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राजस्थान पुलिस सोशल मीडिया पर फेक मैसेज को लेकर हुई सख्त, होगी कड़ी कार्रवाई

शहर में इन दिनों प्रदेश में बच्चा चुराने वाली गैंग को लेकर अनेक मैसेज सोशल मीडिया पर वायरल किए जा रहे हैं. जिसके चलते अनेक स्थानों पर गफलत की स्थिति उत्पन्न हो रही है.

राजस्थान पुलिस सोशल मीडिया पर फेक मैसेज को लेकर हुई सख्त, होगी कड़ी कार्रवाई
फेक मैसेज को लेकर अब पुलिस मुख्यालय सख्त हो गया है.

जयपुर: सोशल मीडिया पर फैल रहे फेक मैसेज को लेकर पुलिस मुख्यालय ने भी चिंता जताते हुए एक नई गाइडलाइन जारी की है. गाइडलाइन के अनुसार सोशल मीडिया पर फेक मैसेज वायरल करने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं.

शहर में इन दिनों प्रदेश में बच्चा चुराने वाली गैंग को लेकर अनेक मैसेज सोशल मीडिया पर वायरल किए जा रहे हैं. जिसके चलते अनेक स्थानों पर गफलत की स्थिति उत्पन्न हो रही है. यहां तक कि अनेक स्थानों पर बच्चा चुराने वाली गैंग में शामिल होने के आरोप लगाते हुए कुछ लोगों के साथ मारपीट करने के मामले भी सामने आए हैं. लोग अपनी कॉलोनी में किसी संदिग्ध को देखते ही उसे बच्चा चोर समझ रहे है. इसका कारण है कि सोशल मीडिया पर इस तरह के मैसेज जमकर फोरवर्ड किये जा रहे है. एक ही तरह की तस्वीरों को अलग अलग शहरों की दिखाकर लोग मैसेज भेज रहे है.

गौरलतब है कि, प्रदेश में पिछले कुछ दिनों में बच्चा चोर के नाम पर काफी झूठे मैसेज फैलाए गए हैं. ऐसा ही एक मामला सिंधी कैंप इलाके में हुआ था जब लोगों ने मनीलम होटल के पास बच्चा चोरी के आरोप में महिला को पकड़ा और बाद में मामला फेक निकला. जालूपुरा में भी महिला को बच्चा चोर समझकर लोगों ने पकड़ा. जब पुलिस ने जांच की तो मामला झूठा निरला.   

इसी तरह अलवर के रैणी में बच्चा चोर की आशंका पर लोगों ने यूपी के एक व्यक्ति को पकड़कर पीटा, लेकिन पुलिस की जांच में उस व्यक्ति के बच्चा चोर होने की बात झूठ साबित हुई. वहीं, अजमेर में फॉयसागर रोड पर बच्चा चोरी होने की कोई घटना ही नहीं हुई लेकिन सोशल मीडिया के माध्यम से 29 अगस्त को पूरे प्रदेश में अजमेर में बच्चा चोरी होने की खबर वायरल कर दी गयी.

भ्रमित मैसेज भेजने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई
वगीं, अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे है फेक मैसेज को लेकर पुलिस मुख्यालय सख्त हो गया है. उसने सभी जिलों में फेक मैसेज को लेकर सतर्कता बरतने के आदेश दिए हैं. सोशल मीडिया पर फेक मैसेज वायरल करने वाले व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश जारी किए गए हैं. एडीजी क्राइम बीएल सोनी का कहना है कि इन फेक वायरल मैसेज की वजह से लोग भ्रमित हो रहे है जिसके चलते कई जगहों पर शांति भंग होने के मामले सामने आ रहे है.

पुलिस मुख्यालय की ओर से अब सोशल मीडिया पर नजर रखी जायेगी. जो इस तरह के भ्रमित करने वाले फेक मैसेज भेजेगा उसके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जायेगी. कुछ जिलों के एसपी की ओर से इस तरह के भ्रामक मैसेज से बचने के लिए पोस्टर भी जारी किये गए है.

सत्यापन के लिए पुलिस को दें सूचना
एडीजी क्राइम बीएल सोनी ने भी आमजन से अपील की है कि वह सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे फेक मैसेज पर ध्यान ना दें और यदि ऐसा कोई भी मैसेज उनके पास आता है तो इसकी सूचना तुरंत पुलिस कंट्रोल रूम में 100 नंबर पर फोन करके दें. पुलिस की ओर से इसका जल्द सत्यापन करवाया जायेगा जिससे आमजन को परेशानी ना हो.