Covid Vaccine के दूसरे डोज में देरी होने पर न हों चिंतित, नहीं खत्‍म होगा पहले Dose का असर

कोविड-19 वैक्‍सीन संकट के बीच दूसरा डोज लगवाने का इंतजार कर रहे लोगों के लिए राहत की खबर आई है. विशेषज्ञों ने कहा है कि दूसरे डोज में देरी को लेकर चिंतित न हों, इससे पहले डोज के प्रभाव खत्‍म नहीं होगा.

ज़ी न्यूज़ डेस्क | May 12, 2021, 14:28 PM IST

नई दिल्‍ली: महाराष्‍ट्र (Maharashtra) में वैक्‍सीन की कमी को लेकर स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री राजेश टोपे ने कहा है कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने उन्‍हें सुझाव दिया था कि 18 साल से ज्‍यादा वालों की बजाय 45 साल से ज्‍यादा की आबादी को टीकाकरण (Vaccination) में प्राथमिकता दें. हालांकि इस पर केंद्र ने स्‍पष्‍ट कर दिया कि ऐसा कोई सुझाव महाराष्‍ट्र सरकार को नहीं दिया है. इस बीच दूसरे डोज के लिए इंतजार कर रहे लोगों के लिए एक राहत की खबर आई है. विशेषज्ञों ने कहा है कि Covishield या Covaccine की दूसरी खुराक लेने में देरी होने से पहले डोज के प्रभाव को खत्‍म नहीं करती है. 

 

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दूसरे डोज में देरी होने पर चिंतित न हों

Do not worry if second dose delayed

महाराष्ट्र में करीब 5 लाख लोग दूसरा डोज लगवाने का इंतजार कर रहे हैं. ऐसे में यदि दोनों डोज के बीच का अंतर 4 से 6 सप्ताह से ज्‍यादा हो जाता है, तो भी घबराएं नहीं. टीकाकरण के बाद होने वाली प्रतिकूल घटनाओं को रोकने के लिए बनी राष्ट्रीय समिति के सदस्य डॉ. एनके अरोड़ा कहते हैं कि यदि दो डोज के बीच का अंतर 8-10 सप्ताह तक भी बढ़ जाता है, तो भी लोग दूसरा डोज ले सकते हैं. इससे दोनों डोज के प्रभाव पर कोई असर नहीं होगा. ना ही ऐसे लोगों को फिर से पहला डोज लेने की जरूरत होगी.

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टीकाकरण केंद्रों पर भीड़ से बचें

Avoid crowd at vaccination centres

वहीं इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एजुकेशन एंड रिसर्च (IISER) पुणे की इम्यूनोलॉजिस्ट डॉ. विनीता बाल कहती हैं कि दूसरा डोज, पहले डोज के इम्‍यून रिस्‍पांस को बढ़ाने के लिए है. ऐसे में दूसरा डोज लेने के लिए बुजुर्गों को टीकाकरण केंद्र की भीड़ से बचना चाहिए. वरना वहां उनके संक्रमित होने का खतरा है. 

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बढ़ाई गई थी डोज के बीच की अवधि

Duration between doses was increased

इससे पहले सरकार ने कोविशील्‍ड वैक्‍सीन के 2 डोज के बीच के अंतर को बढ़ा दिया था. इसे 4 हफ्ते से बढ़ाकर 12 हफ्ते कर दिया गया था.

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12 हफ्ते बाद भी प्रभावी रहा पहला डोज

First dose remains effective even after 12 weeks

डॉ. बाल कहती हैं कि कुछ मामलों में ट्रायल से जुड़े मुद्दों के कारण कुछ लोगों को दूसरा डोज 12 हफ्ते बाद भी दिया गया. फिर भी उनमें पहले डोज का प्रभाव काफी अच्‍छा था.

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अन्‍य देशों में ज्‍यादा है अंतराल

more gap in other countries in doses

अन्‍य देशों में कोविशील्‍ड के 2 डोज के बीच अंतराल भारत से ज्‍यादा रखा गया है. यूके में जहां इसके लिए अंतराल 12 सप्ताह है, वहीं कनाडा में 16 सप्ताह का है. टाइम्‍स ऑफ इंडिया में छपी खबर के मुताबिक सीएमसी वेल्लोर में माइक्रोबायोलॉजी के प्रोफेसर गगनदीप कंग बताया कि इंग्‍लैंड में किए गए एक अध्ययन (यूके के वेरिएंट पर) में सामने आया कि कोविशील्‍ड के पहले डोज ने लक्षण वाले कोविड-19 से 65% और बीमारी के गंभीर होने से 80% सुरक्षा दी है.

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पहले डोज के बाद संक्रमित होने पर उठाएं ये कदम

Take second dose after infected first dose

विशेषज्ञों के मुताबिक यदि कोई व्यक्ति पहला डोज लेने के बाद कोविड संक्रमित होता है और ठीक होने में उसे 6-10 सप्ताह लगते हैं, तो भी उसे ठीक होने के बाद दूसरा डोज लेना चाहिए.

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ज्‍यादा अंतराल है ज्‍यादा प्रभावी

More gap in doses more effective

इंटरनेशनल पीडियाट्रिक एसोसिएशन (IPA) के कार्यकारी निदेशक और गुजरात कोविड टास्क फोर्स के सदस्य डॉ. नवीन ठाकुर कहते हैं कि टीकाकरण में ज्‍यादा अंतराल होना ज्‍यादा असरकारक होता है. कोवैक्‍सीन के मामले में 4 से 6 सप्ताह का अंतराल है, लेकिन यह गैप इससे ज्‍यादा हो सकता है. कुल मिलाकर देरी होने के बाद भी लोगों को दूसरा डोज लेना चाहिए. 

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बच्‍चों के टीकाकरण का भी यही प्रोटोकॉल

same protocol followed for vaccination of children

यहां तक की बच्‍चों के टीकाकरण में भी यही नियम फॉलो होता है कि जहां से उनका टीकाकरण बीच में छूटता है, उसे वहीं से शुरू किया जाता है. भले ही इस दौरान कितना भी अंतराल आए. जबकि उनका इम्‍यून सिस्‍टम वयस्‍कों की तुलना में कमजोर होता है.