में इस वर्ष अधिक बारिश के बावजूद मक्का उत्पादन औसत से बेहतर रहेगा."

संपूर्ण मध्यप्रदेश में मक्का उत्पादन में अग्रणी जिला छिंदवाड़ा की महिला किसान भी परिचर्चा में शामिल हुईं. ग्राम सहजपुरी की महिला किसान सुरती धुर्वे ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि वह विगत 16 वर्षो से मक्के की खेती कर रही हैं. उन्होंने तीन एकड़ में 45 क्विंटल तक मक्के का उत्पादन लिया है, जो अन्य फसलों से अधिकतम है. 

महिला किसान सजनी उईके ने कहा कि वह 4-5 साल से मक्के की खेती से जुड़ी हुई हैं. इनके खेतों में मक्का उत्पादन लगातार बढ़ रहा है.

कॉर्न फेस्टिवल में मक्के के जायके के लिए अलग स्टॉल लगाए गए. यहां देश की नामचीन कंपनियां हल्दीराम, इंदौर सराफा, मध्यप्रदेश पर्यटन, होटल ताज सहित 80 से अधिक स्टॉलों के माध्यम से मक्के से जुड़ी 200 से अधिक स्वादिष्ट व्यंजनों का स्वाद चखने को मिला.