कोरोना से जंग में ‘नीम’ बनेगा अहम हथियार, पहले ह्यूमन ट्रायल की तैयारी शुरू
X

कोरोना से जंग में ‘नीम’ बनेगा अहम हथियार, पहले ह्यूमन ट्रायल की तैयारी शुरू

कोरोना (CoronaVirus) महामारी से जंग में नीम (Neem) महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर सकता है. वैज्ञानिकों और डॉक्टरों की टीम यह पता लगाने में जुट गई है कि क्या नीम के गुण वायरस (Virus) के खात्मे के काम भी आ सकते हैं.

कोरोना से जंग में ‘नीम’ बनेगा अहम हथियार, पहले ह्यूमन ट्रायल की तैयारी शुरू

नई दिल्ली: कोरोना (CoronaVirus) महामारी से जंग में नीम (Neem) महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर सकता है. वैज्ञानिकों और डॉक्टरों की टीम यह पता लगाने में जुट गई है कि क्या नीम के गुण वायरस के खात्मे के काम भी आ सकते हैं.

ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद (AIIA) ने इसके लिए निसर्ग हर्ब्स (Nisarga Herbs) नाम की कंपनी के साथ हाथ मिलाया है. AIIA के मुताबिक, हरियाणा के फरीदाबाद के ESIC अस्पताल में यह पता लगाने के लिए ह्यूमन ट्रायल किया जाएगा कि नीम कोरोना से लड़ने में कितना कारगर है. आपको बता दें कि निसर्ग एआईआईए के साथ काम करने वाली पहली भारतीय आयुर्वेद कंपनी है.

AIIA की निदेशक डॉ तनुजा नेसारी को इस अनुसंधान की प्रमुख परीक्षणकर्ता के तौर पर नियुक्त किया गया है. उनके साथ ही ESIC अस्पताल के डीन डॉ असीम सेन की देखरेख में 6 डॉक्टरों की एक टीम बनाई गई है. ये टीम 250 लोगों पर परीक्षण करके यह पता लगाने का प्रयास करेगी कि नीम के गुणकारी तत्व कोरोना वायरस का संक्रमण रोकने में कितने कारगर हैं.

पहले ह्यूमन ट्रायल की तैयारी सात अगस्त से ही शुरू हो चुकी है. ट्रायल को दो तरीके से अंजाम दिया जाएगा. शोध में शामिल 250 लोगों में से 125 को निसर्ग के कैप्सूल दिए जाएंगे. जबकि शेष 125 को खाली कैप्सूल दिए जाएंगे. सभी लोगों को 28 दिनों तक ऑजर्बेशन में रखा जाएगा. इसके बाद यह देखा जाएगा कि निसर्ग कैप्सूल का सेवन करने वालों में दूसरे लोगों की अपेक्षा क्या बदलाव आये.

इस बारे में बात करते हुए निसर्ग बायोटेक के संस्थापक और सीईओ गिरीश सोमन (Girish Soman) ने कहा, 'आयुर्वेद फॉर्मूले से क्लीनिकल ट्रायल करने वालीं कई बड़ी कंपनियां हो सकती हैं, लेकिन निसर्ग भारत के शीर्ष आयुर्वेद संस्थान के सहयोग से अपने फंड से इस परीक्षण का संचालन करने वाली पहली मैन्युफैक्चरर है’. उन्होंने आगे कहा कि अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान को आधुनिक तरीके से आयुर्वेद पर शोध करने के लिए जाना जाता है. हमारा नीम एक प्रभावी एंटीवायरल साबित होगा. हम इसे मानक दवा के रूप में पेश करने के लिए भविष्य के शोध के लिए फंडिंग तलाश रहे हैं.

ये भी पढ़ें: Breakfast में खाएं कच्चा पनीर, सेहत को होंगे ये भरपूर फायदे

वहीं, ट्रायल में अहम भूमिका निभाने वालीं डॉक्टर मोहिनी ने कहा कि नीम एक प्रसिद्ध एंटीवायरल पौधा है, जिसका उपयोग आयुर्वेद में बुखार, दाद वायरस जैसे विभिन्न रोगों के लिए किया जाता है. साथ ही यह अपने गुणों के कारण रक्त को शुद्ध करने के लिए भी इस्तेमाल होता है. नीम में कई गुणकारी तत्व हैं, इसलिए हमें उम्मीद है कि यह कोरोना से जंग में एक महत्वपूर्ण हथियार साबित हो सकता है.

Trending news