इस पोस्टर से समझिए आखिरकार ना ना करते शिवसेना और बीजेपी में कैसे हुए 'प्यार'

दादर सेना भवन के पास अमित शाह और उद्धव ठाकरे के बैनर लगाए गए. जिसमे दोनों के गठबंधन करने का कारण बताया गया हैं. 

इस पोस्टर से समझिए आखिरकार ना ना करते शिवसेना और बीजेपी में कैसे हुए 'प्यार'

मुंबईः शिवसेना- बीजेपी गठबंधन के बाद एनसीपी की तरफ से लगाए गए पोस्टर का जवाब शिवसेना की तरफ से पोस्टर लगाकर दिया गया हैं. दादर सेना भवन के पास अमित शाह और उद्धव ठाकरे के बैनर लगाए गए. जिसमे दोनों के गठबंधन करने का कारण बताया गया हैं. पोस्टर मे लिखा है कि बीजेपी-शिवसेना का गठबंधन हिंदुत्व और देशहित के लिए किया गया है.

उद्धव ठाकरे ने कही थी ये बात...
शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने मंगलवार शाम कहा था कि वह भाजपा के साथ हाथ मिलाने को इसलिए राजी हुए हैं क्योंकि भगवा पार्टी का अपने गठबंधन सहयोगियों के प्रति व्यवहार में बदलाव आया है. ठाकरे अपने आवास पर शिवसेना कार्यकर्ताओं से बातचीत कर रहे थे. शिवसेना और भाजपा ने सोमवार को घोषणा की कि वे लोग लोकसभा और महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव साथ मिलकर लड़ेंगे. ठाकरे ने कहा, ‘‘मैंने महसूस किया कि लोगों के प्रति उनके व्यवहार में बदलाव आया है, इसलिए मैंने भाजपा से हाथ मिलाने का फैसला लिया.’’ 

भाजपा-शिवसेना गठबंधन
इस गठबंधन के तहत महाराष्ट्र की 48 लोकसभा सीटों में से भाजपा 25 पर और शिवसेना 23 सीटों पर चुनाव लड़ेगी. दोनों पार्टियां इस साल प्रस्तावित 288 सदस्यीय राज्य विधानसभा में बराबर-बराबर सीटों पर उम्मीदवार उतारेंगी. भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह और शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे के साथ संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा था कि जनभावना यह है कि दोनों दलों को एक साथ आना चाहिए.


इस गठबंधन के तहत महाराष्ट्र की 48 लोकसभा सीटों में से भाजपा 25 पर और शिवसेना 23 सीटों पर चुनाव लड़ेगी. (फाइल फोटो)

शाह ने कहा कि भाजपा और शिवसेना गठबंधन महाराष्ट्र में 48 में से कम से कम 45 लोकसभा सीटें जीतेगा. उन्होंने कहा कि भाजपा और शिवसेना के करोड़ों कार्यकर्ता चाहते हैं कि दोनों दलों के बीच गठबंधन हो. शिवसेना भाजपा की सबसे पुरानी सहयोगी है. ठाकरे ने कहा कि राम मंदिर भाजपा और शिवसेना के बीच गठबंधन की साझी डोर है. उन्होंने कहा कि इसे जल्द से जल्द बनाया जाना चाहिए. फडणवीस ने कहा कि भाजपा और शिवसेना राष्ट्रीय विचारधारा वाली पार्टियां हैं जो वृहद लोकहित में एक साथ आए हैं. सैद्धांतिक रूप से दोनों दल हिन्दुत्ववादी हैं.