लोकसभा चुनाव को लेकर BJP सक्रिय, जयपुर में अग्रिम संगठनों की हुई वर्कशॉप

बीजेपी ने कार्यकर्ताओं को इस साल होने वाले लोकसभा चुनाव की तैयारी को लेकर सभी 7 अग्रिम संगठनों की कार्यशाला बुलाई

लोकसभा चुनाव को लेकर BJP सक्रिय, जयपुर में अग्रिम संगठनों की हुई वर्कशॉप
पिछली बार बीजेपी ने प्रदेश की सभी 25 सीट पर जीत हासिल की थी

शशि मोहन/जयपुर: भारतीय जनता पार्टी लोकसभा चुनाव के लिए सक्रिय हो गई है. अबकी बार पार्टी किसी मोर्चे पर कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती. यही कारण है कि नए साल की पहली सबसे बड़ी बैठक बीजेपी के 7 अग्रिम मोर्चों के पदाधिकारियों के साथ की गई. पहली कार्यशाला में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने चुनाव में एकजुट होने का मंत्र दिया तो साथ ही प्रदेश की सभी 25 लोकसभा सीट जीतने का आह्वान भी कार्यकर्ताओं से किया.

बीजेपी प्रदेश में चुनाव हार गई है, लेकिन लोकसभा चुनाव में पार्टी इसे नहीं दोहराना चाहती. यही कारण है कि बीजेपी ने कार्यकर्ताओं की सुध लेना शुरू कर दिया है. कार्यकर्ताओं को इस साल होने वाले लोकसभा चुनाव की खातिर तैयार करने के लिए बीजेपी ने सभी 7 अग्रिम संगठनों की कार्यशाला बुलाई. इसके जरिए पार्टी ने यह जताने की कोशिश भी की, कि उसके लिए कार्यकर्ता और उसके अग्रिम संगठन की मूल आधार हैं. बीजेपी के प्रदेश मंत्री मुकेश दाधीच चाहते हैं कि पिछले दिनों राष्ट्रीय स्तर पर हुई बैठक में अलग-अलग मोर्चों को काम देना तय हुआ था उसी के तहत सभी संगठनों के प्रदेश पदाधिकारियों, जिला अध्यक्षों और महामंत्रियों को बुलाया गया है.

बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष रहे पूर्व मंत्री अरुण चतुर्वेदी भी मानते हैं कि इस कार्यशाला से कार्यकर्ता उत्साहित होगा. नए जोश के साथ पार्टी का वर्कर एक बार फिर मैदान में जाएगा तो चुनाव में पार्टी की मजबूत जीत तय है. उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव के लिए पार्टी को कोई नया लक्ष्य तय नहीं करना है, क्योंकि कार्यकर्ता भी यह जानता है कि प्रदेश में 25 लोकसभा सीटें हैं और पिछली बार बीजेपी ने सभी 25 सीट जीतकर इतिहास रचा था. चतुर्वेदी कहते हैं कि कार्यकर्ता इस बार भी इतिहास दोहराएगा.

बीजेपी ने कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने के लिए अग्रिम मोर्चों से शुरूआत तो कर दी है, लेकिन पार्टी का कार्यकर्ता भाषण की घुट्टी की बजाय तरजीह और सम्मान की अपेक्षा भी पार्टी से करता है. अबकी बार पार्टी भी कार्यकर्ता को पूरी तवज्जो देने का मानस बनाये हुए है, क्योंकि पार्टी का एक धड़ा मानता है कि विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी के खिलाफ नेगेटिव माहौल बनाने में भी कार्यकर्ता ही ज्यादा सक्रिय था, ऐसे में लोकसभा का समर जीतने के लिए उसकी नाराजगी तो दूर करनी ही होगी.