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जोधपुर: घांची समाज की इस लाइब्रेरी की हो रही है सराहना, हजारों छात्रों को मिला लाभ

जोधपुर में घांटी समाज की 8 पुस्तकों से शुरू की गई लाईब्रेरी की किताबें पढ़कर आज बड़ी कंपनियों और सरकारी नौकरियां कर रहे लोग इस प्रयास की सराहना करते नहीं थकते.

जोधपुर: घांची समाज की इस लाइब्रेरी की हो रही है सराहना, हजारों छात्रों को मिला लाभ
घांची समाज की इस पहल को हर जगह सराहा जा रहा है.

अरुण हर्ष, जोधपुर: कहते हैं कि शिक्षा दान सबसे बड़ा दान होता है. उसी तर्ज पर जोधपुर के घांची समाज ने करीब 3 दशक पहले शुरू की गई एक ऐसी पहल विद्यार्थियों के लिए पहली पसंद बन चुकी है. जरूरतमंद छात्रों को पुस्तकें उपलब्ध कराने के उद्देश्य से महज 8 किताबों के साथ शुरू की गई लाइब्रेरी आज हजारों छात्रों के लिए उपयोगी साबित हो रही है. यहां 80 हजार से अधिक पुस्तकें उपलब्ध है .

जोधपुर शहर में ऐसे कई जरूरतमंद छात्र हैं, जिन्हें पढ़ाई के लिए समय पर पुस्तकें नहीं मिल पाती है. ऐसे जरूरतमंद छात्रों को पुस्तके उपलब्ध कराने के उद्देश्य से घांची समाज के भामाशाहों ने एक छोटी सी शुरुआत की. 32 साल पहले 8 किताबों के साथ एक लाइब्रेरी की स्थापना की गई. 

जरूरतमंद छात्रों को मिलती है पुस्तकें
इस लाइब्रेरी में जरूरतमंद छात्रों को पुस्तकें दी जाती थी. धीरे-धीरे यह कारवां आगे बढ़ता गया और वर्तमान में यहां 80 हजार से अधिक किताबें हैं. इस लाइब्रेरी में हर तरह की किताबें उपलब्ध है और यदि छात्रों को किसी विशेष प्रतियोगी पुस्तक की आवश्यकता होती है तो उस पुस्तक को भी मंगवा कर विद्यार्थियों को उपलब्ध कराया जा रहा है.

पढ़ाई पूरी होने के बाद किताबें ली जाती है वापस
घांची समाज नवयुवक मंडल के अध्यक्ष अशोक भाटी ने बताया कि गरीब और जरूरतमंद बच्चे जो किसी कारण अपनी किताबें नहीं खरीद पाते हैं, उन्हें यहां से पुस्तकें उपलब्ध कराई जाती है. उनकी पढ़ाई पूरी होने पर वह इन किताबो को वापिस लाइब्रेरी में जमा करवा देते हैं. जिसके बाद यह पुस्तके अन्य छात्रों के लिए काम आती है . 

हजारों छात्रों को मिल चुका है लाभ
उन्होंने बताया कि इस लाइब्रेरी से 5000 से अधिक विद्यार्थियों को लाभ मिल चुका है, वही इस लाइब्रेरी से अध्ययन करने वाले कई छात्र अब सरकारी नौकरियों में पद स्थापित है तो कहीं निजी कंपनियों में बड़े पदों पर काम कर रहे हैं..

सराहा जा रहा है यह प्रयास
वहीं, पुस्तकें लेने आए अभिभावक और छात्र ने बताया कि नवयुवक मंडल का यह प्रयास काफी सराहनीय है और लंबे समय से वे इस लाइब्रेरी से अपने बच्चों के लिए पुस्तकें लेकर जाते हैं . .

जानिए छात्रों का क्या है कहना
छात्र प्रभात ने बताया कि अभी एम कॉम की पढ़ाई कर रहा है और शुरू से अभी तक की पढ़ाई के लिए इसी लाइब्रेरी से उन्हें किताबें मिल रही है और वह चाहता है कि दूसरे समाज वर्ग के जरूरतमंद लोग भी इस बुक बैंक का लाभ उठाएं.

पुस्तकें है मनुष्य की सबसे अच्छी मित्र
माना जाता है कि पुस्तकें आदमी की सबसे अच्छी मित्र होती है. हर परिस्थिति में पुस्तकें उस व्यक्ति का साथ निभाती है . निश्चित रूप से घांची समाज की ओर से की गई यह पहल सराहनीय है. 

इस लाइब्रेरी के माध्यम से न केवल जरूरतमंद छात्रों को अपने अध्ययन के लिए उसके मिल रही है बल्कि प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों को भी इसका लाभ मिल रहा है.