शर्मनाक! जेवर के लिए अपनी ही मां का दुश्मन बना बेटा, पीट-पीट कर ले ली जान

डॉक्टर्स के मुताबिक महिला के साथ उसके बेटे और पोते ने काफी बुरे तरीके से मारपीट की थी, जिससे वह बुरी तरह से घायल हो गई थी. महिला को सिर के अलावा शरीर के अन्य हिस्सों पर गंभीर चोटें लगी थीं, जिससे उसकी मौत हो गई.

शर्मनाक! जेवर के लिए अपनी ही मां का दुश्मन बना बेटा, पीट-पीट कर ले ली जान
(प्रतीकात्मक तस्वीर)

रतलामः कहते हैं मां की ममता का कर्ज कोई बेटा नहीं चुका सकता, लेकिन उस मां की ममता कितनी तड़पी होगी जिसके बेटे और पोते ने सिर्फ पैसे और जेवर के लिए उसके साथ मारपीट की हो. मामला मध्य प्रदेश के रतलाम जिले के सैलाना गांव का है. जहां एक 70 वर्षीय बुजुर्ग महिला के साथ उसके बेटे और पोते ने जेवर के लिए पहले तो उसके साथ मारपीट की, फिर घायल अवस्था में उसे अस्पताल में छोड़कर वहां से फरार हो गए. जिसके कुछ देर बाद दर्द से तड़पती महिला ने दम तोड़ दिया. डॉक्टर्स के मुताबिक महिला के साथ उसके बेटे और पोते ने काफी बुरे तरीके से मारपीट की थी, जिससे वह बुरी तरह से घायल हो गई थी. महिला को सिर के अलावा शरीर के अन्य हिस्सों पर गंभीर चोटें लगी थीं, जिससे उसकी मौत हो गई.

इलाहाबाद यूनिवर्सिटी के हॉस्टल में देर रात छात्र की गोली मारकर हत्या, सुमित हत्याकांड का था गवाह

महिला की मौत के बाद पुलिस ने जिला अस्पताल में पोस्टमार्टम करवा कर मामला सैलाना थाने में दर्ज कर लिया है. पुलिस ने बताया की 70 वर्षीय रतनबाई के पति की कुछ सालों पहले मौत हो गई थी, जुर्ग पीड़ित रतनबाई धनजीभाई नोहरा में अकेली रहती थी. बेटा प्रीतमसिंह सैलाना के हायर सेकंडरी स्कूल में कर्मचारी है. न्यायालय के आदेश के बाद वह मां को भरण-पोषण खर्च दे रहा था. 9 अप्रैल को पलंग से गिरने का कहकर बुजुर्ग महिला को कोई जिला अस्पताल में इलाज के लिए छोड़कर चला गया. बुजुर्ग महिला से जानकारी में सामने आया कि उन्हें सरवन निवासी दामाद  ने जिला अस्पताल में भर्ती कराया था.

दिल्ली में बेखौफ बदमाशों ने लोहा व्यापारी को बनाया निशाना, गोलीबारी में हुई मौत

पुलिस बयान में वृद्धा रतनबाई ने बताया की होली पर बेटे के घर सैलाना गई थी. जहां जेवर मांगने की बात पर बेटे प्रीतमसिंह, बहू मीनाक्षी, पोते चिंकू और चिंकू की पत्नी मोना ने उनके साथ मारपीट की. मारपीट के बाद सरवन में बेटी प्रभा के घर ले जाकर छोड़ दिया. जहां से उन्हें जिला अस्पताल लेकर अकेला छोड़ दिया गया था. पुलिस ने कई बार परिजनों को फोन किया, लेकिन बुजुर्ग महिला को देखने परिवार का सदस्य अस्पताल नहीं पहुंचा. पुलिस के सख्त रवैये के बाद परिजन अस्पताल पहुंचे और बुजुर्ग महिला रतनबाई को 2 दिन पहले इलाज के लिए बड़ौदा ले जाने का कहकर ले गए, लेकिन अगले दिन वापस रतलाम जिला अस्पताल ले आए. जहां बुजुर्ग महिला रतनबाई ने तड़पते हुए दम तोड़ दिया.

नालंदा: नीतीश कुमार के गृह जिले में अपराधियों के हौसले बुलंद, पत्रकार के बेटे की निर्मम हत्या

बुजुर्ग महिला ने मौत से पहले बिलखते हुए खुद बताया कि उसी के बेटे पोते ने जेवर के लिए उसे पिटा था. पुलिस ने बुजुर्ग महिला रतन बाई की मौत से पहले लिए मारपीट के बयान पर परिवार के सदस्यों बेटे, पोते और बहुओं पर मारपीट और प्रताड़ना को लेकर धारा 323, 294, 506 में  मामला दर्ज कर लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है.