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राजस्थान में स्वाइन फ्लू से अब तक 107 लोगों की मौत, 2941 मामले पॉजीटिव

प्रदेशभर में स्वाइन फ्लू को लेकर लगातार स्क्रीनिंग अभियान चलाया जा रहा है. वहीं सरकारी जांच केंद्रों में स्वाइन फ्लू की जांच प्रक्रिया को निशुल्क कर दिया गया है

राजस्थान में स्वाइन फ्लू से अब तक 107 लोगों की मौत, 2941 मामले पॉजीटिव
आंकड़ों के मुताबिक 33 में से 31 जिले स्वाइन फ्लू की जद में है

राजस्थान: प्रदेश में स्वाइन फ्लू का कहर लगातार बढ़ता जा रहा है. प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग द्वारा काफी कोशिशों के बाद भी स्वाइन फ्लू का प्रकोप खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है. इसी कड़ी में स्वाइन फ्लू से मरने वाले लोगों का आंकड़ा भी लगातार बढ़ता जा रहा है. स्वाइन फ्लू से राज्य में 1 जनवरी 2019 से 10 फरवरी 2019 के बीच स्वाइन फ्लू से 107 मौतें हो चुकी है. वहीं प्रदेश में स्वाइन फ्लू के 2941 पॉजीटिव मामले सामने आ चुके हैं. 

आपको बता दें, प्रदेशभर में स्वाइन फ्लू को लेकर लगातार स्क्रीनिंग अभियान चलाया जा रहा है. वहीं सरकारी जांच केंद्रों में स्वाइन फ्लू की जांच प्रक्रिया को निशुल्क कर दिया गया है. प्रदेश में मंगलवार को 9 लाख 58 से अधिक व्यक्तियों की स्क्रीनिंग की गई थी. खबर के मुताबिक गुरूवार को एक ही दिन में स्वाइन फ्लू ने पांच लोगों की जान ले ले ली. वहीं कोटा, बीकानेर, जोधपुर, पाली और बाड़मेर में भी कई मौतें हुई. जबकि जोधपुर में स्वाइन फ्लू सबसे अधिक 27 मौत हुई. 

आंकड़ों के मुताबिक 33 में से 31 जिले स्वाइन फ्लू की जद में है. हालांकि हैल्थ मिनिस्टर डॉ. रघु शर्मा के निर्देश स्वाइन फ्लू को लेकर कई अभियान चलाए जा रहे हैं. वहीं 55 लाख से अधिक व्यक्तियों स्वाइन फ्लू को लेकर स्क्रीनिंग भी की गई जिसमें लगभग 846 व्यक्तियों में स्वाइन फ्लू जैसे लक्षण दिखे. साथ ही 563 गर्भवती महिलाओं में भी सर्दी-जुकाम के लक्षण नजर आए. कुल 1 हजार 900 मरीजों को टेमीफ्लू दवाई दी गई. वहीं 16 हजार से अधिक लोगों के ब्लड सैम्पल भी लिए गए.

क्या है स्वाइन फ्लू 
स्वाइन फ्लू एक तीव्र संक्रामक रोग है, जो एक विशिष्ट प्रकार के इनफ्लुएंजा वाइरस (एच-1 एन-1) के द्वारा होता है. इसमें मरीज को जुकाम, गले में खराश, सर्दी खांसी, बुखार, सिरदर्द, शरीर दर्द, थकान, ठंड लगना, पेटदर्द व उल्टी दस्त की शिकायत रहती है. यह रोग बच्चों एवं गर्भवती महिलाओं को तीव्रता से प्रभावित करता है. यह खांसने, छींकने व छूने से फैलता है. इसके साथ ही संक्रमित होने से 5-7 दिन में यह लक्षण दिखाई देना शुरू हो जाते हैं. 

मरीज भी रखे सावधानी 
स्वाइन फ्लू के लक्षण दिखाई देने के बाद मरीज सबसे पहले चिकित्सकीय परामर्श लें. इसके साथ ही खांसी, जुकाम व बुखार के रोगी से दूर रहें. साफ-सफाई का विशेष रूप से ध्यान रखें. खांसते या छींकते समय मुंह ढंक दें. सर्दी जुकाम होने की स्थिति में भीड़-भाड़ से बचें.