राजस्थान विधानसभा में विधायकों के प्रोटोकॉल पर BJP ने किया हंगामा, कांग्रेस ने कहा...

सरकार की ओर से मंत्री शांति धारीवाल ने वक्तव्य दिया था. जिसमें उन्होने स्वीकार किया कि जनप्रतिनिधियों के प्रोटोकॉल का उल्लघंन अधिकारी कर रहें है जो गम्भीर है. 

राजस्थान विधानसभा में विधायकों के प्रोटोकॉल पर BJP ने किया हंगामा, कांग्रेस ने कहा...
इस मामले में हंगामे के बीच ही सभापति राजेन्द्र पारीक ने चर्चा समाप्त कर दी.

जयपुर: राजस्थान विधानसभा में मंगलवार को विधायकों के प्रोटोकॉल पर सरकार के वक्तव्य के बाद बीजेपी विधायकों ने हंगामा कर दिया. बीजेपी विधायक अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर वेल में आ गए और सभापति राजेंद्र पारीक की समझाइश के बाद मामला शांत हुआ. दरअसल, सरकार की ओर से मंत्री शांति धारीवाल ने वक्तव्य दिया था. जिसमें उन्होने स्वीकार किया कि जनप्रतिनिधियों के प्रोटोकॉल का उल्लघंन अधिकारी कर रहें है जो गम्भीर है. ऐसे अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएगी. 

अपने वक्तव्य में धारीवाल ने कहा कि राजकीय धनराशि से निर्मित होने वाले राजकीय भवनों के शिलान्यास और अन्य राजकीय समारोह में स्थानीय जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित करना जरूरी है. धारीवाल ने कहा जनप्रतिनिधियों को समय पर सूचना दी जाए. लगातार देखा जा रहा है कि अधिकारियों की ओर से सरकार के परिपत्र की अवहेलना की जा रही है. परिपत्र में दिए गए 10 बिंदुओं की अवहेलना करने पर संबंधित अधिकारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई का प्रावधान है. 

वहीं, इस मामले पर बोलते हुए उपनेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने कहा कि विधानसभा की अध्यक्षीय व्यवस्था में अगर किसी जनप्रति निधि का सम्मान न हो तो उसके खिलाफ विशेषाधिकार हनन का मामला भी बनता है. नियम पहले से भी बने हुए है लेकिन उनकी पालना जरूरी है. अपने विधानसभा क्षेत्र का उदाहरण देते हुए राजेंद्र राठौड़ ने कहा कि उनके समय में अंबेडकर भवन का कार्यय पूरा लेकिन अब उसकी को तोड़कर फिर से उद्घाटन करवाया जा रहा है जो कि सही नहीं है. 

राजेंद्र राठौड़ ने कहा प्रोटोकॉल की जो लिस्ट बनी है, उसमें इसमें चीफ सैक्रेटरी से उपर हमे रखा जाता है. हमारे साथ हो क्या रहा है, जहाजपुर में तो विधायक को ग्राम सभा में नहीं जाने दिया गया. इनमे से एक दो के खिलाफ कार्यवाही हो ये पीड़ा सभी के मन में है. राजेंद्र राठौड़ ने सदन में कहा कि जिम्मेदारी से कह रहा हुआ समय का चक्र घूम रहा है और आप चाहते हो कि ऐसा ही हमने ऐसा किया तो आप क्या करोगे. विपक्ष के विधायक के कहने पर एईएन जेइएन नहीं आते है. व्यूरोक्रेसी को सिर पर नचा रहे हो तो आपको भी डसेंगे हमे भी डसेंगे. जो अधिकारी ऐसा कर रहे हैं उनके खिलाफ विशेषाधिकार हनन का मामला लगाया जाए तभी यह सुधरेंगे. शांति धारीवाल ने राजेंद्रर राठौड़ की बात का जवाब देने का प्रयास किया तो सभी बीजेपी विधायक वेल में आ गए और नारेबाजी करने लगे.

साथ ही, नेता प्रतिपक्ष गुलाब कटारिया ने कहा कि मुद्दा गंभीर है यह सिर्फ पक्ष और विपक्ष की बात नहीं है. जनप्रतिनिधि आप भी हो सकते हैं, हम भी हो सकते हैं. कई बार निर्देश जारी हो चुके है. चर्चा होती है लेकिन इसका समाधान नही हो रहा है. मैं चाहता हुं कि सदन में पहले भी यह विषय उठ चुके हैं चर्चा हो चुकी जहां-जहां ऐसी घटना हुई जिस जिस अधिकारी की उपस्थिति में हुई उसे इकट्ठा करके जांच करके अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए. यदि दंड नहीं दोगे तो मामला निरर्थक हो जायेगा और उस पर कार्यवाही होगी तो ही मामला सही होगा. 

कटारिया ने सभापति से कहा कि जहाजपुर में तो हाथापाई की स्थिती आ गयी लोकतंत्र के आसन पर आप बैठे है तो आसन की भी जिम्मेदारी है, आप इसकी पुख्ता व्यवस्था करें. इस पर जहाजपुर के सदस्य को बोलने के लिए बीजेपी के नेताओं ने अपील की जिसके सभापति राजेन्द्र पारीक ने अनुमति नहीं दी. सुबह अपनी राजेंद्र पारीक ने कहा की ये गम्भीर मामला है लेकिन इस पर शाम तक चर्चा नहीं हो सकती है. जिस तरह की घटना हुई है वो अध्यक्ष को अपनी बात भेज दे. मंत्री इसको तय करे कि कुछ करवाई हो.

धारीवाल ने कहा कि परिपत्र पहले भी निकल चुके हैं. 2018 के रिपत्र में दो बिंदू थे अब 10 बिंदू हैं. मंडेलिया उद्घाटन पट्टी तोड़कर दोबारा लगाने की बात पर धारीवाल ने कहा कि अगर कोई आदमी कुछ भी कह दे उसका वो क्या कर सकतें है. इस पर एक बार फिर सदन में हंगाम हुआ और बीजेपी के विधायक वैल में आ गये और हंगामा करने लगे. इस मामले में हंगामे के बीच ही सभापति राजेन्द्र पारीक ने चर्चा समाप्त कर दी.