जयपुर में कोरोना संक्रमण बढ़ने का इंतजार कर रहा प्रशासन, बाजारों में उमड़े खरीददार

राजधानी में प्रशासन ने संक्रमित मरीजों को रोकने के लिए प्रयास तक शुरू नहीं हैं. 

जयपुर में कोरोना संक्रमण बढ़ने का इंतजार कर रहा प्रशासन, बाजारों में उमड़े खरीददार
राजधानी में प्रशासन ने संक्रमित मरीजों को रोकने के लिए प्रयास तक शुरू नहीं हैं.

जयपुर: कोरोना पॉजिटिव की संख्या बूंदी, कोटा, उदयपुर में जयपुर से कम होने के बावजूद लॉकडाउन और सख्ती कर दी गई है लेकिन जयपुर में जिला प्रशासन संक्रमण बढ़ने का और इंतजार कर रहा है. 

शहर के बाजारों में भीड़ जमा है. ईद और राखी की जमकर खरीददारी हो रही हैं. न शहर में सोशल डिस्टेसिंग की पालना हो रही है और न ही 144 की पालना. दुकानदार अपनी दुकानदारी में और ग्राहक खरीददारी में कोरोना को भूल गए हैं. छोटी-छोटी तंग गलियां लोगों से खचाखच भरी हुई हैं. न कोई रोकने वाला हैं, न कोई टोकने वाला.

जयपुर शहर सहित ग्रामीण अंचल में ईद और रक्षाबंधन की जमकर खरीददारी हो रही है. इस खरीददारी के बीच लोग कोरोना संक्रमण के खतरे को भूल गए हैं. राजधानी में संक्रमित मरीजों का आंकड़ा पांच हजार होने जा रहा है. वर्तमान में एक्टिव केस की संख्या 1136 हैं लेकिन समय के साथ जिला प्रशासन ढिलाई बरत रहा है. खास बात है कि प्रदेश के छोटे जिलों में जहां मरीजों का आंकड़ा 100 पार ही है, वहां प्रशासन ने सख्ती कर रखी है. प्रदेश के कई जिलों में सात दिन तो किसी में रविवार को लॉकडाउन लगा दिया है. राजधानी में प्रशासन ने संक्रमित मरीजों को रोकने के लिए प्रयास तक शुरू नहीं हैं. 

प्रशासन की ओर से अभी तक कोई एडवाजरी भी नहीं निकाली गई है. सिर्फ रोज आने वाले मरीजों के आंकड़े ही जारी किए जा रहे हैं. आने वाले सप्ताह में त्यौहारों का शुरूआत होने जा रही है. ऐसे में बिना सावधानी बाजारों में खरीददारी की जा रही है. आने वालों त्यौहार और बढ़ते संक्रमण को रोकने के लिए जिला प्रशासन ने अपने स्तर पर अभी तक कोई तैयारी नहीं की है. कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए भले ही अंतर सिंह नेहरा ने बूंदी कलक्टर रहते हुए सहारनीय प्रयास किए होंगे लेकिन जयपुर में कलक्टर की कुर्सी संभालने के बाद वो सिर्फ एक दिन क्ववारेंटाइन सेंटर और RUHS में व्यवस्थाओं को देखने के लिए अपने दफ्तर से बाहर निकले हैं. नेहरा को बूंदी की तर्ज पर जयपुर में भी कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए सख्त कदम उठाने की जरूरत है.

विश्व स्वास्थ्य संगठन के पूर्वानुमान के अनुसार अब देश, राज्य और जिले में कोरोना का प्रकोप बहुत तेजी से बढ़ रहा है. लॉकडाउन के दौरान सरकार ने जितने एहतियात लोगों को सिखाए थे. उनमें से अधिकांश का उल्लंघन होने का ही नतीजा है कि अब गली-गली एवं मोहल्लों में इसके पीड़ित दिखाई देने लगे हैं. दूसरी तरफ सरकारी अमला भी कोरोना के नियमों की पालना करवाने को लेकर काफी हद तक शिथिल हो चुका है. कुछ दिन पहले तक जो अमला थोड़ी सी सूचना पर हरकत में आ रहा था, अब वह गति धीमी हो चुकी है. ऐसे में लोगों की कोरोना को लेकर लापरवाही का ही नतीजा है कि यह अब तेजी से अपने पैर पसारने लगा है. 

ऐसे हो रही है गड़बड़ी
लॉकडाउन अब लगभग समाप्त हो चुका है. कुछ चुनिंदा संस्थानों एवं व्यवस्थाओं को छोड़ कर सभी काम पूर्व की तरह शुरू हो चुके हैं. ऐसे में सब्जी मंडियों में लोगों की भीड़ खास कर ठेलों पर एक दूसरे से सट कर सब्जी खरीदना, शहर में चलने वाले टैंपो में ठूंस-ठूंस कर सवारियों को भरना, अस्पताल में पर्ची के लिए कतार और चिकित्सकों को दिखाने के लिए एक दूसरे से सट कर खड़ा होना, सभी दुकानों पर खरीदारों के बीच डिस्टेंसिंग पूरी तरह समाप्त हो चुकी है. 

दफ्तरों में लोगों का जमघट और एक के बाद दूसरे का वहां आना और वहां के सामानों को बिना किसी एहतियात के छूना, छोटे-मोटे आयोजनों में 25-50 लोगों का एक साथ जमा होकर भोजन करना एवं दूसरे आयोजन, राजनैतिक और गैर राजनीतिक संगठनों की बैठकों और अन्य कार्यक्रमों में लोगों का डिस्टेंसिंग का उलंघन करना, अंतिम संस्कार में भी लोगों की अधिकता, मंडियों में किसानों और व्यापारियों के बीच डिस्टेंसिंग का अभाव इस प्रकार की अनेको चीजें हैं, जो कोरोना को तेजी से फैलने का अवसर दे रही है.

ये कदम उठाए तो हो सकता है कोरोना कंट्रोल
बाजार खुलने के समय निर्धारित किया जाए
बाजारों में सोशल डिस्टेसिंग नहीं करने वालों पर एक्शन हो
ई-रिक्शा, ऑटो में अधिक सवारी बिठाने पर चालान किए जाएं
जिला प्रशासन एडवाइजरी जारी कर व्यापारियों की बैठक बुलाएं

administration waiting for corona infection to increase in Jaipur

बहरहाल, सरकारी तंत्र शुरू में जिस तैयारी के साथ इस महामारी से लड़ने के लिए मैदान में उतरा था, उसने भी अपनी व्यवस्थाओं को समेटना शुरू कर दिया है. पहले पुलिस और प्रशासन का अमला नियमित गश्त कर लोगों को जमा नहीं होने देता था या उल्लंघन करने पर दबाव बनाया जाता था, लेकिन अब ऐसा कुछ नहीं है. यही कारण है कि अब कोरोना को फैलने के लिए खुला मैदान मिल रहा है और लोगों की लापरवाही के कारण यह बहुत तेजी से पैर पसार रहा है.