बीमा की रकम पाने के लिए इस शख्स ने रची ऐसी कहानी, सुनकर आप भी रह जाएंगे दंग
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बीमा की रकम पाने के लिए इस शख्स ने रची ऐसी कहानी, सुनकर आप भी रह जाएंगे दंग

बीमा की भारी-भरकम रकम पाने के लिए एक शख्स ने फिल्मी कहानी रची, लेकिन सफल नहीं हो सका. बीमा कंपनी के अधिकारियों को उसकी कहानी पर शक हुआ, इसके बाद महाराष्ट्र पुलिस ने सच्चाई खोद निकाली. फिलहाल सभी आरोपी सलाखों के पीछे हैं.

बीमा की रकम पाने के लिए इस शख्स ने रची ऐसी कहानी, सुनकर आप भी रह जाएंगे दंग

अहमदनगर: महाराष्ट्र (Maharashtra) में एक शख्स ने बीमा की राशि हड़पने के लिए अपनी मौत की फिल्मी कहानी रच डाली, लेकिन पुलिस ने उसकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया. शख्स ने अपनी कहानी को अंजाम तक पहुंचाने के लिए पहले अपने हमशक्ल को मौत के घाट उतारा, फिर दोस्तों की मदद से उसके शव को खुद का बताकर बीमा की राशि लेने की कोशिश की.

America से लौटा था Accused

‘द सन’ की रिपोर्ट के अनुसार, अहमदनगर पुलिस (Police) ने इस संबंध में 54 वर्षीय प्रभाकर भीमाजी वाघचौरे (Prabhakar Bhimaji Waghchaure) और उसके चार साथियों को गिरफ्तार किया है. वाघचौरे कुछ वक्त पहले ही अमेरिका (America) से भारत लौटा था. यहां उसने अपनी मौत का ड्रामा रचा, ताकि इंश्योरेंस की 5 मिलियन डॉलर की रकम हड़प सके. आरोपी ने सबसे पहले अपने जैसे दिखने वाले एक व्यक्ति की पहचान की, फिर कोबरा के डसवाकर उसे मौत के घाट उतार दिया.  

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भतीजा बनकर पहुंचा साथी

आरोपी वाघचौरे ने जिसकी हत्या की उसकी पहचान 50 वर्षीय नवनाथ यशवंत आनाप के रूप में हुई है. पुलिस ने बताया कि नवनाथ बेघर था, इसी का फायदा आरोपी ने उठाया. वो पीड़ित को लालच देकर किसी सुनसान इलाके पर ले गया और वहां सांप से कटवाकर उसकी हत्या कर दी. इसके बाद तय प्लान के तहत प्रवीण नामक व्यक्ति ने खुद को वाघचौरे के भतीजे के रूप में पेश किया और नवनाथ के शव को वाघचौरे का शव बताया. 

इस तरह हुआ कहानी पर शक

यहां तक सब कुछ ठीक था. पोस्टमार्टम के बाद अंतिम संस्कार के लिए शव प्रवीण को लौटा दिया गया, लेकिन जब बीमा कंपनी के अधिकारियों ने पूछताछ की, तो उन्हें कुछ शक हुआ. अधिकारियों ने पुलिस को इससे अवगत कराया और पुलिस ने सच्चाई खोद निकाली. पुलिस ने मामले की तफ्तीश शुरू की, तो एक के बाद एक कई ऐसी बातें सामने आईं, जिससे उसका शक और गहरा होता गया.

Phone Record से खुला राज

सच्चाई की तलाश में जब पुलिस ने अहमदनगर के राजुर पहुंची, तो उसे पता चला कि जो प्रवीण खुद को वाघचौरे का भतीजा बता रहा है उसकी मौत पिछले साल कोरोना के चलते हो गई थी. इसके बाद पुलिस ने प्रभाकर भीमाजी वाघचौरे के फोन रिकॉर्ड खंगाले, जिनसे यह साफ हो गया कि वो जिंदा है. फिलहाल सभी आरोपी पुलिस की गिरफ्त में हैं. मुख्य आरोपी वाघचौरे 20 साल अमेरिका में रहने के बाद पिछले साल जनवरी में ही वापस लौटा था. उसने अमेरिका की बीमा कंपनी से 5 मिलियन डॉलर का बीमा करवाया था.

 

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