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मध्य प्रदेश: व्हीलचेयर पर वरमाला, फेरों में भी दुल्हन ने दिया दूल्हे को सहारा

दीप्ति के इस निर्णय ने समाज को नई दिशा दी है. भोपाल में ही भर्ती दिलीप से मिलने सोमवार को प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान भी पहुंचे और दीप्ति के साहस की दाद दी. 

मध्य प्रदेश: व्हीलचेयर पर वरमाला, फेरों में भी दुल्हन ने दिया दूल्हे को सहारा
दूल्हे का शादी से एक हफ्ते पहले हुआ था एक्सिडेंट.

राजगढ़/ मनोज जैन: मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले में गुरुवार को एक अनोखी शादी की चर्चा जोरों पर रही. यहां राजगढ़ जिले के ब्यावरा में एक दूल्हे ने अपनी शादी की सारी रस्में व्हीलचेयर पर ही अदा की यहां तक वरमाला और फेरे भी व्हीलचेयर पर ही हुए. दरअसल, यह सब इसलिए हुआ कि गत राजगढ़ जिले के जूना ब्यावरा में रहने वाले दिलीप सक्सेना (38) शादी से 7 दिन पहले हादसे का शिकार हो गए. 

5 जून को खिलचीपुर से शादी के कार्ड बाटंकर लौट रहे दिलीप की बाइक का टॉयर फट गया और वे गिर गए, इससे उसके हाथ-पांव फ्रैक्चर हैं. उनकी शादी है और हादसा सात दिन पहले हुआ. दिलीप का सफल ऑपरेशन भोपाल के एक निजी अस्पताल में हो भी गया, लेकिन उसकी हालत को देखते हुए परिजनों ने शादी की तारीख आगे बढ़ाने का निर्णय लिया. इस पर विदिशा की दुल्हन दीप्ति दिलीप से मिलने अस्पताल पहुंची. 

उन्होंने आपस में कुछ समय चर्चा की और खुद ने शादी इसी हाल में करने का फैसला लिया. दीप्ति के इस हौसले की पूरे समाज और परिवार, रिश्तेदारों में तारीफ हो रही है. जहां एक ओर दूल्हे के माता-पिता इस बात से हैरान थे कि कहीं रिश्ता न बिगड़ जाए और कहीं कोई दिक्कत न हो. डरे और दुखी माता-पिता अस्पताल में ही थे, जहां दीप्ति ने बिना किसी चिंता के सीधे शादी करने की बात रख दी और हिंदू रीति-रिवाज से दोनों फेरे लिए. 

दीप्ति के इस निर्णय ने समाज को नई दिशा दी है. भोपाल में ही भर्ती दिलीप से मिलने सोमवार को प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान भी पहुंचे और दीप्ति के साहस की दाद दी. दुल्हन दीप्ति ने कहा कि रिश्ते दिल से निभाए जाते हैं, ये सीधे आत्मा का कनेक्शन होता है. किसी के चेहरे या शरीर से कोई फर्क नहीं पड़ता. मैंने स्वेच्छा से यह निर्णय लिया है, किसी के साथ शादी के बाद किस तरह का हादसा होता है तो क्या उस से रिश्ता तोड़ दिया जाता है ऐसा नहीं है. मैं सभी से यही कहना चाहूंगी कि अपने रिश्ते को अहमियत दें, जीवन में उतार-चढ़ाव तो आते रहते .

वहीं हादसे में घायल दुल्हे दिलीप का कहना है कि भगवान, परिजन और ईष्ट मित्रों के आशीर्वाद से मैं स्वस्थ हूं. मेरी होने वाली पत्नी ने वाकई बड़ा निर्णय लिया है और मेरे दिल को जीत लिया है. इससे यह साबित भी हुआ है कि समाज में अभी भी भारतीय संस्कृति, हमारे संस्कार जीवित हैं.