कोरोना के साथ 'जीने का तरीका' सीखना होगा, लंबे समय तक Lockdown ठीक नहीं: गडकरी

केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी (Nitin Gadkari) ने कहा कि लंबे समय तक लॉकडाउन (Lockdown) रहने से कोविड-19 (Covid-19) महामारी की तुलना में और गंभीर संकट पैदा होगा. उन्होंने वायरस से निपटने के लिए 'जीने का तरीका' सीखने की सलाह दी.

कोरोना के साथ 'जीने का तरीका' सीखना होगा, लंबे समय तक Lockdown ठीक नहीं: गडकरी
नितिन गडकरी (फाइल फोटो)

मुंबई: केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी (Nitin Gadkari) ने कहा कि लंबे समय तक लॉकडाउन (Lockdown) रहने से कोविड-19 (Covid-19) महामारी की तुलना में और गंभीर संकट पैदा होगा. उन्होंने वायरस से निपटने के लिए 'जीने का तरीका' सीखने की सलाह दी.

भाजपा नेता (BJP Leader) ने कहा कि लोगों की सुरक्षा और अर्थव्यवस्था के बीच संतुलन बनाने की जरूरत है, क्योंकि महामारी से अर्थव्यवस्था पर गहरा असर पड़ा है.

ये भी पढ़ें: अनुच्छेद 370: पहली वर्षगांठ पर PAK उगलेगा जहर, भारत विरोधी एजेंडे का बनाया प्‍लान

LIVE TV

उन्होंने कहा, 'भूखे पेट में कोई दर्शन काम नहीं आता है. हमें कोविड-19 के साथ जीने का तरीका सीखना होगा.' एक कार्यक्रम में गडकरी ने कहा, 'हमें खुद की रक्षा और अर्थव्यवस्था को गति देने के बीच संतुलन बनाने की जरूरत है.'

उन्होंने स्वीकार किया कि कोरोना वायरस (Coronavirus) के कारण लागू किए गए लॉकडाउन से आर्थिक संकट पैदा हुआ है और केंद्र का राजस्व भी कम हुआ है.

उन्होंने कहा कि लंबे समय तक लॉकडाउन जारी रहने से कोविड-19 महामारी की तुलना में और गंभीर संकट पैदा होगा. गडकरी ने इसे अपनी निजी राय बताते हुए कहा कि लॉकडाउन के लाभ-हानि पर सवाल करने का यह विषय नहीं है.

उन्होंने कहा, 'लॉकडाउन की जरूरत थी या नहीं, इस पर चर्चा करना ठीक नहीं है. उस समय उचित फैसले किए गए. हमें अनुभवों से सीखना होगा. लॉकडाउन पर राजनीति करने की जरूरत नहीं है.'

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारें कोविड-19 संकट और इसके बाद के हालात से निपटने के लिए हर मुमकिन कदम उठा रही है.

ये भी देखें-