Punjab: पीएम मोदी की सुरक्षा चूक मामले में बड़ा ऐक्शन, लापरवाही के लिए जिम्मेदार SP सस्पेंड
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Punjab: पीएम मोदी की सुरक्षा चूक मामले में बड़ा ऐक्शन, लापरवाही के लिए जिम्मेदार SP सस्पेंड

PM Modi security breach: पंजाब में पिछले साल पीएम मोदी की सुरक्षा में हुई चूक के मामले में बड़ी कार्रवाई हुई है. डीजीपी ने लापरवाही के बरतने के आरोपी एसपी को सस्पेंड कर दिया है.

Punjab: पीएम मोदी की सुरक्षा चूक मामले में बड़ा ऐक्शन, लापरवाही के लिए जिम्मेदार SP सस्पेंड

PM Modi security breach: पंजाब में पिछले साल पीएम मोदी की सुरक्षा में हुई चूक के मामले में बड़ी कार्रवाई हुई है. डीजीपी ने लापरवाही के बरतने के आरोपी एसपी को सस्पेंड कर दिया है. एसपी गुरबिंदर सिंह को संस्पेंड करने का आदेश पंजाब गृह विभाग ने जारी किया. पीएम मोदी की सुरक्षा में हुई लापरवाही को लेकर बड़ा सियासी विवाद हुआ था.

दिल्ली लौट गए थे पीएम मोदी

याद दिला दें कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पिछले साल जनवरी में पंजाब दौरे पर गए थे. सुरक्षा में हुई लापरवाही के चलते पीएम मोदी का काफिला फिरोजपुर के पास फ्लाइओवर पर काफी देर तक फंसा रहा था. जिसके बाद पीएम मोदी रैली समेत अन्य कार्यक्रमों में शामिल हुए बिना ही दिल्ली लौट गए थे. घटना के समय पुलिस अधीक्षक (अभियान) के पद पर गुरबिंदर सिंह तैनात थे और वह फिरोजपुर में ड्यूटी पर थे.

पंजाब चुनाव से पहले हुई पीएम की सुरक्षा में चूक

पंजाब गृह विभाग द्वारा बुधवार को जारी एक आदेश के अनुसार, वर्तमान में बठिंडा जिले में पुलिस अधीक्षक के रूप में पदस्थ सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है. फिरोजपुर में, पांच जनवरी 2022 को प्रदर्शनकारियों की नाकेबंदी के कारण प्रधानमंत्री मोदी का काफिला एक फ्लाईओवर पर फंस गया था. इसके बाद वह रैली सहित अन्य कार्यक्रमों में शामिल हुए बिना पंजाब से दिल्ली लौट गए थे. पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले सुरक्षा में हुई चूक से एक बड़ा राजनीतिक विवाद पैदा हो गया था.

आरोपी अधिकारी निलंबित

निलंबन आदेश के अनुसार, घटना पर 18 अक्टूबर 2023 की एक रिपोर्ट पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) ने सौंपी थी, जिसमें राज्य पुलिस प्रमुख ने कहा था कि सिंह ने अपनी ड्यूटी उपयुक्त रूप से नहीं की. पंजाबी भाषा में जारी आदेश में कहा गया है कि सक्षम प्राधिकारी के स्तर पर मामले पर विचार के बाद संबंधित अधिकारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया. सुरक्षा चूक की जांच के लिए उच्चतम न्यायालय द्वारा नियुक्त समिति ने इससे पहले राज्य के कई अधिकारियों को इस चूक के लिए जिम्मेदार ठहराया था. शीर्ष अदालत ने पिछले साल 12 जनवरी को सुरक्षा चूक की जांच के लिए समिति नियुक्त करते हुए कहा था कि घटना से उपजे सवालों को "एकतरफा जांच" के लिए नहीं छोड़ा जा सकता है.

(एजेंसी इनपुट के साथ)

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